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Hisar: भाईचारे के मंच पर निर्विरोध चुने 3839 पंचों में से 2374 पंच, 6 सरपंच, बनी सर्वसहमति
Thu, 17 Nov 2022 11:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
सुरेंद्र दलाल, अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
सुरेंद्र दलाल, अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Nov 2022 11:33 AM IST
सार
भाईचारे से हिसार के 61 प्रतिशत पंच और छह सरपंच बिना वोटिंग चुने गए हैं। 3839 पंचों में से 2374 बिना मतदान ही विजेता घोषित किए गए हैं। वर्ष 2016 में 15 सरपंच सर्वसहमति से चुने गए थे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : i stock
विस्तार
पंचायती राज चुनावों में ग्रामीणों ने भाईचारे की मिसाल कायम करते हुए 61 प्रतिशत पंच और छह सरपंच सर्वसहमति से चुन लिए गए हैं। जिले में कुल 3839 पंचों के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिसमें 2374 पंच बिना मतदान के ही चुन लिए गए हैं। इन सभी पंचों को जीत का सर्टिफिकेट दे दिया गया है। वर्ष 2016 में 2375 पंच और 15 सरपंच सर्वसहमति से चुने गए थे।
जिले में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव चिह्न लेकर प्रत्याशी मैदान में उतर गए हैं। अगर वर्ष 2016 से तुलना करें तो इस बार सर्वसहमति से सरपंच चुने जाने की संख्या आधी से भी कम हो गई। पिछली योजना में 15 सरपंचों के पद पर सहमति बन गई थी।
इस बार 6 पंचायतों में सहमति बन सकी। इसमें पिछली बार सहमति बनाने वाली एक भी पंचायत शामिल नहीं है। सर्वसहमति से पंच चुने जाने में इस बार पिछले चुनाव के लगभग बराबर आंकड़ा है। वर्ष 2016 में 2375 पंच बिना मतदान के चुन लिए गए थे। इस बार 2374 पंच बिना वोटिंग कराए ही चुने गए हैं। जिले में 90 पंचों के पदों के लिए नामांकन नहीं आया है। पंचायत समिति के 15 सदस्य सर्वसहमति से चुन लिए गए थे। इस बार यह संख्या 8 पर सीमित है।
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वर्ष 2016 में यहां चला भाईचारा
खंड कुल पंच सर्वसहमति से चुने
पिछली बार यहां सर्वसम्मति से चुने गए थे सरपंच : वर्ष 2016 में मीरपुर, चानौत, ढाणी केंदू, लालपुरा, सिंघवा राघो, जामनी खेड़ा, बालावास, दुबेटा, स्याहड़वा, भिवानी रोहिल्ला, पाली, बिठमड़ा, कलरभैनी, लितानी, सूरेवाला में भाईचारा जिंदाबाद रहा था।
इस बार सर्वसहमति से चुने गए सरपंच
कुंदनपुरा, कालवास, महलसरा, ढाणा खुर्द, मेहंदा, मंगाली जाटान
ईशरहेड़ी में होगा उपचुनाव
गांव ईशरहेड़ी में सरपंच पद के लिए कोई नामांकन नहीं आया। सरपंच पद बीसी ए के लिए आरक्षित किया गया था। इस वर्ग का कोई भी मतदाता न होने के कारण यहां कोई आवेदन नहीं आया। अधिकारियों ने इस गांव का नाम उपचुनाव के लिए भेजा गया है। इसके अलावा 90 पंचों के लिए भी उपचुनाव कराया जाएगा।
जिले में 2374 पंच बिना सर्वसम्मति से चुने गए हैं। इन पदों पर एक ही आवेदन होने के कारण यहां मतदान नहीं कराया जाएगा। जिले में 6 सरपंच भी सर्वसम्मति से चुने गए हैं। एक गांव में सरपंच पद के लिए कोई नामांकन नहीं है, जहां उपचुनाव कराया जाएगा। - सुभाष शर्मा, जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी, हिसार
सहमति बनने का कारण शर्त व आरक्षण
