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मीड डे मील वर्करों को मिले अठारह हजार रुपये प्रतिमाह वेतन
Updated Tue, 25 Sep 2018 01:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। मिड-डे-मील वर्कर्स की ओर से उपायुक्त कार्यालय पर प्रर्दशन किया गया। इस प्रर्दशन की अध्यक्षता करते हुए अंग्रेज देवी ने बताया कि सरकार मिड-डे-मील वर्कर्स को सिर्फ 3500 रुपये महीना वेतन दे रही है। उनके अनुसार जो महिलाएं कार्यक्रमों में खाना बनाने का काम करती है वह एक दिन का छह सौ रुपये तक लेती है। जबकि मिड-डे-मील वर्कर्स को सिर्फ सौ रुपये प्रतिदिन के ही मिलते है। उनका छुट्टियों का पैसा भी काट लिया जाता है। इसके अलावा कई बार गैस खत्म हो जाने पर खुद से ईंधन का इंतजाम करना पड़ता है। वर्कर्स ने मांग रखते हुए उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अपनी मांगों ने उन्होने वर्दी के पैसे देने, स्वास्थ्य बीमा करवाने व वेतन बढ़वाने की मांग रखी। प्रर्दशन में वर्कर्स सुनिता, दर्षना, गुड्डी, कमलेश, सुमन, संतोष, मीना, मितलेष आदि शामिल थी।
हिसार। मिड-डे-मील वर्कर्स की ओर से उपायुक्त कार्यालय पर प्रर्दशन किया गया। इस प्रर्दशन की अध्यक्षता करते हुए अंग्रेज देवी ने बताया कि सरकार मिड-डे-मील वर्कर्स को सिर्फ 3500 रुपये महीना वेतन दे रही है। उनके अनुसार जो महिलाएं कार्यक्रमों में खाना बनाने का काम करती है वह एक दिन का छह सौ रुपये तक लेती है। जबकि मिड-डे-मील वर्कर्स को सिर्फ सौ रुपये प्रतिदिन के ही मिलते है। उनका छुट्टियों का पैसा भी काट लिया जाता है। इसके अलावा कई बार गैस खत्म हो जाने पर खुद से ईंधन का इंतजाम करना पड़ता है। वर्कर्स ने मांग रखते हुए उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अपनी मांगों ने उन्होने वर्दी के पैसे देने, स्वास्थ्य बीमा करवाने व वेतन बढ़वाने की मांग रखी। प्रर्दशन में वर्कर्स सुनिता, दर्षना, गुड्डी, कमलेश, सुमन, संतोष, मीना, मितलेष आदि शामिल थी।