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ब्लैक फंगस : 11 ऑपरेश, एक का निकाला जबड़ा
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हिसार। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को फिर एक और ब्लैक फंगस के मरीज का ऑपरेशन कर पूरा जबड़ा निकाला गया है। ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनिवाल एवं वॉलंटियर ओरल सर्जन डॉ. कन्नू प्रिया ने अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक ऑपरेशन किए। दंत विभाग की टीम ने जबड़े के कुल चार, नेत्र रोग विभाग ने आंखों के चार माइनर ऑपरेशन और ईएनटी विभाग ने तीन मरीजों के नाक के ऑपरेशन किए। इस तरह कुल 11 ऑपरेशन हुअए।
मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के तीन नए मरीज दाखिल हुए है। ये तीनों ही मरीज हिसार जिले के रहने वाले हैं। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में म्यूकरमाइकोसिस के 76 मरीज दाखिल हैं। मंगलवार को किसी भी मरीज की ब्लैक फंगस के कारण मौत नहीं हुई है। दो मरीज संदिग्ध हैं, जिनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। दो मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेजा गया है।
सरकार की ओर से नहीं आई दवा
मंगलवार को फिर मेडिकल कॉलेज में सरकार की ओर से आने वाले लाइपोसोनल के इंजेक्शन नहीं पहुंचे। ये इंजेक्शन ब्लैक फंगस उपचार में बेहद कारगर हैं। दो दिन बाद सोमवार को 162 इंजेक्शन आए थे। कॉलेज प्रबंधन की ओर से मरीजों को वैकल्पिक इंजेक्शन दिए गए है। जो फंगस रोकने में अधिक कारगर नहीं हैं। इसके मरीजों में दुष्प्रभाव भी आ रहे है।
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मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के तीन नए मरीज दाखिल हुए है। ये तीनों ही मरीज हिसार जिले के रहने वाले हैं। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में म्यूकरमाइकोसिस के 76 मरीज दाखिल हैं। मंगलवार को किसी भी मरीज की ब्लैक फंगस के कारण मौत नहीं हुई है। दो मरीज संदिग्ध हैं, जिनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। दो मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेजा गया है।
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सरकार की ओर से नहीं आई दवा
मंगलवार को फिर मेडिकल कॉलेज में सरकार की ओर से आने वाले लाइपोसोनल के इंजेक्शन नहीं पहुंचे। ये इंजेक्शन ब्लैक फंगस उपचार में बेहद कारगर हैं। दो दिन बाद सोमवार को 162 इंजेक्शन आए थे। कॉलेज प्रबंधन की ओर से मरीजों को वैकल्पिक इंजेक्शन दिए गए है। जो फंगस रोकने में अधिक कारगर नहीं हैं। इसके मरीजों में दुष्प्रभाव भी आ रहे है।
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