फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   छह करोड़ खर्च करने के बाद भी तालियों को तरसी सरकार

छह करोड़ खर्च करने के बाद भी तालियों को तरसी सरकार

Wed, 01 Nov 2017 12:14 AM IST
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:14 AM IST
विज्ञापन
छह करोड़ खर्च करने के बाद भी तालियों को तरसी सरकार
छह करोड़ खर्च करने के बाद भी तालियों को तरसी सरकार
विज्ञापन

हिसार।
हरियाणा स्वर्ण जयंती समारोह पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी सरकार को तालियां नहीं मिली। समारोह में पहुंचे लोगों ने उत्साह नहीं दिखाया। सीएम के भाषण पर दर्शकों ने तालियां नहीं बजाई तो राज्यपाल ने कहा कि तालियां बजानी चाहिए।
स्वर्ण जयंती वर्ष के समापन मौके पर दर्शकों की तालियां नहीं बजी। समारोह में सीएम के करीब 20 मिनट के भाषण में दर्शकों ने तालियों से पूरी तरह से परहेज रखा। सीएम की ओर से कई घोषणाएं भी की गईं। इसके बावजूद दर्शकों ने इस पर किसी तरह का रिस्पांस नहीं दिखाया। सीएम की ओर से दिए गए भाषण पर किसी ने ताली नहीं बजाई। राज्यपाल को अपने भाषण में कहना पड़ा सीएम के भाषण पर तालियां बजाई जानी चाहिए थीं। सीएम की घोषणाओं पर अपने ताली नहीं बजाई, इसका मुझे मलाल है।
विज्ञापन

करोड़ों रुपये लेने वाली इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के माइक समारोह में दुरुस्त नहीं थे। समारोह में वाइस प्रेसिडेंट के भाषण में माइक में गड़बड़ी होने पर उसे बदला गया। सीएम के भाषण को भी दर्शक सही तरीके से नहीं सुुन पाए। तालियां न बजने का कारण यह भी रहा कि समारोह में अधिकतर स्टूडेंट थे। हिसार के बारे में कोई घोषणा न होने के कारण भी जोश कम रहा। कार्यक्रम में इस तरह का कोई शेड्यूल नहीं रखा कि हलका विधायक को तो बोलने का मौका दिया जाए। विधायक डॉ. कमल गुप्ता के हलका में समारोह का आयोजन हुआ, लेकिन उन्हें अभिनंदन करने का स्टेज से मौका तक नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

समारोह में नहीं आए खेल मंत्री अनिल विज
प्रदेश के खेल मंत्री की हिसार से दूरी बरकरार है। पिछले तीन साल में खेल मंत्री अनिल विज ने जिले में किसी भी समारोह में हिस्सा नहीं लिया। मंगलवार को खेल महोत्सव के समापन मौके पर आयोजक होने के बाद खेल मंत्री समारोह में शिरकत करने नहीं आए। राजनीति के जानकार खेल मंत्री के न आने के कारणों पर कयास लगा रहे हैं।
किसी मंत्री का नाम तक नहीं लिया
समारोह में प्रदेश के कई मंत्री पहुंचे भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला, शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा, कृषि मंत्री ओपी धनखड़, परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार, स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन, खाद्य मंत्री कर्णदेव कंबोज, सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर समारोह में पहुंचे। मंच से किसी ने भी अपने भाषण में किसी मंत्री का नाम नहीं लिया।
भाषण में कुर्सियां खाली
सीएम के भाषण के दौरान स्टेडियम के एक हिस्से में कुर्सियां खाली हो गई। कुछ देर बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम दोबारा से शुरू हुए तो कुर्सी फिर से भरी नजर आई।
सीएम के जाने के बाद तालियों की गड़गड़ाहट
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी सहित अन्य सभी अतिथि दोपहर करीब 1 बजकर 40 मिनट पर समारोह स्थल से चले गए। इसके बाद गायक सोनू निगम को मंच दिया गया। पहले तीन घंटे के कार्यक्रम में तालियों के लिए तरस रहे स्टेडियम में खूब तालियां बजी। समारोह में युवाओं ने खूब जोश दिखाया।
सभी मंत्री-विधायक बैठे रहे मंच पर
सभी मंत्री और विधायक वीवीआईपी के लिए बनी इस मुख्य स्टेज पर उनके साथ जरूर बैठे रहे। मुख्य अतिथि को एचएयू से स्टेडियम तक लेकर आए। वहां से मुख्य स्टेज तक लेकर केवल औपचारिकता पूरी की। इसके बाद जाते समय यूं ही मंच से उठकर उनके साथ औपचारिकता करने के लिए एचएयू फैकल्टी क्लब तक साथ चले गए। फैकल्टी क्लब में वीवीआईपी के लंच का कार्यक्रम था। वहां भी तीनों बड़े नेताओं की आपस में ही बातचीत चलती रही
सात में से एक भी सांसद नहीं आया
प्रदेश में भाजपा के सात सांसद हैं। इनमें दो केंद्र सरकार में मंत्री हैं। केंद्र मंत्री हरियाणा संबंधित किसी मंत्री ने शिरकत नहीं की। किसी सांसद ने भी समारोह में आना मुनासिब नहीं समझा।

छह करोड़ के खर्च पर अपने भी उठा रहे सवाल
आयोजन कंपनी पर विपक्ष तो छोड़िए खुद भाजपा के लोग भी सवाल खड़े कर रहे हैं। महज तीन घंटे के कार्यक्रम के लिए छह करोड़ रुपये खर्च करने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आखिर एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को छह करोड़ का भुगतान किन मापदंडों पर किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed