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Hisar News: कैंसर ग्रस्त 72 वर्षीय सतबीर सिंह 100 डिग्री बुखार में भी दौड़े और जीत लाए स्वर्ण समेत तीन पदक
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सतबीर सिंह पूनिया।
हिसार। कैंसर का नाम सुनते ही लोगों की रूह कांप उठती है, मगर हिसार की डीसी कॉलोनी के रहने वाले कैंसरग्रस्त 72 वर्षीय सतबीर सिंह पूनिया हौसले से कठिन दौर को मात दे रहे हैं। वर्ष 2016 में उन्होंने एथलेटिक्स का अभ्यास शुरू किया। 2019 में उन्हें कैंसर का पता चला लेकिन अभ्यास जारी रखा। अब सतबीर पूनिया ने दिल्ली के सीडब्ल्यूजी विलेज कॉम्प्लेक्स में 11 से 13 अप्रैल तक चले खेलो मास्टर्स गेम्स में 100 डिग्री बुखार होने के बावजूद स्वर्ण समेत तीन पदक अपने नाम किए।
उन्होंने तीन किलोमीटर वॉक में स्वर्ण, 800 मीटर रेस में रजत और 1500 मीटर रेस में कांस्य पदक जीता। अब वे हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 20 अप्रैल से शुरू होने वाले नेशनल मास्टर्स गेम्स में दमखम दिखाएंगे। वह रोजाना एचएयू के गिरी सेंटर में सात से 10 किलोमीटर दौड़ का अभ्यास कर रहे हैं। एथलीट सतबीर सिंह पूनिया बताते हैं कि अब तक राज्य से राष्ट्रीय स्तर पर 100 से ज्यादा पदक जीत चुके हैं। 2019 में उन्हें गदूद में कैंसर का पता चला था, जोकि तीसरी स्टेज पर था। मगर उन्होंने हिम्मत नहीं जारी और जिंदगी की जंग को जारी रखा। वह साधारण खाना खाते हैं और उनका स्वास्थ्य अब पहले से बेहतर है। सतबीर पूनिया इस उम्र में पदक जीत युवाओं के लिए रोल मॉडल बने हैं।
बुखार नहीं होता तो जीत लाता सोना ही सोना
सतबीर सिंह पूनिया बताते हैं कि जब वह खेलो मास्टर्स गेम्स में भाग ले रहे थे तो उन्हें 100 डिग्री बुखार था। थकावट के कारण शरीर टूट रहा था। बुखार नहीं होता तो वह तीनों इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर लाता। अब वह 20 अप्रैल से होने वाले नेशनल मास्टर्स गेम्स में दमखम दिखाएंगे। इसके लिए वह 19 अप्रैल को धर्मशाला के लिए रवाना होंगे।
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यूं शुरू हुआ खेल का सफर
एथलीट सतबीर पूनिया ने बताया कि 2016 की बात है। जब अर्बन एस्टेट-2 पार्क में घूमने जाते थे। एक दिन की बात है कि पार्क में घूम रहे दोस्तों ने कहा कि सतबीर आप बहुत अच्छी तरह वॉक करते हो। क्यों न आप भी एथलेटिक्स शुरू कर दो। इसके बाद एक दिन अखबार में एचएयू के गिरी सेंटर में चैंपियनशिप होने की खबर पढ़ी। खबर पढ़कर उन्होंने चैंपियनशिप में पांच किलोमीटर वॉक में हिस्सा लिया। पहली बार में स्वर्ण पदक जीत लिया। धीरे-धीरे एथलेटिक्स में रूचि बढ़ती चली गई और खेल का सफर शुरू हो गया।
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उन्होंने तीन किलोमीटर वॉक में स्वर्ण, 800 मीटर रेस में रजत और 1500 मीटर रेस में कांस्य पदक जीता। अब वे हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 20 अप्रैल से शुरू होने वाले नेशनल मास्टर्स गेम्स में दमखम दिखाएंगे। वह रोजाना एचएयू के गिरी सेंटर में सात से 10 किलोमीटर दौड़ का अभ्यास कर रहे हैं। एथलीट सतबीर सिंह पूनिया बताते हैं कि अब तक राज्य से राष्ट्रीय स्तर पर 100 से ज्यादा पदक जीत चुके हैं। 2019 में उन्हें गदूद में कैंसर का पता चला था, जोकि तीसरी स्टेज पर था। मगर उन्होंने हिम्मत नहीं जारी और जिंदगी की जंग को जारी रखा। वह साधारण खाना खाते हैं और उनका स्वास्थ्य अब पहले से बेहतर है। सतबीर पूनिया इस उम्र में पदक जीत युवाओं के लिए रोल मॉडल बने हैं।
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बुखार नहीं होता तो जीत लाता सोना ही सोना
सतबीर सिंह पूनिया बताते हैं कि जब वह खेलो मास्टर्स गेम्स में भाग ले रहे थे तो उन्हें 100 डिग्री बुखार था। थकावट के कारण शरीर टूट रहा था। बुखार नहीं होता तो वह तीनों इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर लाता। अब वह 20 अप्रैल से होने वाले नेशनल मास्टर्स गेम्स में दमखम दिखाएंगे। इसके लिए वह 19 अप्रैल को धर्मशाला के लिए रवाना होंगे।
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यूं शुरू हुआ खेल का सफर
एथलीट सतबीर पूनिया ने बताया कि 2016 की बात है। जब अर्बन एस्टेट-2 पार्क में घूमने जाते थे। एक दिन की बात है कि पार्क में घूम रहे दोस्तों ने कहा कि सतबीर आप बहुत अच्छी तरह वॉक करते हो। क्यों न आप भी एथलेटिक्स शुरू कर दो। इसके बाद एक दिन अखबार में एचएयू के गिरी सेंटर में चैंपियनशिप होने की खबर पढ़ी। खबर पढ़कर उन्होंने चैंपियनशिप में पांच किलोमीटर वॉक में हिस्सा लिया। पहली बार में स्वर्ण पदक जीत लिया। धीरे-धीरे एथलेटिक्स में रूचि बढ़ती चली गई और खेल का सफर शुरू हो गया।