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2400 किमी. से छिपाकर लाया लाल चंदन की लकड़ियां, घर पहुंचते ही पकड़ा गया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2022 12:18 AM IST
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2400 kms. Brought red sandalwood sticks hidden from him, was caught as soon as he reached home
हिसार। कैंटर जिसमें चंदन की लकड़ियां लाई गई। - फोटो : Hisar
हिसार। शहर से 15 किलोमीटर दूर मंगाली गांव का चंदन तस्करी से पुराना नाता है। यहां पर बनाए गए चंदन के मणके काफी लोकप्रिय हैं। पहले भी काफी मात्रा में यहां पर चंदन की लकड़ियां पकड़ी जा चुकी है। यहां पर चंदन के मणके बनाने काम चोरी चुपके होता है। इसी कड़ी में बुधवार रात को सीआईए टीम ने ढाणी मंगाली जाटान से एक कैंटर से 1513 किलोग्राम लाल चंदन की लकड़ियां पकड़ी हैं। चालक चेन्नई से करीब 2400 किलोमीटर का सफर बेखौफ तय कर हिसार पहुंचा और घर पहुंचते ही सीआईए के हत्थे चढ़ गया। इससे पहले आंध्र प्रदेश से लकड़ियां लाई गई थी।
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आरोपी चेन्नई में करता था ट्रांसपोर्ट का काम
सीआईए टीम के एएसआई मांगेराम ने बताया कि पूछताछ के दौरान ढाणी मंगाली जाटान निवासी धर्मबीर ने बताया कि वह चेन्नई में ट्रांसपोर्ट में काम करता था। इसी दौरान चंदन की लकड़ियों के बारे में उसे जानकारी मिली। उसके बाद कोरोना महामारी के दौरान धर्मबीर वहां से अपने गांव आ गया। करीब बीस दिन पहले उसने नया कैंटर खरीदा और ट्रांसपोर्ट कंपनी में लगा दिया। कुछ दिन पहले चेन्नई गया और वहां पर कैंटर में ट्रांसपोर्ट का सामान भरा। उसी समय उसकी मुलाकात कामराज अन्ना निवासी माधा वरम चेन्नई (तमिलनाडु) से हुई। धर्मबीर ने उस से पांच लाख रुपये में करीब 15 क्विंटल लाल चंदन की लकड़ियां खरीदी। उस समय धर्मबीर ने उसे 1 लाख 70 हजार रुपये दिए और बाकी राशि लकड़ियां बेचने के बाद देने की बात कही। कैंटर में अंदर पहले प्लास्टिक के डिब्बों में लकड़ियां रखी। इसके बाद फ्रिज, ड्रेसिंग टेबल, एक्टिवा आदि सामान रखा गया। आरोपी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में ईएएसआई धर्मपाल, एचसी मक्खन और सिपाही हनुमान शामिल रहे।
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पूरे गांव में महकती थी चंदन खुशबू, लकड़ियों की तस्करी से है पुराना नाता
कुछ साल पहले तक मंगाली गांव चंदन की खुशबू से महकता था। यहां के पचास प्रतिशत लोग चंदन की लकड़ी के मणके बनाने का काम करते थे। लेकिन, गांव में बार-बार पुलिस की ओर से छापे मारे जाने से अधिकतर लोगों ने इस काम को बंद कर दिया। बताते हैं कि यहां पर बनाए जाने वाले मणके दूर दराज तक लोकप्रिय हैं।
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वर्ष 2018 में आंध्र प्रदेश पुलिस ने रेड मार कर चंदन की लकड़ी से लदे ट्रक को बरामद किया था। ट्रक में करीब पांच टन चंदन की लकड़ियां थी। चंदन की लकड़ियों को पशुचारे से भरी बोरियों से ढका हुआ था। इसके अलावा मंगाली गांव के खेतों में बाजरेे की पुलियों के नीचे 173 किलोग्राम चंदन की लकड़ियों को छुपा कर रखा हुआ था। स्पेशल स्टाफ टीम ने खेत स्वामी रमेश को गिरफ्तार किया था।

दो साल पहले पकड़ी थी तीन टन चंदन की लकड़ियां
करीब दो साल पहले घोड़ा फार्म मार्ग पर सेल टैक्स विभाग के अधिकारियों ने चेकिंग के दौरान एक ट्रक से तीन टन चंदन की लकड़ी बरामद की थी। खल बिनौले की बोरियों में चंदन की लकड़ियां भरी हुई थी। पूछताछ में चालक बार-बार चीड़ की लकड़ी होने का दावा कर रहा था। अधिकारी अशोक गौतम ने बताया था कि वह रात को चेकिंग कर रहे थे। एक ट्रक को रोकने का इशारा किया लेकिन उसने रोका नहीं बाद में गाड़ी ट्रक के पीछे लगाई और उसे पकड़ लिया। गाड़ी की तलाशी ली गई तो पहले खल बिनौले की बोरियां थी फिर पूरी गाड़ी लकड़ियों से भरी हुई थी। पूछताछ में चालक ने अपना नाम नई अनाज मंडी निवासी शुभम तायल बताया था। शुभम ने बताया कि वह गाड़ी चंदन नगर ले जा रहा है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।

हिसार। कैंटर के अंदर रखी हुई लाल चंदन की लकड़ी।

हिसार। कैंटर के अंदर रखी हुई लाल चंदन की लकड़ी।- फोटो : Hisar

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