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संघर्ष समिति का धरना 32वें दिन भी जारी रहा
Updated Fri, 03 Nov 2017 12:31 AM IST
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संघर्ष समिति ने आरटीआई में सही सूचना न देने का आरोप लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
घर बचाओ संघर्ष समिति मिलगेट के सदस्यों का धरना 32वें दिन भी जारी रहा। समिति के सदस्य कृष्ण सिंधु ने कहा कि जब तक पुनर्वास की मांग को पूरी नहीं होगी, तब तक धरना जारी रखेंगे।
उन्होंने तहसील कार्यालय पर मिलगेट स्थित डीसीएम मिल को 13 कनाल का कब्जा दिए जाने संबंधित निशानदेही की सूचना के अधिकार के तहत प्रति मांगने पर टालमटोल का रवैया अपनाने और गलत सूचना देने का आरोप लगाया है। आरटीआई 15 सितंबर को लगाई थी। 23 अक्तूबर को उन्हें तहसील कार्यालय में बुलाकर आरटीआई का जवाब दिया गया। इसमें 13 कनाल भूमि पर बसे 120 लोगों के नाम और रोड पर बसे 116 लोगों के नामों की लिस्ट दे दी गई। सूचना तो निशानदेही और पैमाइश की मांगी थी। संबंधित अधिकारी ने कहा कि इससे संबंधित कोई दस्तावेज रिकॉर्ड में नहीं है, जो रिकॉर्ड में था, वो आपको दे दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जब प्रशासन और तहसील हिसार के अधिकारियों के पास निशानदेही और पैमाइश की रिपोर्ट ही नहीं है तो 22 जून 2016 को बसे बसाए 120 घरों को क्यों उजाड़ा गया, क्योंकि बिना पैमाइश और निशानदेही की 13 कनाल जमीन तो क्या 100 गज के प्लॉट का भी कब्जा नहीं दिया जाता है। पिछले डेढ़ वर्ष से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते आ रहे हैं। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने मिल प्रबंधकों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की इस जमीन का भ्रष्टाचार किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
घर बचाओ संघर्ष समिति मिलगेट के सदस्यों का धरना 32वें दिन भी जारी रहा। समिति के सदस्य कृष्ण सिंधु ने कहा कि जब तक पुनर्वास की मांग को पूरी नहीं होगी, तब तक धरना जारी रखेंगे।
उन्होंने तहसील कार्यालय पर मिलगेट स्थित डीसीएम मिल को 13 कनाल का कब्जा दिए जाने संबंधित निशानदेही की सूचना के अधिकार के तहत प्रति मांगने पर टालमटोल का रवैया अपनाने और गलत सूचना देने का आरोप लगाया है। आरटीआई 15 सितंबर को लगाई थी। 23 अक्तूबर को उन्हें तहसील कार्यालय में बुलाकर आरटीआई का जवाब दिया गया। इसमें 13 कनाल भूमि पर बसे 120 लोगों के नाम और रोड पर बसे 116 लोगों के नामों की लिस्ट दे दी गई। सूचना तो निशानदेही और पैमाइश की मांगी थी। संबंधित अधिकारी ने कहा कि इससे संबंधित कोई दस्तावेज रिकॉर्ड में नहीं है, जो रिकॉर्ड में था, वो आपको दे दिया गया है।
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उन्होंने कहा कि जब प्रशासन और तहसील हिसार के अधिकारियों के पास निशानदेही और पैमाइश की रिपोर्ट ही नहीं है तो 22 जून 2016 को बसे बसाए 120 घरों को क्यों उजाड़ा गया, क्योंकि बिना पैमाइश और निशानदेही की 13 कनाल जमीन तो क्या 100 गज के प्लॉट का भी कब्जा नहीं दिया जाता है। पिछले डेढ़ वर्ष से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते आ रहे हैं। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने मिल प्रबंधकों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की इस जमीन का भ्रष्टाचार किया है।
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