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गड़बड़ी की जांच से पहले ही प्रमोशन
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 11 Nov 2013 10:06 PM IST
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दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में करीब चार करोड़ के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोपी को जांच पूरी होने से पहले से पदोन्नति मिल गई।
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हिसार बिजली निगम मुख्यालय को शिकायत मिली थी कि गुड़गांव के कादीपुर सब डिविजन के एसडीओ मनोज यादव ने 2007 से 2009 के बीच बिलिंग में भारी गड़बड़ी की है।
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इस पर एक स्पेशल ऑडिट टीम बनाकर मामले की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि बिलिंग में कई अनियमितताएं बरती गईं। इन दो साल में 702 उपभोक्ताओं ने चेक से अपने बिल जमा कराए।
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बैंक ने इन चेक को अस्वीकृत कर दिया। एसडीओ ने इनका किसी तरह का रिकार्ड नहीं रखा है। इससे बिजली निगम को एक करोड़ 13 लाख 97 हजार रुपये का नुकसान हुआ।
एसडीओ ने इन दो साल के कार्यकाल में दो कंपनियों पर छापा मारकर बिजली चोरी पकड़ी थी। इसमें किसी तरह का जुर्माना नहीं वसूला। चोरी के करीब 80 मामलों में दोषियों पर एफआईआर नहीं कराई। इससे करीब 45 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ।
रिपोर्ट के अनुसार एसडीओ ने करीब चार करोड़ नौ लाख रुपये का राजस्व नुकसान पहुंचाया। ऑडिट रिपोर्ट के बाद एसडीओ पर ब्याज के पैसे की वसूली के लिए नोटिस भेजा गया। उन्होंने न तो इस संबंध में कोई कारण बताया, न ही ब्याज के पैसे जमा कराए। इसके बाद भी उन्हें प्रमोशन दे दिया गया।
इस संबंध में बिजली निगम के निदेशक विजय चौधरी ने कहा कि इस गंभीर आरोप के बाद मनोज यादव को चार्जशीट किया गया था। जांच अभी भी चल रही है। अंतिम फैसला होने के बाद ही उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी।