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रात 10 बजे से हड़ताल पर गए कर्मचारी, बस स्टैंड और बिजली कार्यालयों पर रहेगी पुलिस तैनात
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सोमवार रात 10 बजे से सभी विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। रोडवेज के चक्का जाम से लेकर बिजली और पानी की व्यवस्थाओं के बाधित होने के पूरे आसार हैं। एहतियात के तौर पर बस स्टैंड और बिजली निगम के कार्यालयों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी लगा दिए गए हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष जताने के लिए कर्मचारी मंगलवार सुबह नगर निगम कार्यालय में एकत्रित होंगे। यहां से पूरे शहर में प्रदर्शन करते हुए रोष जाहिर करेंगे।
सुबह 3.50 बजे पहली बस चलाने का प्रयास करेंगे अधिकारी
रोडवेज कर्मचारियों ने भी हड़ताल में शामिल होने का एलान किया है। इस कारण बसों का चलाने के समय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बवाल होने की आशंका है। सुबह 3:50 बजे दिल्ली के लिए जाने वाली पहली बस को अधिकारी चलाने का प्रयास करेंगे, जबकि कर्मचारी बसों को वर्कशॉप से ही बाहर नहीं निकलने देंगे। ऐसे में माहौल न बिगड़े, इसलिए जिला प्रशासन ने नायब तहसीलदार एचके गुप्ता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया है, जबकि भारी पुलिस बल बस स्टैंड पर तैनात किया है।
आउटसोर्सिंग के जरिये बिजली व्यवस्था रखी जाएगी मेंटेन
वहीं बिजली निगम के अधिकारियों की ओर से सरकारी कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की स्थिति में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के सहारे बिजली व्यवस्था मेंटेन करवाई जाएगी। प्रत्येक सब डिविजन स्तर के अधिकारी को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को विशेष तौर पर बुलाने के लिए कहा गया है। जेई और एसडीओ लगातार सक्रिय रहेंगे। कहीं भी कोई फाल्ट आएगा तो उसे ठीक करने तत्काल आउटसोर्सिंग कर्मी भेजे जाएंगे।
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पानी सप्लाई के लिए खुद फील्ड में रहेंगे जन स्वास्थ्य अधिकारी
जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी सोमवार रात की नाइट शिफ्ट से ही हड़ताल पर चले गए हैं। अब मंगलवार व बुधवार को पेयजल की सप्लाई के लिए एसडीओ से लेकर एक्सईएन स्तर के अधिकारी फील्ड में ही रहेंगे। वाटर वर्क्स पर जाकर अधिकारी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से खुद सप्लाई छुड़वाएंगे, ताकि लोगों को पेयजल के लिए परेशानी न उठानी पड़ी।
बिजली कर्मचारी हड़ताल के बहाने मारेंगे मौज
बिजली कर्मचारी यूनियन के कुछ नेताओं की ओर से कर्मचारियों को दो दिन तक हड़ताल के बहाने मौज मारने की सलाह दी गई है। इन नेताओं ने कर्मचारियों से कहा है कि दो दिन तक अगर किसी रिश्तेदारी में जाना है, तो जा आओ या फिर बच्चों के साथ कहीं बाहर का टूर बनाना है तो वह भी बना लो।
रोडवेज कर्मचारी दो दिनों तक हड़ताल पर रहेंगे। किसी भी सूरत में बसों को नहीं चलने दिया जाएगा। अगर कोई अधिकारी तानाशाही करने का प्रयास करेगा तो उसको मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
-राजपाल नैन, प्रधान, रोडवेज कर्मचारी यूनियन
प्रदेश और केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ बिजली कर्मचारी सोमवार रात से ही हड़ताल पर चले गए हैं। अब दो दिन तक कोई काम नहीं करेगा।
-दलीप सोनी, सर्कल सचिव, बिजली कर्मचारी यूनियन
हम सभी रूटों पर बसों को चलाने का प्रयास करेंगे। पुराने कंडक्टर-ड्राइवर नहीं आएंगे तो हम नए स्टाफ सदस्यों को रूटों पर भेजेंगे, ताकि जनता को परेशानी न झेलनी पड़े।
-अरविंद शर्मा, ट्रैफिक मैनेजर, रोडवेज
हमने सभी सब डिविजनल अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के सहारे पूरी व्यवस्था को संभाला जाए। व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए पुलिस फोर्स उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रशासन को लिखा गया है।
