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पूर्व फौजी की हत्या करने वाले समधी को उम्रकैद की सजा
Updated Fri, 27 Jul 2018 01:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। भिवानी के गांव खेड़ा के रिटायर्ड फौजी रूपचंद की हत्या के मामले में कोर्ट ने उसके समधी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सेशन जज प्रमोद गोयल की अदालत ने फौजी के बेटे ऊधम सिंह के ससुर ओमप्रकाश निवासी शेयरपाजु जिला भिवानी निवासी को हत्या करने का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। उम्रकैद के अलावा दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोग के अनुसार फौजी रूपचंद के भाई ईश्वर ने हांसी पुलिस को शिकायत दी थी। ईश्वर ने शिकायत में बताया कि उसका भाई रूपचंद 27 नवंबर 2015 को अपने समधी ओमप्रकाश के साथ हांसी के गांव प्रेमनगर गया था। यहां वह दोनों ओमप्रकाश के साले जयपाल के घर में रुके हुए थे। रात को जयपाल ने ईश्वर को फोन करके बताया कि तुम्हारे भाई रूपचंद को ओमप्रकाश ने ईंटों व लठ से वार करके घायल कर दिया है। वह घायल रूपचंद को हांसी अस्पताल में लेकर आ रहा है। जब वह अपने भाई रूपचंद के पास अस्पताल पहुंचा तो देखा कि वह मर चुका था। उसके शरीर पर गहरी चोटों के निशान थे। इसके बाद हांसी सदर थाना पुलिस ने ओमप्रकाश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। एफआईआर के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। सेशन जज प्रमोद गोयल ने ओमप्रकाश को हत्या के लिए दोषी माना।
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हिसार। भिवानी के गांव खेड़ा के रिटायर्ड फौजी रूपचंद की हत्या के मामले में कोर्ट ने उसके समधी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सेशन जज प्रमोद गोयल की अदालत ने फौजी के बेटे ऊधम सिंह के ससुर ओमप्रकाश निवासी शेयरपाजु जिला भिवानी निवासी को हत्या करने का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। उम्रकैद के अलावा दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोग के अनुसार फौजी रूपचंद के भाई ईश्वर ने हांसी पुलिस को शिकायत दी थी। ईश्वर ने शिकायत में बताया कि उसका भाई रूपचंद 27 नवंबर 2015 को अपने समधी ओमप्रकाश के साथ हांसी के गांव प्रेमनगर गया था। यहां वह दोनों ओमप्रकाश के साले जयपाल के घर में रुके हुए थे। रात को जयपाल ने ईश्वर को फोन करके बताया कि तुम्हारे भाई रूपचंद को ओमप्रकाश ने ईंटों व लठ से वार करके घायल कर दिया है। वह घायल रूपचंद को हांसी अस्पताल में लेकर आ रहा है। जब वह अपने भाई रूपचंद के पास अस्पताल पहुंचा तो देखा कि वह मर चुका था। उसके शरीर पर गहरी चोटों के निशान थे। इसके बाद हांसी सदर थाना पुलिस ने ओमप्रकाश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। एफआईआर के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। सेशन जज प्रमोद गोयल ने ओमप्रकाश को हत्या के लिए दोषी माना।
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