{"_id":"138-30177","slug":"Gurgaon-30177-138","type":"story","status":"publish","title_hn":"वॉल्वो बस में भी नहीं हैं सुरक्षा के इंतजाम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वॉल्वो बस में भी नहीं हैं सुरक्षा के इंतजाम
Gurgaon
Updated Wed, 16 Jan 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड़गांव। माहभर पहले वाया दिल्ली एयरपोर्ट चंडीगढ़ के लिए शुरू की गई वॉल्वो बसों में भी सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं।
दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद रोडवेज विभाग ने बसों में सुरक्षा को लेकर पुख्ता बंदोबस्त करने का दावा किया था, लेकिन अभी तक वॉल्वो बसों में भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। हालांकि, चालक की सुविधा के लिए बस के पिछले हिस्से में महज एक कैमरा लगा है। इससे बस को पीछे करते समय कोई दिक्कत न होती है। यह दीगर है कि मनोरंजन के लिए म्युजिक सिस्टम के साथ फिल्म देखने का प्रबंध है।
उधर, सेवा शुरू होने से पूर्व यात्रियों को कई खास सुविधाएं देने का दम भरा गया था। इनमें से एक यात्रियों को पसंद के अनुसार एक हिंदी या अंग्रेजी अखबार पढ़ने की सुविधा देनी थी। लेकिन, कुछ दिनों बाद ही यह सेवा बंद कर दी गई। अब विभाग की पसंद के अखबार से ही यात्रियों को संतोष करना पड़ रहा है। इसके अलावा बोतलबंद पानी और सीट के पास मोबाइल चार्जिंग के लिए लगे स्विच की सेवा भी दम तोड़ती नजर आ रही है। दूसरी ओर, चालक-परिचालक की वर्दी भी अब उतर गई है। इक्का-दुक्का चालक-परिचालक ही वर्दी का इस्तेमाल करते हैं। इस संबंध में एक चालक ने बताया कि सर्दी के कपड़े नहीं दिए जाते, इसलिए दूसरे कपड़ों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
विज्ञापन
दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद रोडवेज विभाग ने बसों में सुरक्षा को लेकर पुख्ता बंदोबस्त करने का दावा किया था, लेकिन अभी तक वॉल्वो बसों में भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। हालांकि, चालक की सुविधा के लिए बस के पिछले हिस्से में महज एक कैमरा लगा है। इससे बस को पीछे करते समय कोई दिक्कत न होती है। यह दीगर है कि मनोरंजन के लिए म्युजिक सिस्टम के साथ फिल्म देखने का प्रबंध है।
उधर, सेवा शुरू होने से पूर्व यात्रियों को कई खास सुविधाएं देने का दम भरा गया था। इनमें से एक यात्रियों को पसंद के अनुसार एक हिंदी या अंग्रेजी अखबार पढ़ने की सुविधा देनी थी। लेकिन, कुछ दिनों बाद ही यह सेवा बंद कर दी गई। अब विभाग की पसंद के अखबार से ही यात्रियों को संतोष करना पड़ रहा है। इसके अलावा बोतलबंद पानी और सीट के पास मोबाइल चार्जिंग के लिए लगे स्विच की सेवा भी दम तोड़ती नजर आ रही है। दूसरी ओर, चालक-परिचालक की वर्दी भी अब उतर गई है। इक्का-दुक्का चालक-परिचालक ही वर्दी का इस्तेमाल करते हैं। इस संबंध में एक चालक ने बताया कि सर्दी के कपड़े नहीं दिए जाते, इसलिए दूसरे कपड़ों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
विज्ञापन