हरियाणा में बदला मौसम: रतिया और भिवानी में ओले गिरने से ठंड का एहसास; किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम में आए बदलाव के बीच मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। ठंडी हवाओं के कारण सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ने की संभावना है।
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हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। दिनभर खिली धूप के बाद शाम होते ही बादल छा गए और कई क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि हुई। रतिया क्षेत्र के नागपुर, अजीतनगर, मढ़ सहित अनेक गांवों में भारी ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है। वहीं, मंडियों में खुले में पड़ी धान की फसल भी बारिश और ओलों की चपेट में आ गई। अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
क्षेत्र में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर बाद आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई थी। शाम होते-होते तेज ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिससे तापमान में गिरावट के साथ मौसम में ठंडक बढ़ गई। शाम के समय बाजारों में निकले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों को भी ठंडी हवाओं का सामना करना पड़ा। मौसम में आए बदलाव से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन ठंड का अहसास भी बढ़ने लगा है।
पककर तैयार धान की फसल पर ओलावृष्टि की मार
किसान नेता गुरु चरण सिंह और अमन निर्भय ने कहा कि खेतों में धान की फसल पककर तैयार खड़ी है। ऐसे समय में बारिश और ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसान पहले ही धान की खरीद और उठान संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। अब मौसम की मार ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मंडियों में खुले में रखी धान की फसल प्रभावित होने से भी किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एक लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग
पगड़ी संभाल जट्टा के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप सिंह नथवान ने प्रदेश सरकार से ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को एक लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल के साथ मंडियों में रखी धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है।
मनदीप सिंह नथवान ने बताया कि रविवार को संगठन के प्रतिनिधि गांव-गांव जाकर किसानों से मिलेंगे और फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेंगे। इसके बाद किसानों की स्थिति और उनकी समस्याओं के आधार पर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करवाने के लिए संगठन संघर्ष करेगा। सरकार को प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का उचित आकलन करवाकर किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
पश्चिमी विक्षोभ से और गिर सकता है तापमान
मौसम में आए बदलाव के बीच मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। ठंडी हवाओं के कारण सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ने की संभावना है।