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एनएसजी का 29वां स्थापना दिवस
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 16 Oct 2013 08:25 PM IST
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एनएसजी के 29वें स्थापना दिवस पर गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि एनएसजी हर चुनौतियों का जवाब देने में सक्षम है। एनएसजी को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जाएंगे।
बुधवार को मानेसर में एनएसजी के स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर आरपीएन सिंह ने संबोधित किया। गृह राज्यमंत्री ने कहा कि देश में आतंकवाद का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। यह खतरा सीमाओं से बढ़कर विश्व के हर हिस्से में पहुंच रहा है। अलगाववादी ताकतें भी देश की सुरक्षा को चुनौती दे रही हैं।
हमें पारंपरिक विधियों के अलावा आधुनिक तरीकों को भी अपनाना होगा। इन सभी से लड़ने के लिए एनएसजी अपनी विशेष भूमिका अदा कर रही है। उन्होंने कहा कि एनएसजी को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी लगातार बदलाव किए जा रहे हैं।
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मुंबई में 26 नवंबर के हमले का मुंहतोड़ जवाब देकर इस बल ने अपनी बहादुरी को साबित किया। हम आतंकवाद का जवाब देने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ऑपरेशन में शहीद हुए जवानों को अशोक चक्र से सम्मानित किया।
एनएसजी के महानिदेशक अरविंद रंजन ने कहा कि एनएसजी देश के सभी प्रदेशों को बम निरोधी प्रशिक्षण दे रहा है। एनएसजी की ओर से पुलिस व अन्य संगठनों से जुड़े ज्यादा से ज्यादा लोगों को बम निष्क्रिय करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्य अतिथि ने इस दौरान द ब्लैक कैट नाम की एनएसजी की पत्रिका का भी विमोचन किया। वहीं, एनएसजी के जवानों ने किसी भी आपात स्थिति में निपटने के अपने करतब भी दिखाए। आतंकवादियों की ओर से अस्पताल व मॉल में लोगों को बंधक बनाने की घटना से कमांडो कैसे निपटते हैं, इसका खास प्रदर्शन किया गया।
इनके परिजनों को मिला सम्मान
: मेजर एस यूनिकृष्ण मुंबई के आतंकी हमले में शहीद हुए।
: सुरेश चंद्र यादव अक्षरधाम के ऑपरेशन बज्र शक्ति में शहीद हुए।
: कमांडो सर्जन सिंह अक्षरधाम मंदिर में ऑपरेशन बज्र के दौरान शहीद हुए।
नेताओं की सुरक्षा के लिए विशेष ट्रेनिंग
रैली के दौरान वीआईपी पर हमले व उनके विरोध प्रदर्शन के साथ काफिले पर होने वाले हमले को लेकर ब्लैक कैट कमांडो को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एनएसजी के प्रदर्शन में वीआईपी की सुरक्षा खास आकर्षण रहा है।
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बुधवार को मानेसर में एनएसजी के स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर आरपीएन सिंह ने संबोधित किया। गृह राज्यमंत्री ने कहा कि देश में आतंकवाद का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। यह खतरा सीमाओं से बढ़कर विश्व के हर हिस्से में पहुंच रहा है। अलगाववादी ताकतें भी देश की सुरक्षा को चुनौती दे रही हैं।
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हमें पारंपरिक विधियों के अलावा आधुनिक तरीकों को भी अपनाना होगा। इन सभी से लड़ने के लिए एनएसजी अपनी विशेष भूमिका अदा कर रही है। उन्होंने कहा कि एनएसजी को आधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी लगातार बदलाव किए जा रहे हैं।
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मुंबई में 26 नवंबर के हमले का मुंहतोड़ जवाब देकर इस बल ने अपनी बहादुरी को साबित किया। हम आतंकवाद का जवाब देने के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ऑपरेशन में शहीद हुए जवानों को अशोक चक्र से सम्मानित किया।
एनएसजी के महानिदेशक अरविंद रंजन ने कहा कि एनएसजी देश के सभी प्रदेशों को बम निरोधी प्रशिक्षण दे रहा है। एनएसजी की ओर से पुलिस व अन्य संगठनों से जुड़े ज्यादा से ज्यादा लोगों को बम निष्क्रिय करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्य अतिथि ने इस दौरान द ब्लैक कैट नाम की एनएसजी की पत्रिका का भी विमोचन किया। वहीं, एनएसजी के जवानों ने किसी भी आपात स्थिति में निपटने के अपने करतब भी दिखाए। आतंकवादियों की ओर से अस्पताल व मॉल में लोगों को बंधक बनाने की घटना से कमांडो कैसे निपटते हैं, इसका खास प्रदर्शन किया गया।
इनके परिजनों को मिला सम्मान
: मेजर एस यूनिकृष्ण मुंबई के आतंकी हमले में शहीद हुए।
: सुरेश चंद्र यादव अक्षरधाम के ऑपरेशन बज्र शक्ति में शहीद हुए।
: कमांडो सर्जन सिंह अक्षरधाम मंदिर में ऑपरेशन बज्र के दौरान शहीद हुए।
नेताओं की सुरक्षा के लिए विशेष ट्रेनिंग
रैली के दौरान वीआईपी पर हमले व उनके विरोध प्रदर्शन के साथ काफिले पर होने वाले हमले को लेकर ब्लैक कैट कमांडो को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एनएसजी के प्रदर्शन में वीआईपी की सुरक्षा खास आकर्षण रहा है।