फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Haryana: Nayab Singh Saini became the third Chief Minister of Haryana while being an MP

Haryana: लोकसभा सांसद रहते हरियाणा में तीसरे मुख्यमंत्री बने नायब, बंसीलाल रेलवे मंत्री से बने थे सीएम

Wed, 13 Mar 2024 06:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह भूपेंद्र आट्टा, अमर उजाला डिजिटल, हरियाणा
भूपेंद्र आट्टा, अमर उजाला डिजिटल, हरियाणा Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 13 Mar 2024 06:01 AM IST
सार

मंगलावार को हरियाणा की राजनीति में एक नया मोड़ आया। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा-जजपा का गठबंधन टूटा और कुरुक्षेत्र से सांसद एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष नायब सिंह सैनी को विधायक दल का नेता चुना गया।

विज्ञापन
Haryana: Nayab Singh Saini became the third Chief Minister of Haryana while being an MP
पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा। - फोटो : इंटरनेट

विस्तार

नायब सिंह सैनी हरियाणा के 11वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। इसी के साथ वें हरियाणा के ऐसे तीसरे मुख्यमंत्री बने हैं जो लोकसभा के सदस्य हैं और विधानसभा के सदस्य नहीं हैं। लोकसभा सांसद के पद पर रहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है। उनसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बंसीलाल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी लोकसभा के सदस्य रहते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री बने थे। 

विज्ञापन


रेलवे मंत्री रहते बंसीलाल बने थे मुख्यमंत्री
हरियाणा में पहली बार लोकसभा सांसद रहते मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल बने थे। वह देश के रेलवे मंत्री थे। उन्होंने 5 जुन 1986 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उसके बाद तोशाम सीट से उन्होंने बेटे सुरेंद्र सिंह की सीट खाली करवाकर उपचुनाव लड़ा और एकतरफा जीत हासिल की। इस उपचुनाव में कांग्रेस नेता बंसीलाल को 81298 मत मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर निर्दलीय आर. सरूप को मात्र 479 मत ही हासिल हुए थे। उनका यह कार्यकाल 19 जुन 1987 तक चला था। 
विज्ञापन


भूपेंद्र सिंह हुड्डा 2005 में बने थे सांसद रहते मुख्यमंत्री 
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा 5 मार्च 2005 में जब मुख्यमंत्री बने तो वह रोहतक लोकसभा से सांसद थे। उसके बाद किलोई विधानसभा से श्रीकृष्ण हुड्डा ने उनके लिए सीट छोड़ी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा आसानी से उपचुनाव जीत गए। लोकसभा की सीट खाली होने पर दीपेंद्र हुड्डा की एंट्री देश की राजनीति में हुई और अपनी पारंपरिक सीट पर उन्होंने उपचुनाव में 355074 वोट प्राप्त किए। जबकी भाजपा से अभिमन्यू को 123116 मत प्राप्त हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिन विधायक बने छह महीने बने रह सकते हैं सीएम, मनोहर लोकसभा में गए तो सीट हो जाएगी खाली
नायब सिंह सैनी बिना विधानसभा सदन के सदस्य बने 6 महीने मुख्यमंत्री के पद पर रह सकते हैं। ऐसे में 11 सितंबर से पहले या तो उन्हें किसी सीट से चुनाव लड़कर विधायक बनना होगा या फिर सीएम का पद छोड़ना होगा। अगर वे चुनाव नहीं लड़ते हैं तो एक विकल्प यह भी है मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें और फिर दोबारा शपथ ग्रहण करें या फिर किसी और को शपथ दिलाई जाए। विधानसभा भंग कर समय से पहले चुनाव कराना भी संभव है। हरियाणा की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 2 नवंबर 2024 तक है।


इसके अलावा अगर भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को लोकसभा में चुनाव में उतारती है और वह सांसद बनते हैं तो करनाल लोकसभा की सीट खाली हो सकती है और वहां से नायब सिंह को उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी बना सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed