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जोड़ समाचार:::::: गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ की टीम
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गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ की टीम
बुधवार देर रात करीब 11 बजे गाजियाबाद से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम के 10 से 12 सदस्यों ने पहले पूरे हालात का जायजा लिया। इसके बाद सेना के जवानों के साथ इस टीम के सदस्य भी बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने में जुट गए।
बीएसएफ ने लीड किया अभियान
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के नेतृत्व में यह पूरा बचाव अभियान चलाया गया। इस दौरान बल के 25 जवान बचाव कार्य में लगे रहे, जबकि 20 जवानों को रिजर्व में रखा गया। इसके अलावा सदर थाना पुलिस और बालसमंद पुलिस चौकी के 40 पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे।
लाइट के लिए लेकर आए दो जेनरेटर
खेतों में लाइट की बेहतर व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रशासन ने मौके पर दो बड़े जेनरेटर मंगवाए। इन जेनरेटरों के सहारे मर्करी और बड़ी लाइटों से रोशनी की गई। उसके बाद नदीम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन आगे बढ़ाया गया।
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रात 11:20 बजे घटनास्थल से लौटे डीसी और एसपी
बीएसएफ और एनडीआरएफ की टीम द्वारा मोर्चा संभालने के बाद डीसी अशोक मीणा और एसपी शिवचरण रात 11 बजकर 20 मिनट पर घटनास्थल से चले गए। हालांकि दोनों अधिकारियों ने बच्चे के सुरक्षित बाहर निकलते ही तुरंत सूचना देने के लिए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए।
मां बोलीं- ऊपर वाले से यही दुआ, बस मेरा बेटा सुरक्षित बाहर आ जाए
बोरवेल में गिरे मासूम नदीम की मां गुलशन ने बताया कि बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर मैं दौड़कर वहां गई। बच्चों ने बताया कि नदीम बोरवेल में गिर गया। मैंने झांककर आवाज लगाई तो नदीम के रोने की आवाज आई। इसके बाद परिजनों ने मुझे ढाणी में भेज दिया। ऊपर वाले से यही दुआ है कि मेरा बेटा सुरक्षित बोरवेल से बाहर आ जाए।
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बुधवार देर रात करीब 11 बजे गाजियाबाद से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम के 10 से 12 सदस्यों ने पहले पूरे हालात का जायजा लिया। इसके बाद सेना के जवानों के साथ इस टीम के सदस्य भी बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने में जुट गए।
बीएसएफ ने लीड किया अभियान
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के नेतृत्व में यह पूरा बचाव अभियान चलाया गया। इस दौरान बल के 25 जवान बचाव कार्य में लगे रहे, जबकि 20 जवानों को रिजर्व में रखा गया। इसके अलावा सदर थाना पुलिस और बालसमंद पुलिस चौकी के 40 पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे।
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लाइट के लिए लेकर आए दो जेनरेटर
खेतों में लाइट की बेहतर व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रशासन ने मौके पर दो बड़े जेनरेटर मंगवाए। इन जेनरेटरों के सहारे मर्करी और बड़ी लाइटों से रोशनी की गई। उसके बाद नदीम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन आगे बढ़ाया गया।
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रात 11:20 बजे घटनास्थल से लौटे डीसी और एसपी
बीएसएफ और एनडीआरएफ की टीम द्वारा मोर्चा संभालने के बाद डीसी अशोक मीणा और एसपी शिवचरण रात 11 बजकर 20 मिनट पर घटनास्थल से चले गए। हालांकि दोनों अधिकारियों ने बच्चे के सुरक्षित बाहर निकलते ही तुरंत सूचना देने के लिए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए।
मां बोलीं- ऊपर वाले से यही दुआ, बस मेरा बेटा सुरक्षित बाहर आ जाए
बोरवेल में गिरे मासूम नदीम की मां गुलशन ने बताया कि बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर मैं दौड़कर वहां गई। बच्चों ने बताया कि नदीम बोरवेल में गिर गया। मैंने झांककर आवाज लगाई तो नदीम के रोने की आवाज आई। इसके बाद परिजनों ने मुझे ढाणी में भेज दिया। ऊपर वाले से यही दुआ है कि मेरा बेटा सुरक्षित बोरवेल से बाहर आ जाए।