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Hisar News: सेना भर्ती में फर्जी दस्तावेज पेश करने वाले 19 आरोपी आठ साल बाद भी गिरफ्त से बाहर
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हिसार। सेना भर्ती में फर्जी दस्तावेज पेश करने के तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया है। सदर थाना पुलिस ने 5 दिसंबर 2015 में 47 लोगाें के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इसमें अब तक 28 की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस केस में 19 आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है।
जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक बीर सिंह ने बताया कि जींद निवासी आरोपी प्रवीन, रामकेश और नवीन ने जाति संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से आर्मी की भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। आर्मी की तरफ से जब दस्तावेजों की जांच की गई तो जाति संबंधित कागजात फर्जी पाए गए। धोखाधड़ी मामले में तीनों को गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। इस मामले में अभी तक 28 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बता दें कि दस्तावेज सत्यापन की जांच के दौरान 47 आवेदकों के कागजात में गड़बड़ी पाई गई थी।
पंजाब के बठिंडा से बनवाए थे दस्तावेज
हिसार कैंट के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2015 की सेना भर्ती में जमा कराए गए दस्तावेजों की जांच की थी। आवेदकों की ओर से जमा कराए गए रिहायशी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र, खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र दिए गए थे। सेना अधिकारियों ने इन प्रमाणपत्रों की जांच कराई थी। फर्जी प्रमाण पत्र पेश करने वालों को बुलाया गया था। इसके अलावा मौके पर जाकर भी जांच कराई गई थी। प्रमाणपत्र फर्जी साबित होने पर पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। शैक्षणिक और जाति से संबंधित फर्जी दस्तावेज पेश किए थे। इन युवाओं ने अपने धर्म संबंधी प्रमाण पत्र पंजाब के बठिंडा से बनवाए थे। फर्जी दस्तावेज पेश करने वालों में सबसे ज्यादा जींद और फतेहाबाद के रहने वाले शामिल थे।
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सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, जींद की भर्ती हुई थी
वर्ष 2015 जुलाई-अगस्त में हिसार के महाबीर स्टेडियम में हुई सेना की खुली भर्ती थी। भर्ती प्रक्रिया में 500 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। सिख रेजीमेंट में भर्ती के लिए सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी और जींद युवा शामिल हुए थे। पिछले 8 साल से इस मामले में लगातार गिरफ्तारी हो रही हैं। वर्ष 2019 में कलायत निवासी विक्रम को गिरफ्तार किया था। वर्ष 2015 से लेकर 2019 के बीच सबसे अधिक गिरफ्तारी हुई थी।
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जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक बीर सिंह ने बताया कि जींद निवासी आरोपी प्रवीन, रामकेश और नवीन ने जाति संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से आर्मी की भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। आर्मी की तरफ से जब दस्तावेजों की जांच की गई तो जाति संबंधित कागजात फर्जी पाए गए। धोखाधड़ी मामले में तीनों को गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। इस मामले में अभी तक 28 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बता दें कि दस्तावेज सत्यापन की जांच के दौरान 47 आवेदकों के कागजात में गड़बड़ी पाई गई थी।
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पंजाब के बठिंडा से बनवाए थे दस्तावेज
हिसार कैंट के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2015 की सेना भर्ती में जमा कराए गए दस्तावेजों की जांच की थी। आवेदकों की ओर से जमा कराए गए रिहायशी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र, खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र दिए गए थे। सेना अधिकारियों ने इन प्रमाणपत्रों की जांच कराई थी। फर्जी प्रमाण पत्र पेश करने वालों को बुलाया गया था। इसके अलावा मौके पर जाकर भी जांच कराई गई थी। प्रमाणपत्र फर्जी साबित होने पर पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। शैक्षणिक और जाति से संबंधित फर्जी दस्तावेज पेश किए थे। इन युवाओं ने अपने धर्म संबंधी प्रमाण पत्र पंजाब के बठिंडा से बनवाए थे। फर्जी दस्तावेज पेश करने वालों में सबसे ज्यादा जींद और फतेहाबाद के रहने वाले शामिल थे।
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सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, जींद की भर्ती हुई थी
वर्ष 2015 जुलाई-अगस्त में हिसार के महाबीर स्टेडियम में हुई सेना की खुली भर्ती थी। भर्ती प्रक्रिया में 500 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। सिख रेजीमेंट में भर्ती के लिए सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी और जींद युवा शामिल हुए थे। पिछले 8 साल से इस मामले में लगातार गिरफ्तारी हो रही हैं। वर्ष 2019 में कलायत निवासी विक्रम को गिरफ्तार किया था। वर्ष 2015 से लेकर 2019 के बीच सबसे अधिक गिरफ्तारी हुई थी।