पटाखों और पराली ने घोला हवा में जहर: सर्वाधिक प्रदूषित राज्य बना हरियाणा, सबसे प्रदूषित शहर जींद
- हरियाणा का एक्यूआई 463
- देश के 13 शहरों में प्रदेश के 6 शहर सबसे अधिक प्रदूषितों में शामिल
- दो जिलों को छोड़ पूरे हरियाणा की हवा सांस लेने लायक नहीं
- पंचकूला और नारनौल की हवा मध्यम श्रेणी में रही
- राज्य के 6 शहरों के हालात ‘गंभीर’ और 17 शहर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में
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विस्तार
दिवाली पर फोड़े गए पटाखे और लगातार जल रही पराली ने हरियाणा की हवा को जहरीला बना दिया है। दिवाली के तीसरे दिन भी प्रदेश के हालात चिंताजनक बने रहे। रविवार को देश में सर्वाधिक प्रदूषित हरियाणा रहा और जींद खतरनाक हवा के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। देश के सबसे अधिक प्रदूषित 13 शहरों में प्रदेश के 6 शहर शामिल रहे। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 6 जिलों की हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई।
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वहीं, 17 जिलों में हवा का स्तर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। पंचकूला और नारनौल को छोड़कर प्रदेश के किसी जिले में हवा सांस लेने लायक नहीं है। दोनों शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) क्रमश: 144 और 196 रहा। हालांकि दोनों शहरों की हवा मध्यम श्रेणी में रही, यानी दोनों शहरों की हवा भी संतोषजनक नहीं मानी गई।
अभी दो दिन राहत के आसार नहीं
दिल्ली में भी प्रदूषण को लेकर स्थिति गंभीर बनी हुई है। सफर के मुताबिक रविवार को पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की 4,189 घटनाएं दर्ज की गईं। दिल्ली के प्रदूषण में इनका हिस्सा 48 फीसदी रहा। इस सीजन में पराली के प्रदूषण का यह हिस्सा सबसे अधिक है। सफर का कहना है कि उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से चलने वाली तेज हवाओं के कारण पराली का धुआं तेजी से दिल्ली की हवा में घुलकर इसे जहरीला बना रहा है। सफर इंडिया के मुताबिक अभी दो दिन राहत के आसार नहीं हैं।
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देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहर
शहर एक्यूआई
- जींद 463
- दिल्ली 456
- गाजियाबाद 455
- नोएडा 452
- गुरुग्राम 450
- हापुड़ 444
- बल्लभगढ़ 433
- फरीदाबाद 433
- वृदावन 432
- कानपुर 428
- हिसार 428
- मेरठ 421
- पानीपत 405
नोट - आंकड़े केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शाम चार बजे जारी।