मलेशिया में फंस गए 3 युवक, अब लौटने के लिए सुषमा स्वराज से लगा रहे गुहार

Rohtak Bureau Updated Wed, 07 Feb 2018 01:17 AM IST
ख़बर सुनें
अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला (हिसार)।
दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने की चाह में बरवाला से मलेशिया पहुंचे तीन युवक अब अपने देश लौटने के लिए तरस रहे हैं। इन तीन युवकों में दो युवक बरवाला से, जबकि तीसरा नारनौंद से है। मलेशिया में फंसे तीनों युवकों ने विडियो मैसेज भेजकर मदद की गुहार लगाई हैं। विडियो में तीनों युवक केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ अपने परिजनों से पूरे प्रकरण को लेकर मदद मांगते नजर आ रहे हैं। इस मसले को लेकर मलेशिया में फंसे प्रवीण कुमार के भाई जितेंद्र ने पुलिस को शिकायत देकर बरवाला के रहने वाले चंद्र प्रकाश और उसके पिता बलवंत पर धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि विदेश में नौकरी दिलाने के लिए डेढ़ लाख रुपये में उनके भाई को मलेशिया भेजा गया और फिर वहां पासपोर्ट आदि छीन लिया गया। हालांकि पुलिस ने इस मामले को लेकर केस दर्ज कर दिया है, लेकिन परिजन अब अपने बेटों के वापस हरियाणा लौटाने की गुहार लगा रहे हैं।
पासपोर्ट जब्त कर लिए, वापसी के रास्ते बंद
वीडियो में दिखाई दे रहे बरवाला निवासी प्रवीण, सुनील और नारनौंद निवासी सुनील तीनों रोते हुए आपबीती बताते नजर आ रहे हैं। करीब चार मिनट के वीडियो में तीनों बता रहे हैं कि उन्हें मलेशिया भेजने वाले बरवाला के ही युवक चंद्र ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया है। तीनों को जब वहां ले जाया गया था, उस वक्त उन्हें एक दस्ताने बनाने की कंपनी में काम दिलाने का वादा किया था। काम के बदले 45 हजार रुपये मासिक सैलरी, रविवार को डबल पेमेंट, ओवरटाइम, खाना और यहां तक कि कपड़े धुलवाने तक की सुविधा कंपनी से दिलवाने का आश्वासन दिया गया था।
वीडियो में यह बोल रहे युवक
वीडियो में युवक कह रहे हैं कि अब उनका पासपोर्ट छीन लिया गया है, उन्हें खाने तक के लाले पड़ गए हैं। उन्हें युवक चंद्र प्रकाश द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इतना ही नहीं, वापसी के रास्ते भी बंद हो गए हैं। ऐसे में अब तीनों ने केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।
मां बोलीं, मेरे लाल लौटा दो
मलेशिया में फंसे होने की बात जैसे ही तीनों के परिवारों तक पहुंची, सभी का बुरा हाल है। प्रवीण की मां संतोष देवी ने कहा कि उनके पति का देहांत हो चुका है। 20 साल के प्रवीण को रोजगार मिल रहा था, ऐसे में किसी तरह मोटे ब्याज पर डेढ़ लाख रुपये उठाकर बरवाला के चंद्र को दिए गए। वीडियो देखने के बाद से प्रवीण की मां संतोष के आंसू नहीं थम रहे हैं। ऐसा ही हाल सुनील के घर भी है। सुनील की बहन और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। सुनील अपने परिवार में इकलौता है। उसकी बहन सुनीता का कहना है कि वो अपने भाई को वापस घर देखना चाहती है, साथ ही उन्होंने आरोपियों पर कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है।
मलेशिया में था आरोपी, झांसा देकर ले गया
मलेशिया में फंसे प्रवीन के भाई जितेंद्र ने कहा कि बरवाला का रहने वाला चंद्रप्रकाश मलेशिया में था। कुछ दिन पहले जैसे ही वो हिसार लौटा तो उसने तीनों को वहां काम दिलाने के सब्जबाग दिखाए। आरोप है कि डेढ़ लाख में से 1 लाख 10 हजार पहले ले लिए गए और 40 हजार प्रवीण नकद लेकर मलेशिया गया। जनवरी में तीनों गए थे। तीनों से डेढ़-डेढ़ लाख की राशि वसूली गई थी। आरोप है कि चंद्र प्रकाश के इस काम में उसका पिता बलवंत भी शामिल है।

केस दर्ज, जांच जारी : डीएसपी
डीएसपी जयपाल सिंह का कहना है कि प्रवीण के परिजनों ने शिकायत दी थी। प्रवीण के भाई जितेंद्र ने आरोप लगाया है कि बरवाला के चंद्र प्रकाश और उसके पिता बलवंत ने मिलकर धोखाधड़ी कर ली है। विदेश में 45 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से किसी कंपनी में नौकरी दिलाने की बात कही गई थी, लेकिन अब उसके भाई को दिहाड़ी के लिए छोड़ दिया गया है। पुलिस ने इस प्रकरण में धारा 420 और 120बी के तहत केस दर्ज किया है।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Rajasthan

भाजपा विधायक बोले, विश्व के पहले आदिवासी थे हनुमान

विधायक ने 2016 में कहा था कि जेएनयू में हर दिन 3 हजार कॉन्डोम और 2 हजार शराब की बोतलें पाई जाती हैं।

28 मई 2018

Related Videos

VIDEO: इस छात्रा को दिया गया अतुल माहेश्वरी पत्रकारिता स्वर्ण पदक

मंगलवार को हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की छात्रा मूर्ति दलाल को अमर उजाला के नवोन्मेषक अतुल माहेश्वरी पत्रकारिता स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।

18 अप्रैल 2018

Recommended

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे कि कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स और सोशल मीडिया साइट्स के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज़ नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज़ हटा सकते हैं और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डेटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy और Privacy Policy के बारे में और पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen