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सतलोक आश्रम में फैसला
Updated Fri, 25 Aug 2017 12:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण में सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और रास्ता रोककर बंधक बनाने के मामले में न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश कुमार की अदालत ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाना था। इससे पहले पुलिस ने एक अर्जी लगाकर कहा कि डेरा मुखी के फैसले को लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस व्यस्त है। फैसला टाला जाए। अदालत ने पुलिस की गुहार पर फैसला 29 अगस्त तक टाल दिया। इससे पुलिस ने राहत की सांस ली है।
बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण में मुकदमा नंबर 426 और 427 में बुधवार को सेंट्रल जेल वन में लगी कोर्ट में बहस पूरी हो गई थी। अदालत ने 24 अगस्त फैसले की तारीख निर्धारित की थी। पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम के फैसले की तारीख 25 अगस्त पहले निर्धारित कर रखी है। उस मामले में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी हैं। रामपाल के फैसले की तारीख लगने से पुलिस की सांसें फूल गई थी। पुलिस के आला अधिकारियों ने फैसला टालने के लिए यहां कोर्ट में एप्लीकेशन लगाने का निर्णय किया। बरवाला थाना एसएचओ गौरव शर्मा ने वीरवार को कोर्ट में एप्लीकेशन लगाकर फैसला टालने की गुहार लगाई। उनका कहना था कि डेरा मुखी के फैसले के चलते पुलिस व्यस्त है। कोर्ट ने पुलिस की गुहार को स्वीकार करते हुए फैसला 29 अगस्त तक टाल दिया। इससे पुलिस ने राहत की सांस ली है। बरवाला थाना पुलिस ने 18 नवंबर 2014 को आश्रम प्रमुख रामपाल व अन्य के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और रास्ता रोककर बंधक बनाने का केस दर्ज किया था। एक मुकदमे में रामपाल समेत पांच और दूसरे मुकदमे में रामपाल समेत छह आरोपी हैं। मुख्य आरोपी रामपाल की हाजिरी वीसी से हुई और बाकी आरोपी कोर्ट में पेश हुए।
समर्थकों की भीड़ छंटी
आरोपी रामपाल के काफी समर्थकों ने फैसले को लेकर बुधवार रात यहां रेलवे स्टेशन पर गुजारी जबकि काफी लोग होटल और धर्मशालाओं में ठहरे थे। वीरवार सुबह काफी समर्थक जेल वन और कोर्ट परिसर के पास नहर पुल पर पहुंचे। जब उनको फैसले की तारीख टलने का पता चला तो वे शहर से रवाना हो गए।
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण में सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और रास्ता रोककर बंधक बनाने के मामले में न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश कुमार की अदालत ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाना था। इससे पहले पुलिस ने एक अर्जी लगाकर कहा कि डेरा मुखी के फैसले को लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस व्यस्त है। फैसला टाला जाए। अदालत ने पुलिस की गुहार पर फैसला 29 अगस्त तक टाल दिया। इससे पुलिस ने राहत की सांस ली है।
बरवाला के सतलोक आश्रम प्रकरण में मुकदमा नंबर 426 और 427 में बुधवार को सेंट्रल जेल वन में लगी कोर्ट में बहस पूरी हो गई थी। अदालत ने 24 अगस्त फैसले की तारीख निर्धारित की थी। पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम के फैसले की तारीख 25 अगस्त पहले निर्धारित कर रखी है। उस मामले में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी हैं। रामपाल के फैसले की तारीख लगने से पुलिस की सांसें फूल गई थी। पुलिस के आला अधिकारियों ने फैसला टालने के लिए यहां कोर्ट में एप्लीकेशन लगाने का निर्णय किया। बरवाला थाना एसएचओ गौरव शर्मा ने वीरवार को कोर्ट में एप्लीकेशन लगाकर फैसला टालने की गुहार लगाई। उनका कहना था कि डेरा मुखी के फैसले के चलते पुलिस व्यस्त है। कोर्ट ने पुलिस की गुहार को स्वीकार करते हुए फैसला 29 अगस्त तक टाल दिया। इससे पुलिस ने राहत की सांस ली है। बरवाला थाना पुलिस ने 18 नवंबर 2014 को आश्रम प्रमुख रामपाल व अन्य के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और रास्ता रोककर बंधक बनाने का केस दर्ज किया था। एक मुकदमे में रामपाल समेत पांच और दूसरे मुकदमे में रामपाल समेत छह आरोपी हैं। मुख्य आरोपी रामपाल की हाजिरी वीसी से हुई और बाकी आरोपी कोर्ट में पेश हुए।
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समर्थकों की भीड़ छंटी
आरोपी रामपाल के काफी समर्थकों ने फैसले को लेकर बुधवार रात यहां रेलवे स्टेशन पर गुजारी जबकि काफी लोग होटल और धर्मशालाओं में ठहरे थे। वीरवार सुबह काफी समर्थक जेल वन और कोर्ट परिसर के पास नहर पुल पर पहुंचे। जब उनको फैसले की तारीख टलने का पता चला तो वे शहर से रवाना हो गए।
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