फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   स्ट्रे कैटल फ्री की घोषणा आम और खास के लिए बनी मुसीबत

स्ट्रे कैटल फ्री की घोषणा आम और खास के लिए बनी मुसीबत

Thu, 31 Jan 2019 01:28 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jan 2019 01:28 AM IST
विज्ञापन
स्ट्रे कैटल फ्री की घोषणा आम और खास के लिए बनी मुसीबत
कागजों में सिमटी स्ट्रे कैटल फ्री शहर की घोषणा, हाईवे पर घूम रहे लावारिस पशु
विज्ञापन

सिवानी मंडी। राज्य सरकार की ओर से शहरों को लावारिस पशु मुक्त योजना प्रशासन की अनदेखी से कागजों तक सिमट कर रह गई है। शहर और गांव दोनों जगह लोग लावारिस पशुओं से परेशान हैं। ये लावारिस पशु शहर की सड़कों और हाईवे पर घूमते रहते हैं। इससे हादसे होने की आशंका बनी रहती है। वहीं गांव में लावारिस पशुओं से फसल को बचाने के लिए किसान रात को जागकर पहरा दे रहे हैं। लावारिस पशुओं की उचित व्यवस्था करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन चला रही किसान सभा का दावा है कि पशुओं का कोई प्रबंध नहीं होने से कई क्षेत्र के किसानों ने खेती से किनारा कर लिया है।
गौरतलब है कि सिवानी में लावारिस पशुओं ने क्षेत्र के लोगों वाहन चालकों के अलावा किसानों की नाक में दम कर रखा है। झुंपा से हिसार तक नेशनल हाईवे 52 पर लावारिस पशु रोजाना हादसों को बढ़ावा दे रहे हैं। कई बार इन लावारिस पशुओं की वजह से क्षेत्र में हादसे हो चुके है लेकिन शासन और प्रशासन इस मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए है। लावारिस पशुओं की लगातार बढ़ती फौज ने किसानों की भी रात की नींद हराम कर दी है। फसल को बचाने के लिए किसानों को रात भर खेतों में पहरा देना पड़ रहा है।
विज्ञापन

---------------
पशुओं का झुंड खेतों से एक बार गुजरा, तो पूरी फसल खराब
किसान गुरमेज सिंह, संजय राणा, सुरेश बिश्नोई, राजाराम, रामकुमार व सरदारा सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में सरसों, गेहूं, चना और ज्वार की फसल की बिजाई की हुई है। बिजाई के बाद अगर एक बार भी पशुओं का यह झुंड उनके खेतों से गुजर गया तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए वे रात भर अपनी नींद हराम कर खेतों में पहरेदारी कर रहे है। उनकी मांग है कि सरकार इन्हें लेकर कोई ठोस प्रबंध करे। गोरक्षा दल के सदस्य व एडवोकेट सुनील परिहार का कहना है कि नेशनल हाईवे पर लावारिस पशुओं की संख्या रोजाना बढ़ रही है। जिस पर काबू पाने की जिम्मेदारी टोल प्रशासन की है। टोल प्रशासन जान-बूझकर इस मामले में लापरवाही बरत रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----
हमारे सुझाव लागू करे तो होगा समाधान-किसान सभा
लंबे समय से लावारिस पशुओं को लेकर आंदोलन कर रही अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य सचिव दयानंद पूनिया, जिला पार्षद बलवान बागड़ी, जंगबीर ढांडा का आरोप है कि सरकार लावारिस पशुओं से निजात दिलाने के लिए लोगों के समक्ष गलत आंकड़े प्रस्तुत कर रही है। किसान सभा के अनुसार सरकार सरकार पशु मेले पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाए। साथ ही गाय के व्यापार को भी शुरू करवाए। इसके अलावा पशु क्रूरता के नाम पर जो कार्रवाई हो रही है उस पर तुरंत लगाम लगाई जाए और गो भक्तों की बजाय इस मामले की डोर प्रशासन के हवाले की जाए। उन्होंने दावा किया कि लावारिस पशुओं की वजह से बारानी इलाके के अधिकांश किसान खेती करने से कतरा रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed