फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   शहर की स्थानीय राजनीति में भूचाल...

शहर की स्थानीय राजनीति में भूचाल...

Fri, 29 Dec 2017 01:05 AM IST
Updated Fri, 29 Dec 2017 01:05 AM IST
विज्ञापन
शहर की स्थानीय राजनीति में भूचाल...
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार।
चंडीगढ़ में कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक में हुए निर्णय के बाद नगर निगम की राजनीति में भूचाल आ गया है। बैठक में हुड्डा सरकार के समय जोड़ी गई पंचायतों को निगम के दायरे से बाहर करने पर मंथन हुआ। अगर ऐसा हुआ तो मुख्य रूप से सातरोड गांव इस श्रेेेणी में आएगा। सातरोड के अलावा आजाद नगर का एरिया जो अमरदीप ग्राम पंचायत के नाम से जाना जाता था और एपी बीड़ पंचायत का हिस्सा भी हटाया जा सकता है।
स्थानीय स्तर पर राजनीति करने वालों का कहना है कि अगर गांव को निगम एरिया से हटाया जाता है तो नई वार्डबंदी में भी फिर से बदलाव किए जा सकते हैं। वार्डबंदी को लेकर फिर से बाउंडरी खिंचेगी। क्योंकि वार्ड 20 ही बनाने पड़ेंगे। 20 वार्डों की फिर से जनसंख्या वार्ड वाइज बांटनी पड़ेगी। अगर जनसंख्या तीन लाख से कम बनती है तो नगर परिषद बन जाएगा। इसमें फिर से 33 वार्ड बनाने पड़ेंगे।
विज्ञापन

तीन लाख से कम जनसंख्या रही तो फिर से बन सकती है परिषद
निगम की राजनीति से जुड़े लोगों का कहना है कि निगम बनाने के लिए तीन लाख लोगों की आबादी होना जरूरी है। अगर गांवों को निगम से हटाए जाने के बाद जनसंख्या तीन लाख से कम होती है तो निगम को दोबारा से परिषद की श्रेेणी में भी लाया जा सकता है। हालांकि कुछ जानकारों का कहना है कि आजाद नगर और सातरोड हटाए जाने के बाद भी निगम की आबादी तीन लाख के आसपास रहेगी। क्योंकि मौजूदा वार्डबंदी सर्वे में निगम की जनसंख्या 3 लाख 68 हजार के आसपास है। सातरोड़ की जनसंख्या 18 हजार और आजाद नगर एरिया की जनसंख्या 30 हजार के आसपास है। दोनों की जनसंख्या हटाई जाए तो भी तीन लाख से अधिक की जनसंख्या रहती है। ऐसे में परिषद बनाना आसान नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

निगम की प्रॉपर्टी घटेगी, करोड़ों के प्रोजेक्ट रुकेंगे
नगर निगम से अगर सातरोड गांव हटेगा तो निगम की प्रॉपर्टी घट जाएगी। क्योंकि सातरोड पंचायत के पास उस वक्त 200 एकड़ जमीन थी। निगम बनने के बाद यह निगम की प्रॉपर्टी बन गई। इसके अलावा सातरोड में वर्तमान में करोड़ों के प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं, वे रुक जाएंगे। इसमें स्वर्ण जयंती पार्क, 25 लाख की लागत से बनाए जाने वाला खेल स्टेडियम, अमृत योजना का करोड़ों के सीवरेज और पानी के प्रोजेक्ट रुक जाएंगे।
राजपाल मांडू ने रखा था प्रस्ताव
राजपाल मांडू ने जुलाई में हुई हाउस की मीटिंग में सातरोड गांव को निगम से हटाने का प्रस्ताव रखा था। यह प्रस्ताव हाउस ने पास करके सरकार के पास भेजा था। पार्षद मांडू ने कहा था कि हमारी तो पंचायत ही अच्छी थी। हमारे गांव में काम तो होते नहीं। लोग चक्कर काटते रहते हैं। गांवों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। हाउस ने प्रस्ताव पास कर सरकार के पास भेज दिया था।

वार्ड 11 के पार्षद राजपाल मांडू ने कहा कि अगर सरकार ने ये फैसला किया है तो स्वागत योग्य है। हमने प्रस्ताव पास कर सरकार के पास भेजा था। निगम पार्षदों के पास वो पावर नहीं, जो पंचायत के पास होती है। -राजपाल मांडू, पार्षद वार्ड 11 सातरोड

अमरदीप ग्राम पंचायत पहली और आखिरी पंचायत थी। यह पंचायत एक बार ही बनी थी। इसके बाद निगम में इसे मिला लिया गया था। आजाद नगर एरिया के लोगों की मांग है कि इसे निगम में ही रखा जाए। आजाद नगर के लोग इसे निगम में शामिल किए जाने के बाद से खुश हैं। पंचायत ने अपनी खुशी से रेजुलेशन दिया था। - नरेंद्र शर्मा, पार्षद वार्ड 19

सातरोड गांव में ये प्रोजेक्ट प्रस्तावित
- स्टेडियम- 25 लाख मंजूर, साढे़ आठ एकड़ जमीन पर बनाया जाना है।
स्वर्ण जयंती पार्क : साढ़े छह एकड़ में बनाया जाना है, करीब एक करोड़ खर्च होंगे।
ये निकला हाथ से
- सवा दो एकड़ जमीन रेलवे को दी गई, रेलवे ने बिजली घर लगाया।

एपी बीड़ पंचायत का कुछ हिस्सा, जिसमें तेजा मार्केट और बगला रोड का हिस्सा निगम में मिलाया गया था, यह हिस्सा अगर वापस भी चला जाएगा तो कोई बड़ी बात नहीं। यहां की जनसंख्या आठ सौ के करीब है। सातरोड और आजाद नगर को हटा दिया जाएगा तो भी निगम नहीं टूटेगा। शहर की जनसंख्या नॉर्म के अनुसार तीन लाख होनी चाहिए, इतनी जनसंख्या पहले से ही है। -अनिल जैन, पार्षद वार्ड एक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed