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ठसका में गोवंश की मौत पर गुस्साए संगठन

Tue, 08 May 2018 02:12 AM IST
Updated Tue, 08 May 2018 02:12 AM IST
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ठसका में गोवंश की मौत पर गुस्साए संगठन
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
गांव ठसका के साथ लगते सरकारी फार्म में बदहाल गौवंश की संख्या 100 से भी पार पहुंच चुकी है। सरकारी तंत्र की लापरवाही की वजह से गायें हर रोज दम तोड़ रही हैं। इन गायों के लिए न कोई चारे की व्यवस्था है तो न ही पीने के पानी की। एक बीमार गाय तो टैग लगी हुई भी मिली। गौसेवकों ने सरकारी फार्म में गायों के मरने के मामले की जांच की मांग की है।
रविवार को यहां पर 40 गाय मृत मिली थी। सोमवार को गौसेवकों द्वारा चलाए गए सर्च अभियान में मृत गायों के कंकाल और बॉडी को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह संख्या करीब 150 तक पहुंच सकती है। मृत गायों के कारण यहां का वातावरण भी दूषित हो गया है। श्री हरियाणा कुरुक्षेत्र गोशाला के पदाधिकारी नरेश अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर यहां बीमार गायों को एंबुलेंस की मदद से उठाना शुरू करवाया। साथ ही गोसेवकों के साथ मिलकर जगह-जगह पर सूखा और हरा चारा डाला गया है। इनमें से कई गायों की हालत तो इतनी अधिक दयनीय है कि उनके शरीर में कीड़े पड़ चुके है।
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सोमवार को श्री हरियाणा कुरुक्षेत्र गोशाला के पदाधिकारियों के अलावा अन्य गोशालाओं के पदाधिकारी, गांव ठसका, बीड़ बबरान, जुगलान के गोसेवक मौके पर पहुंचे। करीब 600 एकड़ की इस सरकारी जमीन पर करीब एक हजार गाय होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। 100 से ज्यादा गायों के मृत शरीर और कंकाल अभी तक यहां देखे गए हैं। मृत गायों को कुत्ते नोचकर खा रहे हैं।
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जमीन पर बना है गो सदन
इस सरकारी जमीन पर सरकार द्वारा गौ सदन का निर्माण भी किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस सदन में केवल 44 गाय ही रखी गई हैं। गो सदन के आसपास सैकड़ों गाय बीमार और मृत अवस्था में हैं। इसके बाद भी सरकारी कर्मचारियों ने उनके उपचार करने या मृत गायों को दफनाने के बारे में विचार तक नहीं किया। जब गो सेवकों ने एक कर्मचारी से बात करने की कोशिश की तो उसने खिसकने की कोशिश की। गोसेवकों ने बताया कि यह कर्मचारी उस समय नशे में था।
ग्रामीणों से बात करेंगे : रामपत
गांव ठसका के सरपंच प्रतिनिधि रामपत का कहना है उन्हें इस क्षेत्र में इतनी अधिक संख्या में गाय होने के बारे में पता नहीं था। सरकारी फार्म होने के कारण गांव के लोग यहां नहीं आते। गायों को बचाने के लिए ग्रामीणों और गौ सेवकों के साथ मिलकर प्रयास कर रहे हैं।
पहुंची चिकित्सकों की टीम
श्री हरियाणा कुरुक्षेत्र गो चिकित्सालय की टीम के सदस्य नरेश अग्रवाल और सत्यप्रकाश ब्रह्मानंद ने बताया कि गो चिकित्सालय में एक बीमार गाय आईं, जिनके शरीर में कीड़े पड़े हुए थे। गौ चिकित्सालय में कुछ और बीमार गायों को भी लाया गया। टीम सदस्यों ने कहा कि अगर सरकार 15 रुपये प्रति गाय भी हमें दे तो हम पूरे जिले में एक भी लावारिस गाय नहीं रहने देंगे। अगर प्रशासन इस ओर ध्यान दे तो इस 1200 एकड़ भूमि में जिले की सभी बेसहारा गायों की अच्छे से देखरेख हो सकती है। इस मौके पर गांव वासियों के साथ संजीव बुड़ाकिया, मनीष मंगाली वाला, अशोक बंसल, विशाल अग्रवाल, विनोद गुप्ता, राकेश अग्रवाल, सीताराम सिंगल, रमेश दड़बा, प्रदीप सरावगी, शमशेर आर्य, सज्जन कुमार, पतराम, गौपुत्र सेना के संजय व सुनील आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषी अधिकारियों पर हो सख्त कार्रवाई : गर्ग
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने सरकारी अधिकारियों की लापरवाही के कारण गायों की चारा व पानी ना मिलने के कारण मौत होने पर रोष जताया है। उन्होंने मांग की कि अधिकारियों की लापरवाही से जो गायों की मौत हुई, उसकी सरकार को उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार को दिल्ली और राजस्थान सरकार की तरह प्रदेश की हर गोशालाओं को गाय के रखरखाव के लिए कम से कम 25 रुपये प्रति गाय देने चाहिए।
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