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एनएचएम कर्मियों ने खून से लिखे लेटर
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एनएचएम कर्मियों ने सर्विस रूल लागू कराने की मांग को लेकर सिविल अस्पताल परिसर में बुधवार को नौवें दिन आंदोलन जारी रखा। आंदोलनकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर समाधान की मांग की। आंदोलनकारियों को समर्थन देने कई कर्मचारी और संगठनों के नेता पहुंचे और आंदोलनकारियों को सहयोग देने का भरोसा जताया। स्वास्थ्य विभाग ने 447 आंदोलनकारियों की बर्खास्तगी की लिस्ट जिला प्रशासन को भेजने के बाद आउटसोर्सिंग के जरिये चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी।
एनएचएम कर्मियों का आंदोलन बुधवार को नौंवे दिन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने सर्विस रूल लागू करने और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जगत बिसला और सचिव अनिल कुमार ने दावा किया कि आंदोलन से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांगें लागू कराने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखे। उनका कहना है कि पत्र भेजे जा रहे हैं। बुधवार को क्रमिक अनशन पर नर्स मनीषा, एएनएम मूर्ति, जयश्री, सूचना सहायक संदीप, ईएमटी नीरज और रामपाल बैठे। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को 447 आंदोलनकारियों की बर्खास्तगी की लिस्ट तैयार कर डीसी ऑफिस में भेज दी थी। स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल के चलते आउटसोर्सिंग के जरिये चालक के 32 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीदवारों ने शाम तक आवेदन जमा कराए।
इन्होंने किया प्रदर्शनकारियों को संबोधित
कांग्रेस नेता रणधीर पनिहार, गुलजार काहलो, जमस नेता शकुंतला जाखड़, कर्मचारी नेता दलबीर किरमारा, सरबत सिंह पूनिया, राजपाल नैन, रामसिंह बिश्नोई, सुभाष किरमारा, सुभाष ढिल्लो, सोना देवी, कृष्ण कुमार, सुरेश कुमार, वीरेंद्र धनखड़ और अन्य ने धरने को संबोधित किया। रोडवेज डिपो के काफी कर्मचारी दोपहर को बस अड्डा से नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में धरनास्थल पर पहुंचे।
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हिसार।
एनएचएम कर्मियों ने सर्विस रूल लागू कराने की मांग को लेकर सिविल अस्पताल परिसर में बुधवार को नौवें दिन आंदोलन जारी रखा। आंदोलनकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर समाधान की मांग की। आंदोलनकारियों को समर्थन देने कई कर्मचारी और संगठनों के नेता पहुंचे और आंदोलनकारियों को सहयोग देने का भरोसा जताया। स्वास्थ्य विभाग ने 447 आंदोलनकारियों की बर्खास्तगी की लिस्ट जिला प्रशासन को भेजने के बाद आउटसोर्सिंग के जरिये चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी।
एनएचएम कर्मियों का आंदोलन बुधवार को नौंवे दिन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने सर्विस रूल लागू करने और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जगत बिसला और सचिव अनिल कुमार ने दावा किया कि आंदोलन से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांगें लागू कराने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखे। उनका कहना है कि पत्र भेजे जा रहे हैं। बुधवार को क्रमिक अनशन पर नर्स मनीषा, एएनएम मूर्ति, जयश्री, सूचना सहायक संदीप, ईएमटी नीरज और रामपाल बैठे। स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को 447 आंदोलनकारियों की बर्खास्तगी की लिस्ट तैयार कर डीसी ऑफिस में भेज दी थी। स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल के चलते आउटसोर्सिंग के जरिये चालक के 32 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीदवारों ने शाम तक आवेदन जमा कराए।
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इन्होंने किया प्रदर्शनकारियों को संबोधित
कांग्रेस नेता रणधीर पनिहार, गुलजार काहलो, जमस नेता शकुंतला जाखड़, कर्मचारी नेता दलबीर किरमारा, सरबत सिंह पूनिया, राजपाल नैन, रामसिंह बिश्नोई, सुभाष किरमारा, सुभाष ढिल्लो, सोना देवी, कृष्ण कुमार, सुरेश कुमार, वीरेंद्र धनखड़ और अन्य ने धरने को संबोधित किया। रोडवेज डिपो के काफी कर्मचारी दोपहर को बस अड्डा से नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में धरनास्थल पर पहुंचे।
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