{"_id":"5ab94edd4f1c1b2c4e8b47a8","slug":"41522093789-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार लोगों को तेज धारदार हथियारों से घायल करने पर पांच दोषियों को तीन-तीन साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार लोगों को तेज धारदार हथियारों से घायल करने पर पांच दोषियों को तीन-तीन साल की कैद
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
न्यायिक दंडाधिकारी पुनीत लिंबा की अदालत ने हमला कर घायल करने के एक मामले में पांच दोषियों खारिया के मानसिंह उर्फ बलवान, जगदीश, रामेश्वर, बासड़ा के राकेश और रविंद्र को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। इस संबंध में डोभी गांव के पालाराम ने 9 अक्तूबर 2012 को सदर थाने में केस दर्ज कराया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार डोभी के किसान पालाराम ने बताया था कि उनके पिता का देहांत हो चुका है। पालाराम का कहना था कि खारिया गांव की ढाणी में रहने वाले महेंद्र की जमीन हिस्से पर ली हुई है। घटना वाले दिन वह खेत में ग्वार की फसल काट रहा था। महेंद्र खेत में दूसरी जगह काम कर रहा था। वहीं पर पृथ्वी सिंह व रूपचंद भी काम कर रहे थे। थोड़ी देर बाद मुझे शोर-शराबा सुनाई दिया। उस दौरान महेंद्र की पत्नी राजबाला वहां पर आ गई। वहां पर जाकर देखा तो जगदीश, मानसिंह, रमेश, पेशर, सुबेसिंह आदि ने हाथों में गंडासी, जेली और लाठी ली हुई थी। पृथ्वी को जगदीश के बेटे ने पकड़ा हुआ था। इस दौरान मानसिंह ने महेंद्र की पत्नी राजबाला पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। पालाराम का कहना था कि बाद में मानसिंह ने मुझे कुल्हाड़ी से वार कर घायल कर दिया। महेंद्र और पृथ्वी को भी चोटें लगी थी। चारों घायलों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। अदालत ने मानसिंह, जगदीश, रामेश्वर, राकेश और रविंद्र को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
हिसार।
न्यायिक दंडाधिकारी पुनीत लिंबा की अदालत ने हमला कर घायल करने के एक मामले में पांच दोषियों खारिया के मानसिंह उर्फ बलवान, जगदीश, रामेश्वर, बासड़ा के राकेश और रविंद्र को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। इस संबंध में डोभी गांव के पालाराम ने 9 अक्तूबर 2012 को सदर थाने में केस दर्ज कराया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार डोभी के किसान पालाराम ने बताया था कि उनके पिता का देहांत हो चुका है। पालाराम का कहना था कि खारिया गांव की ढाणी में रहने वाले महेंद्र की जमीन हिस्से पर ली हुई है। घटना वाले दिन वह खेत में ग्वार की फसल काट रहा था। महेंद्र खेत में दूसरी जगह काम कर रहा था। वहीं पर पृथ्वी सिंह व रूपचंद भी काम कर रहे थे। थोड़ी देर बाद मुझे शोर-शराबा सुनाई दिया। उस दौरान महेंद्र की पत्नी राजबाला वहां पर आ गई। वहां पर जाकर देखा तो जगदीश, मानसिंह, रमेश, पेशर, सुबेसिंह आदि ने हाथों में गंडासी, जेली और लाठी ली हुई थी। पृथ्वी को जगदीश के बेटे ने पकड़ा हुआ था। इस दौरान मानसिंह ने महेंद्र की पत्नी राजबाला पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। पालाराम का कहना था कि बाद में मानसिंह ने मुझे कुल्हाड़ी से वार कर घायल कर दिया। महेंद्र और पृथ्वी को भी चोटें लगी थी। चारों घायलों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। अदालत ने मानसिंह, जगदीश, रामेश्वर, राकेश और रविंद्र को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है।