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Hisar News: 250 निजी अस्पताल के 700 चिकित्सक रहे हड़ताल पर, 20 हजार से ज्यादा ओपीडी रही प्रभावित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Apr 2023 09:47 PM IST
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700 doctors of 250 private hospitals are on strike, more than 20 thousand OPDs affected
हिसार में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते क्रांतिमान पारक में बैठक करते विभिन्न हॉस्पिटल के डॉक्टर। 
हिसार। जिले में मंगलवार को आईएमए के आह्वान पर राजस्थान के चिकित्सकों के समर्थन में 250 निजी अस्पतालों के 700 चिकित्सक हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते 20 हजार से ज्यादा ओपीडी प्रभावित रही। दिनभर मरीज और उनके तीमारदार इलाज के लिए भटकते नजर आए। निजी अस्पतालों में उपचार न मिलने पर मरीजों को नागरिक अस्पताल, जिंदल अस्पताल और मेेडिकल कॉलेज अग्रोहा जाना पड़ा। सीमा के साथ लगते राजस्थान के काफी मरीज उपचार करवाने के लिए शहर के निजी अस्पतालों में पहुंचे। यहां पर भी ओपीडी बंद होने के कारण नागरिक अस्पताल गए, लेकिन यहां अवकाश के कारण ओपीडी बंद मिली। इस दौरान दोपहर एक बजे तक नागरिक अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में 127 मरीजों ने उपचार लिया। सरकारी अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में दो चिकित्सकों के अलावा 6 कंसल्टेंट और नर्सिंग ऑफिसर को तैनात किया गया था।
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जानकारी के अनुसार राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में चिकित्सकों की हड़ताल जारी है। उनके समर्थन में हिसार के निजी अस्पतालों में करीब सात घंटे मंगलवार को ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं बंद रहीं। निजी अस्पताल के चिकित्सकों की सुबह छह बजे हड़ताल शुरू हुई। इसके बाद करीब 10 बजे क्रांतिमान पार्क में बैठक कर मांगों पर चर्चा की। हालांकि दोपहर एक बजे हड़ताल समाप्त कर दी। हड़ताल में नीमा एसोसिएशन भी शामिल रही। आईएमए के कार्यकारी प्रधान डॉ. राकेश के अलावा डाॅ. जेपी नलवा, डाॅ. सेतिया ने कहा कि वे राजस्थान के चिकित्सकों के साथ है। चिकित्सकों ने कहा कि आईएमए भी अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत है, लेकिन अभी सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया है।
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दोपहर तक भटकते रहे मरीज

आईएमए के आह्वान पर मंगलवार सुबह 6 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक निजी अस्पतालों में ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं बंद थी। सुबह से दोपहर तक मरीज एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भटकते रहे। जींद के आए हरियाणवी कलाकार महेंद्र झंडू काफी देर तक शहर में एक निजी अस्पताल के बाहर इंतजार करते रहे। उनके पैर का ऑपरेशन हुआ था, जब उन्होंने बताया कि वे पुराने मरीज है तो उन्हें अंदर ले जाया गया। उनका कहना था कि अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं बंद नहीं होनी चाहिए। जवाहर नगर से आए विजय ने बताया कि उनके पेट में दर्द था। दवा लेने के लिए निजी अस्पताल में आया था, लेकिन ओपीडी बंद होने के कारण दवा नहीं मिली। इसके बाद नागरिक अस्पताल से दवा लेकर आया।
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नागरिक अस्पताल में पहुंचे दवा लेने

निजी अस्पताल में चिकित्सकों की हड़ताल के चलते मरीज दवा लेने के लिए नागरिक अस्पताल के आपातकालीन कक्ष पहुंचे। दोपहर एक बजे तक 127 मरीजों ने उपचार लिया। गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए आपातकालीन कक्ष में दो चिकित्सकों के अलावा 6 कंसल्टेंट और नर्सिंग ऑफिसर की ड्यूटी लगाई हुई थी।
एक बड़े निजी अस्पताल में जारी थी ओपीडी
आईएमए की कॉल पर शहर के निजी अस्पताल के चिकित्सक हड़ताल पर थे। वहीं शहर के एक बड़े अस्पलाल में गुपचुप तरीके से ओपीडी जारी थी। पंजाब के मानसा की रहने वाली एक महिला को पेट में दर्द के चलते परिजन अस्पताल लेकर पहुंचें। ओपीडी और एमरजेंसी बंद होने के बावजूद भी काउंटर पर बैठे युवक ने ओपीडी की पर्ची काटी।

निजी अस्पताल के चिकित्सकों की हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में पूरी व्यवस्था की हुई थी। मरीजों को उपचार मिलने में देरी न हो इसलिए दो चिकित्सकों के अलावा नर्सिंग ऑफिसर की ड्यूटी लगाई हुई थी। अस्पताल में आने वाले मरीजों को कोई परेशानी नहीं हुई। - डाॅ. धमेंद्र, कार्यकारी पीएमओ
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