{"_id":"59a9af324f1c1b11278b4d24","slug":"71504292658-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फील्ड रिपोर्ट लेने भगाना पहुंची अधिकारियों की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फील्ड रिपोर्ट लेने भगाना पहुंची अधिकारियों की टीम
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को गांव भगाना का मुआयना कर फील्ड रिपोर्ट ली। टीम की ओर से जल्द ही फाइनल रिपोर्ट तैयार कर मानव अधिकार आयोग को भेजी जाएगी। ग्रामीणों की ओर से अनुसूचित वर्ग के 223 लोगों को गांव के बाहर मेन रोड पर लगती जमीन में 100-100 गज के प्लॉट देने में काफी हद तक सहमति बन गई है।
मानव अधिकार आयोग की ओर से गठित कमेटी ने 23 अगस्त को भगाना गांव का मुआयना कर रिपोर्ट ली थी, जिसमें पीड़ितों को प्लॉट देकर गांव में बसाने का मामला सामने आया था। इसमें पंचायत की ओर से दी जा रही जमीन पर अनुसूचित वर्ग के लोग प्लॉट नहीं लेना चाह रहे थे। अनुसूचित वर्ग के लोग गांव से बाहर मेन रोड केे साथ लगती जमीन पर प्लाट की मांग कर रहे थे, जिस पर रिटायर्ड जस्टिस की कमेटी ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। शुक्रवार को एसडीएम अशोक बंसल, डीडीपीओ अशवीर नैन, जिला राजस्व अधिकारी राजेंद्र जांगड़ा, नायब तहसीलदार एचके गुप्ता सहित अन्य अधिकारी गांव भगाना पहुंचे। इन अधिकारियों ने गांव के लोगों से उनकी राय जानी। इस पर ग्रामीणों ने इस मुद्दे को हल करने के गांव के बाहरी हिस्से की जमीन में प्लॉट देने को लेकर सहमति दी। जल्द ही प्रशासन की ओर से यह रिपोर्ट तैयार कर आला अधिकारियों को दी जाएगी। इस मामले में प्रशासन को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जवाब देना है।
विज्ञापन
हिसार।
अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को गांव भगाना का मुआयना कर फील्ड रिपोर्ट ली। टीम की ओर से जल्द ही फाइनल रिपोर्ट तैयार कर मानव अधिकार आयोग को भेजी जाएगी। ग्रामीणों की ओर से अनुसूचित वर्ग के 223 लोगों को गांव के बाहर मेन रोड पर लगती जमीन में 100-100 गज के प्लॉट देने में काफी हद तक सहमति बन गई है।
मानव अधिकार आयोग की ओर से गठित कमेटी ने 23 अगस्त को भगाना गांव का मुआयना कर रिपोर्ट ली थी, जिसमें पीड़ितों को प्लॉट देकर गांव में बसाने का मामला सामने आया था। इसमें पंचायत की ओर से दी जा रही जमीन पर अनुसूचित वर्ग के लोग प्लॉट नहीं लेना चाह रहे थे। अनुसूचित वर्ग के लोग गांव से बाहर मेन रोड केे साथ लगती जमीन पर प्लाट की मांग कर रहे थे, जिस पर रिटायर्ड जस्टिस की कमेटी ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। शुक्रवार को एसडीएम अशोक बंसल, डीडीपीओ अशवीर नैन, जिला राजस्व अधिकारी राजेंद्र जांगड़ा, नायब तहसीलदार एचके गुप्ता सहित अन्य अधिकारी गांव भगाना पहुंचे। इन अधिकारियों ने गांव के लोगों से उनकी राय जानी। इस पर ग्रामीणों ने इस मुद्दे को हल करने के गांव के बाहरी हिस्से की जमीन में प्लॉट देने को लेकर सहमति दी। जल्द ही प्रशासन की ओर से यह रिपोर्ट तैयार कर आला अधिकारियों को दी जाएगी। इस मामले में प्रशासन को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जवाब देना है।
विज्ञापन