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प्रदूषण रहित उद्योगों को एनओसी से राहत
Gurgaon
Updated Tue, 05 Mar 2013 05:30 AM IST
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गुड़गांव। प्रदूषण रहित उद्योगों को अब विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे उद्योग मालिकों को केवल शपथ पत्र देना होगा। इसमें लिखा होगा कि यह उद्योग प्रदूषण रहित है। श्रम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर सोमवार को एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस मौके पर अतिरिक्त श्रम आयुक्त नरेश नरवाल ने अपने संबोधन में कहा कि श्रम विभाग की ओर से फैक्टरी लाइसेंस और बिल्डिंग प्लान स्वीकृत करने के मामले समयबद्ध तरीके से निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैर प्रदूषण वाले उद्योगों को अब हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लाने की आवश्यकता नहीं है। उनके लिए केवल एक शपथ पत्र देना काफी है, जिसमें यह लिखा हो कि उद्योग प्रदूषण रहित है।
आधुनिक युग में उद्योगों को सफलतापूर्वक चलाने के लिए कॉरपोरेट और सरकारी, दोनों तरह की विचार धाराओं में सामंजस्य बैठाना जरूरी है। 250 से अधिक श्रमिकों वाली कंपनी में क्रेच बनाया जाना जरूरी होगा। ऐसा न होने पर ऐसी कंपनियों को लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।
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सुरक्षा उपायों की दी जानकारी
विशेषज्ञ संजय मिश्रा ने उद्यमियों को सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उद्योग में काम करने वाले सभी कामगारों को सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी होगी तो नुकसान का भय कम रहता है। उद्योग में काम करने वाले हर व्यक्ति के पास पहचान-पत्र होना चाहिए, जिसमें उसका ब्लड ग्रुप, फोन नंबर आदि लिखा हो, ताकि आपात स्थिति में उस जानकारी से उसकी जान बचाई जा सके। औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक अनुराग गहलावत ने बिल्डिंग प्लान और फैक्टरी एक्ट के तहत प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। एमएस मान ने ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को समझाया। इस अवसर पर उप श्रमायुक्त डा. अनुराधा लांबा व जेपी मान, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहायक निदेशक आरके मलिक, एएस देशवाल सहित विभाग के अधिकारीगण और उद्यमी उपस्थित थे।
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राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर सोमवार को एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस मौके पर अतिरिक्त श्रम आयुक्त नरेश नरवाल ने अपने संबोधन में कहा कि श्रम विभाग की ओर से फैक्टरी लाइसेंस और बिल्डिंग प्लान स्वीकृत करने के मामले समयबद्ध तरीके से निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गैर प्रदूषण वाले उद्योगों को अब हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लाने की आवश्यकता नहीं है। उनके लिए केवल एक शपथ पत्र देना काफी है, जिसमें यह लिखा हो कि उद्योग प्रदूषण रहित है।
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आधुनिक युग में उद्योगों को सफलतापूर्वक चलाने के लिए कॉरपोरेट और सरकारी, दोनों तरह की विचार धाराओं में सामंजस्य बैठाना जरूरी है। 250 से अधिक श्रमिकों वाली कंपनी में क्रेच बनाया जाना जरूरी होगा। ऐसा न होने पर ऐसी कंपनियों को लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।
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सुरक्षा उपायों की दी जानकारी
विशेषज्ञ संजय मिश्रा ने उद्यमियों को सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उद्योग में काम करने वाले सभी कामगारों को सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी होगी तो नुकसान का भय कम रहता है। उद्योग में काम करने वाले हर व्यक्ति के पास पहचान-पत्र होना चाहिए, जिसमें उसका ब्लड ग्रुप, फोन नंबर आदि लिखा हो, ताकि आपात स्थिति में उस जानकारी से उसकी जान बचाई जा सके। औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक अनुराग गहलावत ने बिल्डिंग प्लान और फैक्टरी एक्ट के तहत प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। एमएस मान ने ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को समझाया। इस अवसर पर उप श्रमायुक्त डा. अनुराधा लांबा व जेपी मान, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहायक निदेशक आरके मलिक, एएस देशवाल सहित विभाग के अधिकारीगण और उद्यमी उपस्थित थे।