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किसान आंदोलन का नारनौंद में रहा मिला-जुला असर, दो रिजर्व तैनात
Updated Sat, 02 Jun 2018 12:08 AM IST
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नारनौंद।
किसान आंदोलन को लेकर नारनौंद क्षेत्र में मिला-जुला असर देखने को मिला। आंदोलन के चलते प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए हैं। कई जगहों पर पुलिस बल को तैनात किया गया है। क्षेत्र में आंदोलन के पहले दिन कोई भी अप्रिय घटना नहीं घटी। किसान नेताओं ने सरकार को चेताया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने 1 से 10 जून तक बंद का एलान किया है। पहले दिन कुछ किसान दूध व सब्जी बेचने के लिए शहरों में गए तो कुछ किसानों ने दूध व सब्जी गांव में ही जरूरतमंदों को बांट दी। आंदोलन को सफल बनाने के लिए किसान नेता गांव-गांव जाकर मुनादी करवाते रहे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर खेड़ी चौपटा के नायब तहसीलदार जोगेंद्र सिंह को नियुक्त किया गया और पुलिस की दो रिजर्व कंपनियों को जगह-जगह तैनात किया। किसान नेता सुरेश कोथ ने बताया कि आंदोलन का पहला दिन था। जैसे-जैसे आंदोलन आगे बढ़ेगा, इसमें और भी किसान जुड़ते जाएंगे। सभी किसानों को एकजुट होकर इस आंदोलन को सफल बनाना होगा ताकि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर हो जाए।
किसान आंदोलन को लेकर नारनौंद क्षेत्र में मिला-जुला असर देखने को मिला। आंदोलन के चलते प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए हैं। कई जगहों पर पुलिस बल को तैनात किया गया है। क्षेत्र में आंदोलन के पहले दिन कोई भी अप्रिय घटना नहीं घटी। किसान नेताओं ने सरकार को चेताया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने 1 से 10 जून तक बंद का एलान किया है। पहले दिन कुछ किसान दूध व सब्जी बेचने के लिए शहरों में गए तो कुछ किसानों ने दूध व सब्जी गांव में ही जरूरतमंदों को बांट दी। आंदोलन को सफल बनाने के लिए किसान नेता गांव-गांव जाकर मुनादी करवाते रहे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर खेड़ी चौपटा के नायब तहसीलदार जोगेंद्र सिंह को नियुक्त किया गया और पुलिस की दो रिजर्व कंपनियों को जगह-जगह तैनात किया। किसान नेता सुरेश कोथ ने बताया कि आंदोलन का पहला दिन था। जैसे-जैसे आंदोलन आगे बढ़ेगा, इसमें और भी किसान जुड़ते जाएंगे। सभी किसानों को एकजुट होकर इस आंदोलन को सफल बनाना होगा ताकि सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर हो जाए।