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दूसरी डेडलाइन खत्म होने में महज छह दिन शेष, सड़कों पर 30 फीसदी लावारिश पशु
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:35 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
प्रदेश सरकार की ओर से दी गई दूसरी डेडलाइन पर भी जिला स्ट्रे कैटल फ्री नहीं हो पाएगा। सरकार की ओर से करीब छह महीने पहले 30 जून की डेडलाइन दी गई थी। बाद में इसे आगे बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया था। दूसरी डेडलाइन खत्म होने में महज पांच दिन शेष होने के बावजूद 30 प्रतिशत पशु सड़कों पर हैं।
विधानसभा चुनाव में लावारिस पशु बड़ा मुद्दा बनाए गए थे। भाजपा की ओर से जिले को पशु मुक्त करने का वादा किया गया था। भाजपा की सरकार बनने के बाद सीएम मनोहर लाल ने पहली बार हिसार पहुंचते ही हिसार को लावारिस पशु मुक्त करने के लिए एलान किया था। प्रदेश का पहला गो अभ्यारण्य हिसार में ही बनाने का निर्णय किया गया था। सरकार के एक हजार दिन बीतने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हो सका है। जनवरी में प्रदेश के 11 जिलों को लावारिस पशु मुक्त करने के लिए 30 जून की डेडलाइन दी गई थी, जिसमें हिसार को शामिल किया गया था। जिले में 13 हजार 467 से अधिक लावारिस पशु आंके गए थे। प्रशासन की ओर से गांवों में पशु बाड़े बनवाए गए हैं। करीब 7105 लावारिस पशुओं को पकड़कर पशु बाड़े और गोशालाओं में भेजा गया है। इसके अलावा करीब 1800 लावारिस नंदी धान्सू रोड स्थित बाड़े में रखे गए हैं।
टैग के साथ दिया यूनिक नंबर
जिले में सभी गोवंश को यूनिक कोड देने में करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। गोशालाओं के करीब 32 हजार गोवंश को पिंक कलर का टैग लगाया है। 7105 लावारिस गोवंश को ब्लू कलर के टैग लगाए गए हैं। करीब 13467 लावारिस गोवंश में से 7105 को नंबर दे दिया गया है। करीब 6362 गोवंश को नंबर देने का काम बकाया है। घरों में बंधी गाय को येलो कलर का टैग दिया गया है।
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पहले फेज में चार जिलों ने हासिल किया मुकाम
रिपोर्ट के अनुसार फर्स्ट फेज में फतेहाबाद, यमुनानगर, मेवात जिले को स्ट्रे कैटल फ्री घोषित किया है। अंबाला में 46, हिसार में 70, करनाल में 43, कुरुक्षेत्र में 59, पंचकूला में 29, पानीपत में 83, रेवाड़ी में 56, सिरसा में 63 प्रतिशत पशुओं को सड़कों से हटाया जा चुका है।
हमारी ओर से डेडलाइन पर जिले को पशु मुक्त करने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार को भी इस बारे में अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश जारी किए हैं। अगले सप्ताह से गो अभयारण्य को शुरू करने की तैयारी है।
- एएस मान, एडीसी, हिसार
-31 जुलाई तक कैटल फ्री नहीं हो पाएगा जिला, पहले 30 जून थी डेडलाइन
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हिसार।
प्रदेश सरकार की ओर से दी गई दूसरी डेडलाइन पर भी जिला स्ट्रे कैटल फ्री नहीं हो पाएगा। सरकार की ओर से करीब छह महीने पहले 30 जून की डेडलाइन दी गई थी। बाद में इसे आगे बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया गया था। दूसरी डेडलाइन खत्म होने में महज पांच दिन शेष होने के बावजूद 30 प्रतिशत पशु सड़कों पर हैं।
विधानसभा चुनाव में लावारिस पशु बड़ा मुद्दा बनाए गए थे। भाजपा की ओर से जिले को पशु मुक्त करने का वादा किया गया था। भाजपा की सरकार बनने के बाद सीएम मनोहर लाल ने पहली बार हिसार पहुंचते ही हिसार को लावारिस पशु मुक्त करने के लिए एलान किया था। प्रदेश का पहला गो अभ्यारण्य हिसार में ही बनाने का निर्णय किया गया था। सरकार के एक हजार दिन बीतने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हो सका है। जनवरी में प्रदेश के 11 जिलों को लावारिस पशु मुक्त करने के लिए 30 जून की डेडलाइन दी गई थी, जिसमें हिसार को शामिल किया गया था। जिले में 13 हजार 467 से अधिक लावारिस पशु आंके गए थे। प्रशासन की ओर से गांवों में पशु बाड़े बनवाए गए हैं। करीब 7105 लावारिस पशुओं को पकड़कर पशु बाड़े और गोशालाओं में भेजा गया है। इसके अलावा करीब 1800 लावारिस नंदी धान्सू रोड स्थित बाड़े में रखे गए हैं।
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टैग के साथ दिया यूनिक नंबर
जिले में सभी गोवंश को यूनिक कोड देने में करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। गोशालाओं के करीब 32 हजार गोवंश को पिंक कलर का टैग लगाया है। 7105 लावारिस गोवंश को ब्लू कलर के टैग लगाए गए हैं। करीब 13467 लावारिस गोवंश में से 7105 को नंबर दे दिया गया है। करीब 6362 गोवंश को नंबर देने का काम बकाया है। घरों में बंधी गाय को येलो कलर का टैग दिया गया है।
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पहले फेज में चार जिलों ने हासिल किया मुकाम
रिपोर्ट के अनुसार फर्स्ट फेज में फतेहाबाद, यमुनानगर, मेवात जिले को स्ट्रे कैटल फ्री घोषित किया है। अंबाला में 46, हिसार में 70, करनाल में 43, कुरुक्षेत्र में 59, पंचकूला में 29, पानीपत में 83, रेवाड़ी में 56, सिरसा में 63 प्रतिशत पशुओं को सड़कों से हटाया जा चुका है।
हमारी ओर से डेडलाइन पर जिले को पशु मुक्त करने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार को भी इस बारे में अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश जारी किए हैं। अगले सप्ताह से गो अभयारण्य को शुरू करने की तैयारी है।
- एएस मान, एडीसी, हिसार
-31 जुलाई तक कैटल फ्री नहीं हो पाएगा जिला, पहले 30 जून थी डेडलाइन