कांग्रेस महारैली पर सियासत: सीएम सैनी का राहुल पर हमला, मोहब्बत की दुकान के नारे पर याद करवाया इमरजेंसी का दौर
एक नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की महारैली को लेकर सियासत गरमा गई है। सीएम सैनी ने राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा मोहब्बत की दुकान का नारा देने वाले इमरजेंसी के दौर को भी याद कर लें। डिटेल में पढ़ें खबर...
विस्तार
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले नारे पर निशाना साधते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों और 1975 में लगाए गए आपातकाल का जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि जब सिख दंगों से प्रभावित परिवार मुश्किलों का सामना कर रहे थे और आपातकाल के दौरान लोगों को जेलों में बंद किया जा रहा था, तब राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ कहां थी? सैनी ने कहा कि राहुल गांधी को इतिहास के इन अध्यायों को भी स्वीकार करना चाहिए।
#WATCH Chandigarh: Haryana Chief Minister Nayab Singh Saini said, "Rahul Gandhi talks about the shop of love, but I want to ask him one question: Where was this ‘Mohabbat Ki Dukaan’ when the families affected by the 1984 anti-Sikh riots were suffering? It should have been opened for them as well. Where was this shop when Indira Gandhi imposed the Emergency in 1975, and people were forced to live in fear, confined to jails and unable to return to their homes? Why was this shop of love not opened then? Rahul Gandhi should acknowledge these chapters of history as well. Prime Minister Narendra Modi has given poor people the right to access healthcare worth ₹5 lakh, allowing them to seek treatment with dignity and hold their heads high. He has provided homes to mothers who dreamt of having a roof over their heads. He has wiped away the tears of women who suffered from smoke while cooking by providing them with LPG cylinders. He has also provided toilets to women who previously had to wait until sunset to relieve themselves with dignity. That, to me, is the real ‘Mohabbat Ki Dukaan’, an initiative that brings the country together..."
— ANI (@ANI) October 24, 2026विज्ञापन
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी विपक्षी गठबंधन की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ महारैली से पहले आई है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने भी रैली की तैयारियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की है।
1984 के दंगों और इमरजेंसी का किया जिक्र
नायब सिंह सैनी ने कहा कि राहुल गांधी अक्सर ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात करते हैं, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान पीड़ित परिवारों के लिए यह दुकान क्यों नहीं खोली गई। उन्होंने 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लोगों को भय के माहौल में रहना पड़ा, उन्हें जेलों में बंद किया गया और कई लोग अपने घरों तक नहीं लौट पाए। सैनी ने कहा कि राहुल गांधी को इन घटनाओं पर भी अपनी बात रखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने राहुल गांधी को राजनीति में आगे बढ़ाने के कई प्रयास किए, लेकिन उनके मुताबिक ये प्रयास सफल नहीं हुए। उन्होंने राहुल गांधी के राजनीतिक सफर की तुलना ऐसे रॉकेट से की, जो उड़ान भरते ही विफल हो गया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों को पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य उपचार की सुविधा देना, जरूरतमंद परिवारों को घर उपलब्ध करवाना और महिलाओं को एलपीजी गैस सिलेंडर देना ही उनके अनुसार असली ‘मोहब्बत की दुकान’ है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से गरीबों को सम्मान के साथ इलाज कराने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को पक्के घर उपलब्ध करवाए गए हैं। वहीं, उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन देकर खाना बनाते समय धुएं से होने वाली परेशानी से राहत देने का प्रयास किया गया है।सैनी ने महिलाओं के लिए शौचालयों की सुविधा उपलब्ध करवाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य लोगों को सम्मानजनक जीवन देना और देश को एकजुट करना है। मुख्यमंत्री ने इन्हीं प्रयासों को वास्तविक ‘मोहब्बत की दुकान’ बताया।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी महारैली
कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की प्रस्तावित महारैली का मुख्य मुद्दा कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विरोध है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी अपना विरोध जताया है। रैली से पहले पार्टी नेतृत्व तैयारियों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने में जुटा है।