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Haryana: कफ सिरप में ज्यादा मिली डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा, बैचों की बिक्री व वितरण पर प्रतिबंध लगा
Sat, 08 Nov 2025 05:50 PM IST
नवीन दलाल
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: नवीन दलाल
Updated Sat, 08 Nov 2025 05:50 PM IST
सार
हरियाणा ड्रग कंट्रोलर की ओर से जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) का रसायन मिलाया जाता है। यह एक रंगहीन और गंधहीन अल्कोहलिक कंपाउंड है, जिसका इस्तेमाल कफ सिरप को मीठा बनाने और घुलनशील बनाने में किया जाता है।
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कफ सिरप
- फोटो : संवाद
विस्तार
कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) की मात्रा तय सीमा से ज्यादा होने पर बच्चों के लिए यह घातक हो सकता है। ऐसा ही एक कफ सिरप रुड़की स्थित श्रेया लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड का प्लानोकफ डी मिलावटी पाया गया है, जिसमें डीईजी की मात्रा तय सीमा से ज्यादा मिली है। इसे लेकर हरियाणा फूड एंड ड्रग्स प्रशासन की ओर से सभी ड्रग कंट्रोलर को निर्देश दिया गया है कि मिलावटी सिरप की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही नमूने लेने के साथ स्टॉक को जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं। ड्रग कंट्रोलर की ओर से बकायदा कफ सिरप का बैच नंबर भी जारी किया गया है। कफ सीरप की जांच गुवाहटी की प्रयोगशाला में की गई थी।
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हरियाणा ड्रग कंट्रोलर की ओर से जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) का रसायन मिलाया जाता है। यह एक रंगहीन और गंधहीन अल्कोहलिक कंपाउंड है, जिसका इस्तेमाल कफ सिरप को मीठा बनाने और घुलनशील बनाने में किया जाता है। इसकी ज्यादा मात्रा बच्चों की किडनी फेल व तंत्रिका संबंधी जटिलताएं होने के साथ मौत भी हो सकती है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्रग कंट्रोलर ने तत्काल प्रभाव से इन बैचों की बिक्री व वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। ड्रग कंट्रोलर ने खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं, वितरकों, अस्पतालों और चिकित्सकों को निर्देश दिया जाता है कि वे उपयुक्त बैचों की बिक्री, वितरण और प्रिस्कि्प्शन का इस्तेमाल न करें। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने मध्यप्रदेश व राजस्थान में कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा अधिक पाई गई थी, जिसके कारण कई बच्चों की मौत हो गई थी।
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