-आरके सभ्रवाल, कार्यवाहक एसई, हिसार सर्कल
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हिसार। सोमवार रात 10 बजे से सभी विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। रोडवेज के चक्का जाम से लेकर बिजली और पानी की व्यवस्थाओं के बाधित होने के पूरे आसार हैं। एहतियात के तौर पर बस स्टैंड और बिजली निगम के कार्यालयों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी लगा दिए गए हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष जताने के लिए कर्मचारी मंगलवार सुबह नगर निगम कार्यालय में एकत्रित होंगे। यहां से पूरे शहर में प्रदर्शन करते हुए रोष जाहिर करेंगे।
सुबह 3.50 बजे पहली बस चलाने का प्रयास करेंगे अधिकारी
रोडवेज कर्मचारियों ने भी हड़ताल में शामिल होने का एलान किया है। इस कारण बसों का चलाने के समय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बवाल होने की आशंका है। सुबह 3:50 बजे दिल्ली के लिए जाने वाली पहली बस को अधिकारी चलाने का प्रयास करेंगे, जबकि कर्मचारी बसों को वर्कशॉप से ही बाहर नहीं निकलने देंगे। ऐसे में माहौल न बिगड़े, इसलिए जिला प्रशासन ने नायब तहसीलदार एचके गुप्ता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया है, जबकि भारी पुलिस बल बस स्टैंड पर तैनात किया है।
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आउटसोर्सिंग के जरिये बिजली व्यवस्था रखी जाएगी मेंटेन
वहीं बिजली निगम के अधिकारियों की ओर से सरकारी कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने की स्थिति में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के सहारे बिजली व्यवस्था मेंटेन करवाई जाएगी। प्रत्येक सब डिविजन स्तर के अधिकारी को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को विशेष तौर पर बुलाने के लिए कहा गया है। जेई और एसडीओ लगातार सक्रिय रहेंगे। कहीं भी कोई फाल्ट आएगा तो उसे ठीक करने तत्काल आउटसोर्सिंग कर्मी भेजे जाएंगे।
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पानी सप्लाई के लिए खुद फील्ड में रहेंगे जन स्वास्थ्य अधिकारी
जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी सोमवार रात की नाइट शिफ्ट से ही हड़ताल पर चले गए हैं। अब मंगलवार व बुधवार को पेयजल की सप्लाई के लिए एसडीओ से लेकर एक्सईएन स्तर के अधिकारी फील्ड में ही रहेंगे। वाटर वर्क्स पर जाकर अधिकारी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से खुद सप्लाई छुड़वाएंगे, ताकि लोगों को पेयजल के लिए परेशानी न उठानी पड़ी।
बिजली कर्मचारी हड़ताल के बहाने मारेंगे मौज
बिजली कर्मचारी यूनियन के कुछ नेताओं की ओर से कर्मचारियों को दो दिन तक हड़ताल के बहाने मौज मारने की सलाह दी गई है। इन नेताओं ने कर्मचारियों से कहा है कि दो दिन तक अगर किसी रिश्तेदारी में जाना है, तो जा आओ या फिर बच्चों के साथ कहीं बाहर का टूर बनाना है तो वह भी बना लो।
रोडवेज कर्मचारी दो दिनों तक हड़ताल पर रहेंगे। किसी भी सूरत में बसों को नहीं चलने दिया जाएगा। अगर कोई अधिकारी तानाशाही करने का प्रयास करेगा तो उसको मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
-राजपाल नैन, प्रधान, रोडवेज कर्मचारी यूनियन
प्रदेश और केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ बिजली कर्मचारी सोमवार रात से ही हड़ताल पर चले गए हैं। अब दो दिन तक कोई काम नहीं करेगा।
-दलीप सोनी, सर्कल सचिव, बिजली कर्मचारी यूनियन
हम सभी रूटों पर बसों को चलाने का प्रयास करेंगे। पुराने कंडक्टर-ड्राइवर नहीं आएंगे तो हम नए स्टाफ सदस्यों को रूटों पर भेजेंगे, ताकि जनता को परेशानी न झेलनी पड़े।
-अरविंद शर्मा, ट्रैफिक मैनेजर, रोडवेज
हमने सभी सब डिविजनल अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के सहारे पूरी व्यवस्था को संभाला जाए। व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए पुलिस फोर्स उपलब्ध करवाने के लिए भी प्रशासन को लिखा गया है।
-आरके सभ्रवाल, कार्यवाहक एसई, हिसार सर्कल