पंच पदों पर सर्वसहमति बनने के पीछे बड़े कारण आरक्षण व शर्तें हैं। पांचवीं से लेकर आठवीं तक शिक्षित होने की शर्त के चलते काफी बुजुर्ग लोग आवेदन नहीं कर पाते। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण के कारण भी नामांकन की संख्या कम हो रही है। ऐसे में सर्वसहमति बनने के आसार बढ़ जाते हैं। पंच का अब अधिक महत्व भी नहीं रहा। इस कारण भी लोग पंच पद को लेकर उत्साहित नहीं रहते।
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जिले में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव चिह्न लेकर प्रत्याशी मैदान में उतर गए हैं। अगर वर्ष 2016 से तुलना करें तो इस बार सर्वसहमति से सरपंच चुने जाने की संख्या आधी से भी कम हो गई। पिछली योजना में 15 सरपंचों के पद पर सहमति बन गई थी।
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इस बार 6 पंचायतों में सहमति बन सकी। इसमें पिछली बार सहमति बनाने वाली एक भी पंचायत शामिल नहीं है। सर्वसहमति से पंच चुने जाने में इस बार पिछले चुनाव के लगभग बराबर आंकड़ा है। वर्ष 2016 में 2375 पंच बिना मतदान के चुन लिए गए थे। इस बार 2374 पंच बिना वोटिंग कराए ही चुने गए हैं। जिले में 90 पंचों के पदों के लिए नामांकन नहीं आया है। पंचायत समिति के 15 सदस्य सर्वसहमति से चुन लिए गए थे। इस बार यह संख्या 8 पर सीमित है।
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वर्ष 2016 में यहां चला भाईचारा
खंड कुल पंच सर्वसहमति से चुने
- आदमपुर 318 261
- अग्रोहा 302 199
- बरवाला 558 368
- हांसी-प्रथम 656 423
- हांसी-द्वितीय 300 215
- हिसार-प्रथम 560 339
- हिसार-द्वितीय 516 160
- नारनौंद 376 223
- उकलाना 253 186
- कुल 3839 2374
पिछली बार यहां सर्वसम्मति से चुने गए थे सरपंच : वर्ष 2016 में मीरपुर, चानौत, ढाणी केंदू, लालपुरा, सिंघवा राघो, जामनी खेड़ा, बालावास, दुबेटा, स्याहड़वा, भिवानी रोहिल्ला, पाली, बिठमड़ा, कलरभैनी, लितानी, सूरेवाला में भाईचारा जिंदाबाद रहा था।
इस बार सर्वसहमति से चुने गए सरपंच
कुंदनपुरा, कालवास, महलसरा, ढाणा खुर्द, मेहंदा, मंगाली जाटान
ईशरहेड़ी में होगा उपचुनाव
गांव ईशरहेड़ी में सरपंच पद के लिए कोई नामांकन नहीं आया। सरपंच पद बीसी ए के लिए आरक्षित किया गया था। इस वर्ग का कोई भी मतदाता न होने के कारण यहां कोई आवेदन नहीं आया। अधिकारियों ने इस गांव का नाम उपचुनाव के लिए भेजा गया है। इसके अलावा 90 पंचों के लिए भी उपचुनाव कराया जाएगा।
जिले में 2374 पंच बिना सर्वसम्मति से चुने गए हैं। इन पदों पर एक ही आवेदन होने के कारण यहां मतदान नहीं कराया जाएगा। जिले में 6 सरपंच भी सर्वसम्मति से चुने गए हैं। एक गांव में सरपंच पद के लिए कोई नामांकन नहीं है, जहां उपचुनाव कराया जाएगा। - सुभाष शर्मा, जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी, हिसार
सहमति बनने का कारण शर्त व आरक्षण
पंच पदों पर सर्वसहमति बनने के पीछे बड़े कारण आरक्षण व शर्तें हैं। पांचवीं से लेकर आठवीं तक शिक्षित होने की शर्त के चलते काफी बुजुर्ग लोग आवेदन नहीं कर पाते। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण के कारण भी नामांकन की संख्या कम हो रही है। ऐसे में सर्वसहमति बनने के आसार बढ़ जाते हैं। पंच का अब अधिक महत्व भी नहीं रहा। इस कारण भी लोग पंच पद को लेकर उत्साहित नहीं रहते।