फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   23 lakh got Ayushman cards made in three years in the state

प्रदेश में तीन साल में 23 लाख ने बनवाए आयुष्मान कार्ड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Oct 2021 12:33 AM IST
विज्ञापन
23 lakh got Ayushman cards made in three years in the state
रवि सीसवाला
विज्ञापन

बालसमंद/हिसार। आयुष्मान योजना के तहत फ्री इलाज पाने के लिए गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। योजना के व्यापक प्रचार के बाद भी लाभार्थी गोल्डन कार्ड बनवाने के कार्यों में तेजी नहीं आ रही है। प्रदेश में कुल 71 लाख 14 हजार 986 लोगों को आयुष्मान योजना का लाभार्थी माना गया है। योजना शुरू होने के तीन साल बाद भी अब तक कुल 23 लाख 64 हजार 720 लोगों ने ही गोल्डन कार्ड बनवाए हैं। वहीं,47 लाख 50 हजार 266 लोगों भी शेष हैं।
गोल्डन कार्ड बनवाने की हौड़ में सबसे आगे सीएम सिटी करनाल के 5 लाख 33 हजार 195 लोग शामिल हैं जबकि सबसे कम चरखी दादरी में 89 हजार 337 लाभार्थी हैं। अब स्वास्थ्य विभाग आशा वर्कर को घर-घर भेजकर गांवों में खोले गए अटल सेवा केंद्रों पर भेजकर गोल्डन कार्ड की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है। योजना में चयनित परिवार को पांच लाख रुपये तक का सालाना स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। संवाद
विज्ञापन

सीएससी से बनवा सकते हैं गोल्डन कार्ड
जिले के सभी सीएससी सेंटरों को इस योजना से जोड़ा गया है। अब आयुष्मान योजना के तहत योजना में शामिल आमजन नजदीकी सीएससी पर गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। आयुष्मान योजना में अपना नाम चेक करने के लिए विभाग की वेबसाइट पर अपना मोबाइल नंबर डालकर राज्य, जिला सर्च करके अपना नाम देख सकते हैं। इसके अलावा आप विभाग के टोल फ्री नंबर 14555 और 1800111565 पर कॉल करके अपने नाम के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीपीएल परिवारों को नहीं मिला फायदा
सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान योजना से गरीब परिवारों को जोड़ा जाना है। सीसवाला निवासी राजेश ने बताया कि पिछले कई वर्षों से उनके पास बीपीएल राशन कार्ड है। मेरा नाम आयुष्मान योजना में शामिल नहीं है। ऐसे कई परिवार हैं तो योजना के लाभ से वंचित हैं।
ऐसे शामिल हो सकते हैं नए सदस्य
इस योजना में कोई भी नया परिवार शामिल नहीं हो सकता है। योजना में शामिल व्यक्ति के परिवार का कोई सदस्य अगर किसी कारणवश योजना में शामिल नहीं है तो वह नजदीकी अस्पताल में जाकर अपना नाम जुड़वा सकता है। वह बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और विवाहित जोड़े मैरिज सर्टिफिकेट देकर शामिल हो सकते हैं।
योजना के तीन साल बाद भी मृतकों के नाम नहीं हटा सका विभाग
आयुष्मान भारत योजना को अगस्त 2018 में लांच किया गया था। योजना शुरू होने के बाद से अब तक तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी वर्ष 2011 की जनसंख्या से पात्र परिवारों के मृतक सदस्यों के नाम नहीं हटाए गए है। वर्ष 2011 के बाद के मृतकों के नाम आज भी लिस्ट में है।

जिले का नाम पेडिंग लाभार्थियों की संख्या
अम्बाला 1,76,871
भिवानी 2,88,371
चरखी दादरी 25,811
फरीदाबाद 4,47,940
फतेहाबाद 1,86,709
गुरुग्राम 2,66,480
हिसार 2,57,867
झज्जर 98,744
जींद 2,37,409
कैथल 2,47,379
करनाल 3,23,705
कुरुक्षेत्र 1,78,995
महेंद्रगढ़ 98,367
मेवात 2,56,370
पलवल 2,13,375
पंचकूला 74,593
पानीपत 2,49,421
रेवाड़ी 1,25,281
रोहतक 2,17,237
सिरसा 2,60,157
सोनीपत 2,56,788
यमुनानगर 2,62,396
आयुष्मान आपके द्वार अभियान चलाकर सीएससी, आशा वर्कर, सरपंच, एमसी, पैनल अस्पताल से फ्री आयुष्मान कार्ड बनाये जा रहे है। लाभार्थी नजदीकी सीएससी केंद्र से लिस्ट चेक करके अपने आयुष्मान कार्ड बनवा सकते है। अगले महीने तक टारगेट पूरा करने का प्रयास है। - मनीष पचार, जिला प्रभारी, पीएम जन आरोग्य योजना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed