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बलिदान दिवस के मौके पर आरक्षण आंदोलन की रणनीति का एलान होगा : यशपाल मलिक
Updated Tue, 23 Jan 2018 12:57 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार हमारी मांगों को 18 फरवरी तक पूरा करे। हम 18 फरवरी को प्रदेशभर में बलिदान दिवस मनाएंगे। इसमें आगामी रणनीति का एलान किया जाएगा। इस बारे में 24 जनवरी को रोहतक के जसिया में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी। वहीं किसानों को समर्थन देने के बाद यशपाल मलिक सोमवार को बुड़ाक जल आंदोलन में दर्ज केस में तारीख पर हिसार कोर्ट में पहुंचे थे।
अब सरकार की नीयत में कुछ खोट
सरकार ने पहले सार्वजनिक रूप मीडिया से सामने छह मांगों के बारे में समझौता किया था। आरक्षण और आंदोलनों के बारे में बनाए गए केसों को वापस नहीं लिया गया है। सरकार केस वापस लेने में बहाने बना रही है। मांगों के समाधान में चुनाव पैमाना नहीं होना चाहिए। शुरुआत में सरकार की नीयत ठीक लग रही थी। अब नीयत में कुछ खोट नजर आ रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा समिति ने कभी ट्रेन नहीं रोकी। समिति के लोगों ने अपने खेतों के पास रेलवे ट्रैक के पास धरने लगाए थे। रेलवे ने अपनी मर्जी से ट्रेन बंद की थी। आगामी आंदोलन का स्वरूप कैसे होगा, यह सरकार पर निर्भर है। इस अवसर पर प्रवक्ता रामभगत मलिक, महेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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हिसार।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार हमारी मांगों को 18 फरवरी तक पूरा करे। हम 18 फरवरी को प्रदेशभर में बलिदान दिवस मनाएंगे। इसमें आगामी रणनीति का एलान किया जाएगा। इस बारे में 24 जनवरी को रोहतक के जसिया में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी। वहीं किसानों को समर्थन देने के बाद यशपाल मलिक सोमवार को बुड़ाक जल आंदोलन में दर्ज केस में तारीख पर हिसार कोर्ट में पहुंचे थे।
अब सरकार की नीयत में कुछ खोट
सरकार ने पहले सार्वजनिक रूप मीडिया से सामने छह मांगों के बारे में समझौता किया था। आरक्षण और आंदोलनों के बारे में बनाए गए केसों को वापस नहीं लिया गया है। सरकार केस वापस लेने में बहाने बना रही है। मांगों के समाधान में चुनाव पैमाना नहीं होना चाहिए। शुरुआत में सरकार की नीयत ठीक लग रही थी। अब नीयत में कुछ खोट नजर आ रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा समिति ने कभी ट्रेन नहीं रोकी। समिति के लोगों ने अपने खेतों के पास रेलवे ट्रैक के पास धरने लगाए थे। रेलवे ने अपनी मर्जी से ट्रेन बंद की थी। आगामी आंदोलन का स्वरूप कैसे होगा, यह सरकार पर निर्भर है। इस अवसर पर प्रवक्ता रामभगत मलिक, महेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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