{"_id":"10221f221800ae0a478f56580dbe7075","slug":"sheen-of-real-estate","type":"story","status":"publish","title_hn":"रियल इस्टेट की चमक फीकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रियल इस्टेट की चमक फीकी
अमित कुमार
Updated Wed, 23 Oct 2013 08:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंदी की मार झेल रहे रियल एस्टेट को दीपावली पर भी उत्साहजनक उछाल नहीं मिल रहा है। सामान्य दिनों की अपेक्षा त्योहारों के इस सीजन में आशियानों की बिक्री महज 20 फीसदी बढ़ी है। विशेषज्ञों की मानें तो एनसीआर में गुड़गांव ऐसा पहला शहर है, जहां बिना बिके मकानों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।
विज्ञापन
रियल एस्टेट के लिए नवरात्र से दीपावली तक का समय गोल्डन टाइम माना जाता है। ज्यादातर लोग घर खरीदने के लिए यही समय चुनते हैं। इसी को देखते हुए रियल इस्टेट ने इस साल जुलाई तक 11,955 फ्लैट्स लांच किए थे।
विज्ञापन
नवरात्र के बाद शुरुआती चरण में निवेशकों के बीच काफी उत्साह देखा गया, लेकिन इनमें से 80 फीसदी लोगों ने कदम वापस खींच लिए। प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में केवल 20 फीसदी लोग ही हैं, जो आवासीय परियोजनाओं में गंभीर रुझान दिखा रहे हैं।
विज्ञापन
15 फीसदी रिसेल के निवेशक
प्रॉपर्टी विशेषज्ञ कार्तिक तिवारी बताते हैं कि 20 में से 15 फीसदी निवेशक ऐसे हैं, जिन्हें आगे चलकर प्रोजेक्ट बेचने हैं। महज पांच फीसदी लोग रहने के लिए निवेश कर रहे हैं। रिसेल करने वाले अक्सर उस समय निवेश करते हैं, जब सामान्य खरीदार पीछे हट जाते हैं। चूंकि सामान्य खरीददार कम आ रहे हैं, लिहाजा रिसेल निवेशक भी पीछे हट गए हैं।
पिछले साल की तुलना में कम प्रोजेक्ट
रियल एस्टेट शोध फर्म प्राप इक्विटी के मुताबिक गुड़गांव में पिछले साल 19310 फ्लैट्स लांच किए गए थे। इस साल 7355 फ्लैट्स कम लांच किए गए। नए प्रोजेक्ट की लांचिंग में यह गिरावट 38 फीसदी थी। इसके बावजूद खरीदार नहीं मिल पा रहे हैं।
प्रतिक्रियाएं
आवासीय प्रोजेक्ट की बिक्री में नवरात्र से अब तक 20 फीसदी का ही उछाल है। यही हाल रहा तो नई आवासीय परियोजनाएं शुरू करने में खासी परेशानी आएगी।
-आशीष गुप्ता, संयुक्त प्रबंध निदेशक, गोल्ड सूक
अर्थव्यवस्था में नरमी के कारण निवेशक अब जोखिम लेने से बचने लगे हैं। ऐसे समय पर ही निवेश होता है, जब लाभ की संभावना का प्रतिशत सबसे ज्यादा रहे। रियल इस्टेट को इस चुनौती भरे दौर का सामना करना पड़ रहा है।
-अजय सिंघल, निदेशक, एवलॉन ग्रुप