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दो बार में नहीं आई अच्छी रैंक, हार नहीं मानी तो इस बार नीट परीक्षा में पंकज रानी ने पाया 467वां रैंक
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी आदमपुर (हिसार)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में दाखिले के लिए हुए राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस परीक्षा परिणाम में गांव मोठसरा की बेटी पंकज रानी ने 720 में से 627 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया में 467वीं रैंक पाई है। पंकज के पिता कर्णसिंह पटवारी ने बताया कि 2016 व 2017 में भी पंकज ने नीट की परीक्षा दी थी, लेकिन उस समय रैंक ज्यादा होने के कारण पंकज का दाखिला नहीं हो पाया। उसने असफलताओं से हार नहीं मानी और इस वर्ष 627 अंक प्राप्त कर पूरे देश में 467वीं रैंक पाकर उनको गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर नाज है।
सोशल मीडिया से बनाई दूरी, 18 घंटे की पढ़ाई
पंकज ने बताया कि गांव के राजकीय विद्यालय से दसवीं व बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद उसने 2016 में पहली बार नीट की परीक्षा दी। उसमें वह क्वालिफाई नहीं कर पाई। उसके बाद 2017 में फिर परीक्षा दी। उस बार उसके 525 अंक के साथ 1089वीं रैंक आई। इस रैंक से उसका बीडीएस में दाखिला भी हो रहा था, लेकिन मन में एमबीबीएस करने की ठान रखी थी। दो बार कामयाब ना होने पर ग्रामीणों ने उसे ताने भी दिए। तानों से जब वह विचलित हुई तो परिजनों ने उसे हौसला दिया और उसने ठान लिया कि वह इस बार कामयाब होकर उन्हें करारा जवाब देगी। पंकज ने बताया कि उसने कभी सोशल मीडिया फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि का प्रयोग नहीं किया। उसने हिसार के निजी कोचिंग सेंटर से कोचिंग ली और 16 से 18 घंटे पढ़ाई की।
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बड़ी बहन ने तनाव दूर करने में किया सहयोग
पंकज के अनुसार उसने पढ़ाई का कोई टाइम टेबल नहीं बना रखा था। जो भी सब्जेक्ट पढ़ने का मन करता, वह उसे लेकर बैठ जाती। रोजाना 16 से 18 घंटे की पढ़ाई के दौरान वह जब भी बोर होने लगती या तनाव महसूस करती तो अपनी बड़ी बहन पूजा से बातचीत कर लेती। बड़ी बहन पूजा और वह अच्छे दोस्त की तरह हर बात शेयर करती और उसकी बहन उसका मार्गदर्शन करती एवं पढ़ाई में उसका सहयोग करती। पंकज ने बताया कि उसका लक्ष्य एमबीबीएस की परीक्षा पास कर एमडी की परीक्षा उत्तीर्ण करना है।
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