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झज्जर बनेगा इंद्रजीत के राजनीतिक बदलाव का गवाह
झज्जर/अमित पोपली
Updated Sat, 28 Dec 2013 11:12 PM IST
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कांग्रेस से आगामी चुनाव न लड़ने की घोषणा करके बागी तेवर दिखा चुके सांसद राव इंद्रजीत सिंह के अगले कदम का हर किसी को इंतजार है।
भाजपा के साथ बढ़ती नजदीकियों, इनेलो के मंच पर दस्तक और स्वयं के हरियाणा इंसाफ मंच के विस्तार के चलते संशय की स्थिति बनी हुई है। अब हरियाणा इंसाफ मंच की ओर से झज्जर के गांव खेड़ी में 47 एकड़ जमीन रैली के लिए बुक की गई है। यहां पर फरवरी में रैली का प्रस्ताव है। इसके लिए बाकायदा इस जमीन के मालिक किसानों को मुआवजा भी दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आठ जनवरी को सांसद झज्जर आएंगे और इस कार्यक्रम के बारे में दिशा-निर्देश देंगे। इसके बाद ही इस रैली का प्रचार किया जाएगा।
रेवाड़ी में 23 सितंबर को कांग्रेस को अलविदा कह चुके राव इंद्रजीत ने तभी घोषणा कर दी थी कि झज्जर में रैली का आयोजन किया जाएगा और इसमें ही भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद भाजपा के साथ बढ़ती नजदीकियों के कारण इस रैली पर संशय हो गया था। अब किसानों की जमीन अनुबंधित करके इस रैली के बारे में फिर से चर्चाएं शुरू हो गई है। हालांकि बताया जा रहा है कि राव इंद्रजीत यदि भाजपा ज्वाइन करते हैं तो उन्हें दिल्ली में ही वरिष्ठ भाजपा नेताओं की मौजूदगी में शामिल किया जाएगा या करनाल की भाजपा में नए साल की पहली तिमाही में प्रस्तावित रैली में बुलाया जाएगा। इसके बाद वे झज्जर में शक्ति प्रदर्शन कर सकते हैं।
यहां की गई है जमीन बुक
रैली के लिए झज्जर के साथ लगने वाले गांव खेड़ी में 47 एकड़ जमीन को किसानों के साथ अनुबंधित कर लिया गया है। बाकायदा, इस अनुबंध के तहत उनके प्रतिनिधि की ओर से दस-दस हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा भी संबंधित किसानों को दिया गया है। 23 दिसंबर को हुए करार ने इस बात को पुख्ता कर दिया है कि झज्जर प्रदेश में होने वाले बड़े राजनीतिक बदलाव का गवाह बनेगा।
किसान नहीं कर पाएंगे जमीन पर खेती
हरियाणा इंसाफ मंच के जिला प्रमुख डॉ. रामौैत्तार ने बताया कि उनकी ओर से 47 एकड़ का मैदान रैली स्थल के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि पार्किंग की व्यवस्था को वैकल्पिक रूप से संबंधित मार्गों पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुबंध के आधार पर संबंधित किसान अप्रैल माह तक अपनी जमीन पर किसी प्रकार की कोई भी खेती नहीं कर पाएंगे और उन्हें इस दौरान उनकी जमीन के प्रयोग को लेकर भी कोई एतराज नहीं होगा।
घोषणा के बाद चलाएंगे प्रचार अभियान
हरियाणा इंसाफ मंच के जिला प्रमुख डॉ. रामौत्तार ने बताया कि झज्जर रैली की घोषणा के साथ ही इसके प्रचार में तेजी लाई जाएगी। शीघ्र ही राव इंद्रजीत सिंह झज्जर आएंगे और अपने समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश देंगे। डॉ. रामौत्तार ने बताया कि अभी तक के संदेशों से यह पता चला है कि रैली में देश एवं प्रदेश के कई बड़े दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे।
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भाजपा के साथ बढ़ती नजदीकियों, इनेलो के मंच पर दस्तक और स्वयं के हरियाणा इंसाफ मंच के विस्तार के चलते संशय की स्थिति बनी हुई है। अब हरियाणा इंसाफ मंच की ओर से झज्जर के गांव खेड़ी में 47 एकड़ जमीन रैली के लिए बुक की गई है। यहां पर फरवरी में रैली का प्रस्ताव है। इसके लिए बाकायदा इस जमीन के मालिक किसानों को मुआवजा भी दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आठ जनवरी को सांसद झज्जर आएंगे और इस कार्यक्रम के बारे में दिशा-निर्देश देंगे। इसके बाद ही इस रैली का प्रचार किया जाएगा।
रेवाड़ी में 23 सितंबर को कांग्रेस को अलविदा कह चुके राव इंद्रजीत ने तभी घोषणा कर दी थी कि झज्जर में रैली का आयोजन किया जाएगा और इसमें ही भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद भाजपा के साथ बढ़ती नजदीकियों के कारण इस रैली पर संशय हो गया था। अब किसानों की जमीन अनुबंधित करके इस रैली के बारे में फिर से चर्चाएं शुरू हो गई है। हालांकि बताया जा रहा है कि राव इंद्रजीत यदि भाजपा ज्वाइन करते हैं तो उन्हें दिल्ली में ही वरिष्ठ भाजपा नेताओं की मौजूदगी में शामिल किया जाएगा या करनाल की भाजपा में नए साल की पहली तिमाही में प्रस्तावित रैली में बुलाया जाएगा। इसके बाद वे झज्जर में शक्ति प्रदर्शन कर सकते हैं।
यहां की गई है जमीन बुक
रैली के लिए झज्जर के साथ लगने वाले गांव खेड़ी में 47 एकड़ जमीन को किसानों के साथ अनुबंधित कर लिया गया है। बाकायदा, इस अनुबंध के तहत उनके प्रतिनिधि की ओर से दस-दस हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा भी संबंधित किसानों को दिया गया है। 23 दिसंबर को हुए करार ने इस बात को पुख्ता कर दिया है कि झज्जर प्रदेश में होने वाले बड़े राजनीतिक बदलाव का गवाह बनेगा।
किसान नहीं कर पाएंगे जमीन पर खेती
हरियाणा इंसाफ मंच के जिला प्रमुख डॉ. रामौैत्तार ने बताया कि उनकी ओर से 47 एकड़ का मैदान रैली स्थल के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि पार्किंग की व्यवस्था को वैकल्पिक रूप से संबंधित मार्गों पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुबंध के आधार पर संबंधित किसान अप्रैल माह तक अपनी जमीन पर किसी प्रकार की कोई भी खेती नहीं कर पाएंगे और उन्हें इस दौरान उनकी जमीन के प्रयोग को लेकर भी कोई एतराज नहीं होगा।
घोषणा के बाद चलाएंगे प्रचार अभियान
हरियाणा इंसाफ मंच के जिला प्रमुख डॉ. रामौत्तार ने बताया कि झज्जर रैली की घोषणा के साथ ही इसके प्रचार में तेजी लाई जाएगी। शीघ्र ही राव इंद्रजीत सिंह झज्जर आएंगे और अपने समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश देंगे। डॉ. रामौत्तार ने बताया कि अभी तक के संदेशों से यह पता चला है कि रैली में देश एवं प्रदेश के कई बड़े दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे।