फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   heavy rain in cyber city

पानी-पानी हुई साइबर सिटी

Fri, 11 Oct 2013 08:35 PM IST
अमर उजाला, गुड़गांव
अमर उजाला, गुड़गांव Updated Fri, 11 Oct 2013 08:35 PM IST
विज्ञापन
heavy rain in cyber city

साइबर सिटी बुधवार को हुई तेज बरसात में पूरी तरह से जलमग्न हो गई। केवल कॉलोनियां ही नहीं, बल्कि पॉश इलाकों में भी बरसाती पानी घरों के भीतर तक घुस गया। जलभराव के कारण जहां जगह-जगह जाम लगा, वहीं दैनिक जीवन भी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा।

विज्ञापन


जिले में बृहस्पतिवार की मध्यरात्रि तक मौसम ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया था, जिसे देखकर बरसात का अंदाजा लग पाता। सुबह साढ़े छह बजे तक केवल ठंडी हवा ही चल रही थी। अभी बमुश्किल आधा घंटा गुजरा होगा कि अचानक बरसात शुरू हो गई। लोगों को उम्मीद थी कि बरसात जल्द थम जाएगी।
विज्ञापन


साढ़े सात बजे ऐसा हुआ भी, लेकिन आधे घंटे बाद ही बरसात दोबारा शुरू हो गई। इस बार तो ऐसी झड़ी लगी कि एक घंटे से भी कम समय में शहर को जलमग्न कर दिया।

पटेल नगर, प्रेम नगर, मियांवाली कॉलोनी, शीतला कॉलोनी जैसे निचले इलाकों के अलावा, ओल्ड सिटी के महावीर चौक, सिविल अस्पताल, खांडसा रोड, बसई चौक, हीरो होंडा चौक भी पूरी तरह से जलमग्न नजर आए। बरसात ने सेक्टरों में जल निकासी के दावों की भी खूब पोल खोली।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेक्टर चार, पांच, सात एक्सटेंशन, 14, 15 पार्ट वन व टू, 31, 32, 38, 39, 40 समेत डीएलएफ और सुशांत लोक में भी कई स्थानों पर भारी जलभराव हुआ।

एक्सप्रेस-वे पर जाम
जलभराव से एक्सप्रेस-वे पर जाम की स्थिति बन गई। एक्सप्रेस-वे पर सरहौल टोल से खेड़कीदौला व मानेसर तक वाहन रेंगते हुए गुजरे। सबसे बुरा हाल एक्सप्रेस-वे पर हीरो होंडा चौक का था। यहां तीन से चार फुट पानी जमा हो गया। इससे एक्सप्रेस-वे और सर्विस लेन पर भी वाहनों का जमावड़ा लग गया। यहां आवाजाही सामान्य करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। बरसात रुकने के बाद शाम को ठंडी हवा चली। मौसम विभाग ने रविवार तक बरसात जारी रहने की संभावना व्यक्त की है।


बरसात के साइड इफेक्ट
-सुबह बरसात होने की वजह से लोगों को ऑफिस जाने में खासी परेशानी आई।
-बरसात के कारण लोग अष्टमी के लिए सुबह खरीददारी नहीं कर पाए। बाजार सूने रहे।
-रामलीला के पंडालों में पानी भर गया। पर्दे भीगने से रामलीला मंचन में परेशानी रही।
-कई जगह रावण के पुतले बनाए जा रहे थे, जिन्हें काफी नुकसान पहुंचा है।
-जलभराव की वजह से दोबारा से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ गई है।
-बरसात से हवा में नमी बढ़ी है। नमी बढ़ने से संक्रमित बीमारियों का फैलना तय।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed