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मैं जानता हूं बेटे को खोने का दर्द -- प्लीज अपने बेटे को हेलमेट गिफ्ट करो ,
Updated Wed, 14 Feb 2018 01:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एक जवान बेटे को खोने का दर्द मैं जानता हूं। आप किसी पर ऐसा दुख न आए, इसलिए अपने बेटे को उसके जन्मदिन पर हेलमेट जरूर दें। हर पिता बेटे से अपने खुद के जन्मदिन से हेलमेट पहनने का संकल्प लेने का गिफ्ट लें।
मय्यड़ के रहने वाले सदानंद फौजी एक सड़क हादसे में अपने 27 साल के बेटे को खो चुके हैं। 13 फरवरी 2017 को हांसी-हिसार हाईवे पर राहुल आर्य की मौत हो गई थी। दो बहनों के अकेले भाई राहुल को हादसे में खोने के बाद सदानंद फौजी लोगों को सड़क नियमों के प्रति जागरूक करने का काम करते हैं। नागरिक अस्पताल में बतौर ड्राइवर का काम कर रहे सदानंद ने कहा कि हर पिता अपने बेटा-बेटी को उसके जन्मदिन पर हेलमेट गिफ्ट करें। अपने जन्मदिन पर पिता बच्चों से हेलमेट पहनने के वादे का गिफ्ट लें।
मैंने खोई बेटी, प्लीज ! आप तो संभलना
रेलवे कॉलोनी निवासी राजेश्वर प्रसाद हादसे में अपनी बेटी ज्योति को खो चुके हैं। 4 नवंबर 2017 को चिड़ौद के पास हादसे में उनकी टीचर बेटी की मौत हो गई थी। राजेश्वर प्रसाद ने कहा कि हर वाहन चालक को सुरक्षित चलना चाहिए। उनका बेटा हिमांशु नियमों का पालन करता है। अपने बेटे को कभी बिना हेलमेट घर से नहीं निकलने देते। अपने दोस्तों के बच्चों, रिश्तेदारों, कॉलोनी के युवाओं को भी राजेश्वर प्रसाद यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते हैं। राजेश्वर प्रसाद ने कहा कि अधिकतर युवाओं के पास हेलमेट होता है, फिर भी वे लापरवाही करते हैं, यह गलत है। हमें चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए हेलमेट पहनना चाहिए।
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महिला इंस्पेक्टर युवाओं के सिर पर हेलमेट रख की दी नसीहत
महिला पुुलिस की टीम ने पड़ाव चौक और एफसी कॉलेज के पास युवाओं को जागरूक किया। इसमें लड़कियों को यातायात नियमों के प्रति प्रेरित किया। यहां कई युवाओं के पास हेलमेट होने के बावजूद उन्होंने पहना नहीं था। महिला इंस्पेक्टर सरोज ने युवाओं को उनके सिर पर हेलमेट रखते हुए कहा कि यह दिखाने नहीं, सिर पर रखने की चीज है।
दुुपहिया वाहन चालकों की होती है 59 प्रतिशत मौतें
यातायात पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार तीन साल में सड़क हादसों में करीब 648 लोगों की जान गई। इसमें वर्ष 2015 में करीब 196, 2016 में 253 और 2017 में 199 लोगों की मौत हुई। हादसों में मरने वालों में बाइक सवार सबसे अधिक रहे। ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार हादसों में 59 प्रतिशत मौत दुुपहिया वाहन चालकों की होती है।
2016 में हिसार में 325 हादसे
2017 में 223 हादसे
हांसी में 2016 में हादसे 29
हांसी में 2017 में हादसे 29
हादसों में हुई मौत
जिला 2015 2016 2017
हिसार 196 253 199
हादसों में हुए घायल
जिला 2016 2017
हिसार 308 230
युवक-युवतियों को जागरूक किया
अमर उजाला टीम ने महिला पुलिस के साथ सहयोग कर लोगों को जागरूक किया। इसमें इंस्पेक्टर सरोज बाला ने युवाओं और युवतियों को हेलमेट पहनने का संदेश दिया। एक घंटे के अभियान में 23 युवक-युवतियों को जागरूक किया।
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हिसार।
एक जवान बेटे को खोने का दर्द मैं जानता हूं। आप किसी पर ऐसा दुख न आए, इसलिए अपने बेटे को उसके जन्मदिन पर हेलमेट जरूर दें। हर पिता बेटे से अपने खुद के जन्मदिन से हेलमेट पहनने का संकल्प लेने का गिफ्ट लें।
मय्यड़ के रहने वाले सदानंद फौजी एक सड़क हादसे में अपने 27 साल के बेटे को खो चुके हैं। 13 फरवरी 2017 को हांसी-हिसार हाईवे पर राहुल आर्य की मौत हो गई थी। दो बहनों के अकेले भाई राहुल को हादसे में खोने के बाद सदानंद फौजी लोगों को सड़क नियमों के प्रति जागरूक करने का काम करते हैं। नागरिक अस्पताल में बतौर ड्राइवर का काम कर रहे सदानंद ने कहा कि हर पिता अपने बेटा-बेटी को उसके जन्मदिन पर हेलमेट गिफ्ट करें। अपने जन्मदिन पर पिता बच्चों से हेलमेट पहनने के वादे का गिफ्ट लें।
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मैंने खोई बेटी, प्लीज ! आप तो संभलना
रेलवे कॉलोनी निवासी राजेश्वर प्रसाद हादसे में अपनी बेटी ज्योति को खो चुके हैं। 4 नवंबर 2017 को चिड़ौद के पास हादसे में उनकी टीचर बेटी की मौत हो गई थी। राजेश्वर प्रसाद ने कहा कि हर वाहन चालक को सुरक्षित चलना चाहिए। उनका बेटा हिमांशु नियमों का पालन करता है। अपने बेटे को कभी बिना हेलमेट घर से नहीं निकलने देते। अपने दोस्तों के बच्चों, रिश्तेदारों, कॉलोनी के युवाओं को भी राजेश्वर प्रसाद यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते हैं। राजेश्वर प्रसाद ने कहा कि अधिकतर युवाओं के पास हेलमेट होता है, फिर भी वे लापरवाही करते हैं, यह गलत है। हमें चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए हेलमेट पहनना चाहिए।
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महिला इंस्पेक्टर युवाओं के सिर पर हेलमेट रख की दी नसीहत
महिला पुुलिस की टीम ने पड़ाव चौक और एफसी कॉलेज के पास युवाओं को जागरूक किया। इसमें लड़कियों को यातायात नियमों के प्रति प्रेरित किया। यहां कई युवाओं के पास हेलमेट होने के बावजूद उन्होंने पहना नहीं था। महिला इंस्पेक्टर सरोज ने युवाओं को उनके सिर पर हेलमेट रखते हुए कहा कि यह दिखाने नहीं, सिर पर रखने की चीज है।
दुुपहिया वाहन चालकों की होती है 59 प्रतिशत मौतें
यातायात पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार तीन साल में सड़क हादसों में करीब 648 लोगों की जान गई। इसमें वर्ष 2015 में करीब 196, 2016 में 253 और 2017 में 199 लोगों की मौत हुई। हादसों में मरने वालों में बाइक सवार सबसे अधिक रहे। ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार हादसों में 59 प्रतिशत मौत दुुपहिया वाहन चालकों की होती है।
2016 में हिसार में 325 हादसे
2017 में 223 हादसे
हांसी में 2016 में हादसे 29
हांसी में 2017 में हादसे 29
हादसों में हुई मौत
जिला 2015 2016 2017
हिसार 196 253 199
हादसों में हुए घायल
जिला 2016 2017
हिसार 308 230
युवक-युवतियों को जागरूक किया
अमर उजाला टीम ने महिला पुलिस के साथ सहयोग कर लोगों को जागरूक किया। इसमें इंस्पेक्टर सरोज बाला ने युवाओं और युवतियों को हेलमेट पहनने का संदेश दिया। एक घंटे के अभियान में 23 युवक-युवतियों को जागरूक किया।