फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   एचएयू में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ष्ठी में पहुंचे 250 साइंटिस्ट

एचएयू में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ष्ठी में पहुंचे 250 साइंटिस्ट

Fri, 13 Oct 2017 12:38 AM IST
Updated Fri, 13 Oct 2017 12:38 AM IST
विज्ञापन
एचएयू में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ष्ठी में पहुंचे 250 साइंटिस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. केजे रमेश ने ग्लोबल वार्मिंग जलवायु परिवर्तन की वजह से एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चिंता का विषय है। मानसून के दिनों में बरसात की कमी, अधिक वर्षा, तापमान की अतिवादी घटनाओं की संख्या में वृद्धि भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।
डॉ. केजे रमेश सतत कृषि विकास के लिए जलवायु के अनुकूल कृषि एवं खाद्य सुरक्षा के लिए कृषि मौसम विज्ञान की आवश्यकता पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन

इस अवसर पर डॉ. रमेश ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव मौजूदा सदी के सबसे चुनौतीपूर्ण अनुसंधान विषयों में से एक है। वैश्विक जलवायु परिवर्तन से भारतीय कृषि एवं ग्रामीण विकास काफी संवेदनशील और तनाव में है। इस परिस्थिति में ऐसे प्रयास करने की जरूरत है। ग्लोबल वार्मिंग जलवायु परिवर्तन की वजह से एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है। देश में बरसात के दिनों में कमी, अधिक वर्षा और तापमान की अतिवादी घटनाओं की संख्या में वृद्धि भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए चुनौती एवं गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने वैज्ञानिकों को स्थायी सुरक्षा के लिए जलवायु परिवर्तन, कृषि पर उसके प्रभाव के अनुकूल अनुसंधान कार्यों को करने का आह्वान किया। मौसम संबंधी मापदंडों के बारे में सही समय पर सटीक जानकारी कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने महत्वाकांक्षी ग्रामीण कृषि मौसम सेवा कार्यक्रम की शुरुआत की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एचएयू के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि वर्ष दर वर्ष वातावरण में बढ़ रहे तापमान के कारण फसलों की बिजाई और कटाई के समय में हो रहे परिवर्तन के चलते अब वैज्ञानिकों के लिए जरूरी हो गया है। लघु अवधि में पककर तैयार होने वाली, तापरोधी फसलों के विकास कार्य को प्राथमिकता दें। इससे पूर्व कृषि मौसम वैज्ञानिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अखिलेश गुप्ता, सलाहकार विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार ने संघ की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला। अनुसंधान निदेशक डॉ. एसके सेठी ने अतिथियों, प्रतिभागियों का स्वागत किया। एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन डॉ. केएस ग्रेवाल ने धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी के सहसंयोजक डॉ. सुरेंद्र सिंह ने किया। मंच पर कृषि मौसम वैज्ञानिक संघ के सचिव डॉ. व्यास पांडे और प्रो. डॉ. राज सिंह भी उपस्थित थे।
गुजरात कामधेनु यूनिवर्सिटी के कुलपति को किया सम्मानित
प्रसिद्ध कृषि मौसम वैज्ञानिकों गुजरात कामधेनु यूनिवर्सिटी के कुलपति मदन गोपाल वार्ष्णेय, डॉ. एसएस हुंदल एवं डॉ. ओपी बिश्नोई को कृषि मौसम विज्ञान में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए ऑनरेरी फेलोशिप से सम्मानित किया गया। युवा वैज्ञानिक वर्ग में डॉ. अंकिता झा, डॉ. अजीत मंडल एवं डॉ. सनातन प्रधान को एसोसिएशन के विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए। डॉ. आरके पान्नू एवं डॉ. राम सिंह को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

सीडी का विमोचन
इस मौके पर हकृवि के मौसम विज्ञान विभाग द्वारा भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से तैयार की गई एग्रोमेट एप्लीकेशन’ और संगोष्ठी से संबंधित पुस्तकें एवं सीडी का विमोचन भी किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed