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जेबीटी भर्ती मामले पर हाईकोर्ट सख्त
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 27 May 2014 11:34 PM IST
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हरियाणा में वर्ष 2011 में हुई 8285 जेबीटी अध्यापकों की भर्ती से पहले इनकी पात्रता के लिए आयोजित हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) में कथित गड़बड़ी की रिपोर्ट न आने पर हाईकोर्ट के जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने मौलिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक को अगली सुनवाई पांच अगस्त को रिपोर्ट सौंपने या फिर निजी तौर पर पेश होकर जवाब देने का निर्देश दिया है।
विभाग को इस मामले में मंगलवार को रिपोर्ट पेश करनी थी, लेकिन सरकार की ओर से कहा गया कि अभी रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है।
इस पर हाईकोर्ट ने महानिदेशक को रिपोर्ट पेश करने अन्यथा निजी तौर पर पेश होकर जवाब देने को कहा है। वर्ष 2011 में जेबीटी भर्ती हुई थी।
इससे पहले एचटेट आयोजित किया गया था। एचटेट में गड़बड़ी होने का आरोप लगाते हुए एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी और जेबीटी भर्ती रद्द करने की मांग की गई थी।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि एचटेट के दौरान आवेदन फार्मों और उत्तर पुस्तिकाओं पर उम्मीदवारों के अंगूठे के निशान होने चाहिए और एचटेट का सर्टिफिकेट जारी करने से पहले फार्मों और उत्तर पुस्तिकाओं पर लगे अंगूठों के निशान का मिलान किया जाना चाहिए।
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ऐसा एचटेट के लिए जरूरी भी बनाया गया था, याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि अंगूठों के निशान का मिलान किए बगैर सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए और बाद में यही उम्मीदवार भर्ती हुए।
हाईकोर्ट ने सरकार को अंगूठों के निशान के मिलान की सीएफएसएल रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार यह रिपोर्ट अभी तक दाखिल नहीं कर सकी है।
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विभाग को इस मामले में मंगलवार को रिपोर्ट पेश करनी थी, लेकिन सरकार की ओर से कहा गया कि अभी रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है।
इस पर हाईकोर्ट ने महानिदेशक को रिपोर्ट पेश करने अन्यथा निजी तौर पर पेश होकर जवाब देने को कहा है। वर्ष 2011 में जेबीटी भर्ती हुई थी।
इससे पहले एचटेट आयोजित किया गया था। एचटेट में गड़बड़ी होने का आरोप लगाते हुए एक याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी और जेबीटी भर्ती रद्द करने की मांग की गई थी।
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याचिका में आरोप लगाया गया था कि एचटेट के दौरान आवेदन फार्मों और उत्तर पुस्तिकाओं पर उम्मीदवारों के अंगूठे के निशान होने चाहिए और एचटेट का सर्टिफिकेट जारी करने से पहले फार्मों और उत्तर पुस्तिकाओं पर लगे अंगूठों के निशान का मिलान किया जाना चाहिए।
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ऐसा एचटेट के लिए जरूरी भी बनाया गया था, याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि अंगूठों के निशान का मिलान किए बगैर सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए और बाद में यही उम्मीदवार भर्ती हुए।
हाईकोर्ट ने सरकार को अंगूठों के निशान के मिलान की सीएफएसएल रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार यह रिपोर्ट अभी तक दाखिल नहीं कर सकी है।