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Haryana: अब कर्मचारियों को सरकार देगी लोन, इस दिन से लागू होगी व्यवस्था; ब्याज दरों और शर्तों में मिलेगी राहत
Sat, 09 May 2026 11:03 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sat, 09 May 2026 11:03 PM IST
सार
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में इन ऋणों का पोर्टफोलियो पीएनबी को सौंप दिया था। इसके बाद लगभग दस वर्षों तक कर्मचारियों को बैंक के जरिए ही लोन मिलता रहा।
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सीएम सैनी
- फोटो : ANI
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विस्तार
हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए दी जाने वाली ऋण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से लोन देने की व्यवस्था समाप्त करने का फैसला किया है। अब 1 जून से कर्मचारियों को मकान, वाहन, कंप्यूटर और विवाह ऋण सीधे राज्य सरकार के बजट से उपलब्ध करवाया जाएगा। बीते दिनों मंत्रिमंडल ने भी इसकी मंजूरी दे दी थी। अब वित्त विभाग ने इस व्यवस्था को अगले महीने से लागू करने की घोषणा कर दी है।
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में इन ऋणों का पोर्टफोलियो पीएनबी को सौंप दिया था। इसके बाद लगभग दस वर्षों तक कर्मचारियों को बैंक के जरिए ही लोन मिलता रहा। अब वित्त विभाग ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। सात मई 2026 को जारी आदेश में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि पात्र कर्मचारियों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक फंड विभागों को उपलब्ध करवाया जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 मई तक पीएनबी से ऋण लेने वाले कर्मचारियों की ईएमआई और पुनर्भुगतान पहले की तरह बैंक को ही जारी रहेगा। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक सरकार और बैंक के बीच पूरा वित्तीय मिलान नहीं हो जाता। इस बदलाव की अधिसूचना 2 अप्रैल को हरियाणा सरकारी राजपत्र में प्रकाशित की जा चुकी थी। माना जा रहा है कि सरकारी खजाने से सीधे लोन मिलने पर कर्मचारियों को ब्याज दरों और शर्तों में अधिक राहत मिल सकती है।
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हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में इन ऋणों का पोर्टफोलियो पीएनबी को सौंप दिया था। इसके बाद लगभग दस वर्षों तक कर्मचारियों को बैंक के जरिए ही लोन मिलता रहा। अब वित्त विभाग ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। सात मई 2026 को जारी आदेश में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि पात्र कर्मचारियों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक फंड विभागों को उपलब्ध करवाया जाएगा।
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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 मई तक पीएनबी से ऋण लेने वाले कर्मचारियों की ईएमआई और पुनर्भुगतान पहले की तरह बैंक को ही जारी रहेगा। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक सरकार और बैंक के बीच पूरा वित्तीय मिलान नहीं हो जाता। इस बदलाव की अधिसूचना 2 अप्रैल को हरियाणा सरकारी राजपत्र में प्रकाशित की जा चुकी थी। माना जा रहा है कि सरकारी खजाने से सीधे लोन मिलने पर कर्मचारियों को ब्याज दरों और शर्तों में अधिक राहत मिल सकती है।
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