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Hisar News: प्रदेश में हुई 28.8 एमएम बारिश, सामान्य से 540 प्रतिशत ज्यादा
Mon, 10 Jul 2023 09:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 10 Jul 2023 09:57 PM IST
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हिसार। प्रदेश में सोमवार को 28.8 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 540 प्रतिशत ज्यादा रही। वहीं 1 जून से लेकर 10 जुलाई तक प्रदेश में 169.3 एमएम बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 82 प्रतिशत अधिक रही। इसके अलावा एक खास बात यह है कि इस माह में प्रदेश के सिर्फ दो जिलों भिवानी व सिरसा को छोड़कर बाकी 20 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी बरसा है। उधर, आईएमडी ने प्रदेश के उत्तरी जिलों में मंगलवार को भारी बारिश की संभावना को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में पिछले कई वर्षों का सबसे सक्रिय मानसून का दौर देखने को मिल रहा है। सोमवार को तीन मौसमी प्रणालियों का असर साफ तौर पर देखने को मिला। मानसून की टर्फ रेखा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में बनने, हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली के दक्षिणी हिस्सों पर कम दबाव का क्षेत्र बनने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में झमाझम बारिश देखने को मिल रही है। सोमवार दोपहर बाद उत्तरी फिर पूर्वी और उसके बाद मध्य व दक्षिणी हिस्सों और कुछ पश्चिमी हिस्सों में झमाझम बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया। अभी एक दो दिनों तक प्रदेश में इसी तरह से बारिश की गतिविधियों होंगी। हालांकि अधिकतर मानसून गतिविधियां उत्तरी और पूर्वी हिस्सों पर देखने को मिलेगी। उसके बाद दो तीन दिनों तक मानसून गतिविधियों में कमी देखने को मिलेगी। मगर 15 जुलाई से एक बार फिर से सक्रिय मानसून गतिविधियों का दौर शुरू होगा।
इस माह में अब तक बारिश की स्थिति
अंबाला-721 प्रतिशत ज्यादा
भिवानी-92 प्रतिशत कम
चरखी दादरी-310 प्रतिशत ज्यादा
फरीदाबाद-167 प्रतिशत ज्यादा
फतेहाबाद-14 प्रतिशत ज्यादा
गुरुग्राम-470 प्रतिशत ज्यादा
हिसार-38 प्रतिशत ज्यादा
झज्जर-794 प्रशित ज्यादा
जींद-167 प्रतिशत ज्यादा
कैथल-1962 प्रतिशत ज्यादा
करनाल-240 प्रतिशत ज्यादा
कुरुक्षेत्र-2423 प्रतिशत ज्यादा
महेंद्रगढ़-546 प्रतिशत ज्यादा
नूंह-914 प्रतिशत ज्यादा
पलवल-125 प्रतिशत ज्यादा
पंचकूला-710 प्रतिशत ज्यादा
पानीपत-495 प्रतिशत ज्यादा
रेवाड़ी-2114 प्रतिशत ज्यादा
रोहतक-135 प्रतिशत ज्यादा
सिरसा-100 प्रतिशत कम
सोनीपत-649 प्रतिशत ज्यादा
यमुनानगर-1604 प्रतिशत ज्यादा
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में पिछले कई वर्षों का सबसे सक्रिय मानसून का दौर देखने को मिल रहा है। सोमवार को तीन मौसमी प्रणालियों का असर साफ तौर पर देखने को मिला। मानसून की टर्फ रेखा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में बनने, हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली के दक्षिणी हिस्सों पर कम दबाव का क्षेत्र बनने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में झमाझम बारिश देखने को मिल रही है। सोमवार दोपहर बाद उत्तरी फिर पूर्वी और उसके बाद मध्य व दक्षिणी हिस्सों और कुछ पश्चिमी हिस्सों में झमाझम बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया। अभी एक दो दिनों तक प्रदेश में इसी तरह से बारिश की गतिविधियों होंगी। हालांकि अधिकतर मानसून गतिविधियां उत्तरी और पूर्वी हिस्सों पर देखने को मिलेगी। उसके बाद दो तीन दिनों तक मानसून गतिविधियों में कमी देखने को मिलेगी। मगर 15 जुलाई से एक बार फिर से सक्रिय मानसून गतिविधियों का दौर शुरू होगा।
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इस माह में अब तक बारिश की स्थिति
अंबाला-721 प्रतिशत ज्यादा
भिवानी-92 प्रतिशत कम
चरखी दादरी-310 प्रतिशत ज्यादा
फरीदाबाद-167 प्रतिशत ज्यादा
फतेहाबाद-14 प्रतिशत ज्यादा
गुरुग्राम-470 प्रतिशत ज्यादा
हिसार-38 प्रतिशत ज्यादा
झज्जर-794 प्रशित ज्यादा
जींद-167 प्रतिशत ज्यादा
कैथल-1962 प्रतिशत ज्यादा
करनाल-240 प्रतिशत ज्यादा
कुरुक्षेत्र-2423 प्रतिशत ज्यादा
महेंद्रगढ़-546 प्रतिशत ज्यादा
नूंह-914 प्रतिशत ज्यादा
पलवल-125 प्रतिशत ज्यादा
पंचकूला-710 प्रतिशत ज्यादा
पानीपत-495 प्रतिशत ज्यादा
रेवाड़ी-2114 प्रतिशत ज्यादा
रोहतक-135 प्रतिशत ज्यादा
सिरसा-100 प्रतिशत कम
सोनीपत-649 प्रतिशत ज्यादा
यमुनानगर-1604 प्रतिशत ज्यादा