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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   14 crores spent on Dhandur Go Sanctuary, now Nandishala will shift on crores of land on Delhi Bypass

ढंढूर गोअभयारण्य पर 14 करोड़ खर्चे, अब दिल्ली बाईपास पर करोड़ों की जमीन पर शिफ्ट होगी नंदीशाला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Dec 2021 12:06 AM IST
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14 crores spent on Dhandur Go Sanctuary, now Nandishala will shift on crores of land on Delhi Bypass
दिल्ली बाईपास स्थित निगम की जमीन, जहां नंदीशाला को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। - फोटो : Hisar
हिसार। नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। ढंढूर गोअभयारण्य पर 14 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी धांसू रोड स्थित अस्थायी नंदीशाला को दिल्ली बाईपास स्थित निगम की जमीन पर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। जिस जमीन पर नंदीशाला को शिफ्ट किया जा रहा है, उसकी कीमत भी करोड़ों में है। इस जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल करने की बजाय निगम इस जमीन पर नंदीशाला बना रहा है। हालांकि इसके पीछे निगम अधिकारियों का तर्क है कि यह ज्यादा लोग नंदीशाला से जुड़ सकेंगे।
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बता दें कि धांसू रोड स्थित निगम की अस्थायी नंदीशाला बनी हुई है, मगर यहां एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जिस कारण से एयरपोर्ट अथॉरिटी की तरफ से इसे शिफ्ट करने के आदेश जारी हुए थे। सूत्रों की मानें तो इस नंदीशाला का संचालन समाजसेवी द्वारा किया जा रहा है। जब निगम अधिकारी इस नंदीशाला को ढंढूर स्थित नंदीशाला में शिफ्ट करने लगे तो उक्त समाजसेवी ने इसका विरोध किया। उसका कहना था कि वह इस नंदीशाला को ढंढूर शिफ्ट नहीं होने देगा।
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10 कनाल एक मरला जमीन पर किया जाएगा शिफ्ट
दिल्ली बाईपास पर नगर निगम की 17 कनाल 2 मरले जमीन है। इसमें से 10 कनाल 1 मरला जमीन कुरुक्षेत्र गोशाला के सामने है, जबकि बाकी जमीन गोशाला के साथ लगती है। गोशाला के सामने की जमीन नंदीशाला को शिफ्ट करने का फैसला किया गया है। इस पर फिलहाल काफी झाड़ियां उगी हुई हैं, जिसे साफ करवाने के लिए निगम की तरफ टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। प्रॉपर्टी डीलर्स की मानें तो इस जमीन की कीमत कम से कम पांच करोड़ रुपये है।
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यहां नंदीशाला को इसलिए शिफ्ट किया जा रहा है, क्योंकि यह एरिया शहर के नजदीक है और इससे लोगों का ज्यादा जुड़ाव होगा। - अशोक गर्ग, निगमायुक्त
मैं निगम के इस फैसले का पूरी तरह से विरोध करता हूं। इस नंदीशाला को ढंढूर में ही शिफ्ट किया जाए। हाईवे किनारे जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे निगम की आमदनी भी बढ़ेगी। - भूप सिंह रोहिला, पार्षद, वार्ड-8
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