फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   स्टाफ सदस्यों ने पुलिस को घेरा

स्टाफ सदस्यों ने पुलिस को घेरा

Sat, 11 Nov 2017 12:14 AM IST
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:14 AM IST
विज्ञापन
स्टाफ सदस्यों ने पुलिस को घेरा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति की महिला विंग की अध्यक्ष निर्मला दहिया के सिविल लाइन थाना पुलिस अरेस्ट वारंट लेकर एचएयू के एटिक डिपार्टमेंट में पहुंची। महिला स्टाफ को साथ लेकर पहुंची पुलिस निर्मला दहिया को गिरफ्तार नहीं कर पाई। मौके पर मौजूद स्टाफ सदस्यों ने उन्हें पुलिस को नहीं ले जाने दिया। दरअसल निर्मला दहिया ने पुलिस से अरेस्ट वारंट दिखाने के लिए कहा। वारंट में निर्मला दहिया का नाम निर्मला और पति का नाम भी गलत था। इतना ही नहीं उसका घर का पता भी गलत था। इस कारण उन्होंने इसे आधार बनाते हुए विरोध कर दिया। विरोध के बाद वहां स्टाफ एकत्रित हो गया। पुलिस को बिना गिरफ्तारी के ही वापस लौटना पड़ा। इस मामले की सूचना जाट आरक्षण संघर्ष समिति के उच्च पदाधिकारियों के पास भी पहुंच गई।
यह था मामला
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सदर थाना पुलिस ने मय्यड़ में रोड जाम करने के मामले में 27 जुलाई 2015 को केस दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था। अदालत ने इस मामले में पेश होने के लिए कई बार उन्हें समन भेेजा, लेकिन वे नहीं पहुंची। हालांकि निर्मला का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई भी समन नहीं मिला। इसी मामले को देखते हुए कोर्ट ने उसके अरेस्ट वारंट जारी कर दिए।
विज्ञापन

निर्मला दहिया बोलीं, सरकार हड़बड़ाहट में
निर्मला दहिया ने कहा कि वे एचएयू में क्लर्क हैं। वह पिछले तीन साल से किसी कार्यक्रम में भाग नहीं ले रहीं, लेकिन सरकार खुद रोहतक में होने वाली रैली से हड़बड़ाहट में है। इसी के चलते मुझे गिरफ्तार करने का दबाव बना रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed