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मिर्च और हल्दी के प्रोडक्ट पर लेबलिंग न होने पर दो फर्म पर तीन-तीन लाख का जुर्माना
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:45 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
सीएम फ्लाइंग की ओर से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट में नौ में से पांच सैंपल फेल आए हैं। हल्दी-मिर्च के प्रोडक्ट पर लेबलिंग न होने से कोर्ट ने उकलाना की दो फर्म पर तीन-तीन लाख का जुर्माना किया है। वहीं खाद्य पदार्थों के पांचों सैंपल में फैट की मात्रा कम मिली है। ये सैंपल दूध, देसी घी, पनीर, सॉस और खोया के लिए गए थे। फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रेमसिंह ने बताया कि जुलाई में सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले में छापेमार कार्रवाई कर खाद्य एवं पेय पदार्थों के नौ सैंपल लिए थे। लैब से उनकी रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि आजाद नगर के एक मिल्क प्लांट से लिए दूध के सैंपल में फैट कम है। मानकों के अनुसार दूध में तीन प्रतिशत फैट होना चाहिए, लेकिन उसके दूध में 2.5 प्रतिशत का फैट मिला। यहीं से लिया गया देसी घी का सैंपल सही मिला। वहीं बरवाला की एक दुकान से पनीर-खोया के सैंपल लिए थे। दोनों सैंपल फेल मिले हैं। जांच में सामने आया है कि दोनों सैंपल में फैट कम है। इसके अलावा सिरसा रोड से सॉस और चिल्ली सॉस के सैंपल लिए थे। इनमें सॉस के सैंपल फेल आए हैं। बरवाला में देसी घी के दो सैंपल लिए थे, वे फेल आए हैं। घी में फैट कम मिला है। फूड सेफ्टी ऑफिसर ने बताया कि फेस्टिवल सीजन में मिठाई और खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के लिए टीमों का गठन किया है। जल्द दुकानों पर छापे मारकर खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अप्रैल 2016 से अगस्त 2017 तक 184 सैंपल लिए थे। इन सैंपल में से 48 फेल मिले हैं। उनकी एडीसी कोर्ट में सुनवाई चल रही है। उकलाना की दो फर्मों से लिए गए मिर्च और हल्दी के सैंपल फेल आए हैं। दोनों प्रोडक्ट बिना लेबलिंग के बेचे जा रहे थे। ऐसे में सिविल कोर्ट ने दोनों फर्मों पर तीन-तीन लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा 29 केसों में से तीन की सुनवाई पूरी हो चुकी है और नौ केसों पर जल्द फैसला आना है।
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हिसार।
सीएम फ्लाइंग की ओर से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट में नौ में से पांच सैंपल फेल आए हैं। हल्दी-मिर्च के प्रोडक्ट पर लेबलिंग न होने से कोर्ट ने उकलाना की दो फर्म पर तीन-तीन लाख का जुर्माना किया है। वहीं खाद्य पदार्थों के पांचों सैंपल में फैट की मात्रा कम मिली है। ये सैंपल दूध, देसी घी, पनीर, सॉस और खोया के लिए गए थे। फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रेमसिंह ने बताया कि जुलाई में सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले में छापेमार कार्रवाई कर खाद्य एवं पेय पदार्थों के नौ सैंपल लिए थे। लैब से उनकी रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि आजाद नगर के एक मिल्क प्लांट से लिए दूध के सैंपल में फैट कम है। मानकों के अनुसार दूध में तीन प्रतिशत फैट होना चाहिए, लेकिन उसके दूध में 2.5 प्रतिशत का फैट मिला। यहीं से लिया गया देसी घी का सैंपल सही मिला। वहीं बरवाला की एक दुकान से पनीर-खोया के सैंपल लिए थे। दोनों सैंपल फेल मिले हैं। जांच में सामने आया है कि दोनों सैंपल में फैट कम है। इसके अलावा सिरसा रोड से सॉस और चिल्ली सॉस के सैंपल लिए थे। इनमें सॉस के सैंपल फेल आए हैं। बरवाला में देसी घी के दो सैंपल लिए थे, वे फेल आए हैं। घी में फैट कम मिला है। फूड सेफ्टी ऑफिसर ने बताया कि फेस्टिवल सीजन में मिठाई और खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के लिए टीमों का गठन किया है। जल्द दुकानों पर छापे मारकर खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाएंगे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अप्रैल 2016 से अगस्त 2017 तक 184 सैंपल लिए थे। इन सैंपल में से 48 फेल मिले हैं। उनकी एडीसी कोर्ट में सुनवाई चल रही है। उकलाना की दो फर्मों से लिए गए मिर्च और हल्दी के सैंपल फेल आए हैं। दोनों प्रोडक्ट बिना लेबलिंग के बेचे जा रहे थे। ऐसे में सिविल कोर्ट ने दोनों फर्मों पर तीन-तीन लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा 29 केसों में से तीन की सुनवाई पूरी हो चुकी है और नौ केसों पर जल्द फैसला आना है।
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