{"_id":"138-27186","slug":"Gurgaon-27186-138","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली पर रोडवेज ने की राह आसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली पर रोडवेज ने की राह आसान
Gurgaon
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
गुड़गांव। दिवाली पर मुसाफिरों की राह आसान करने के लिए रोडवेज ने खास तैयारी की है। इसके लिए सिटी बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। फेरों की संख्या शुक्रवार से बढ़ा दी गई है। इसके अलावा ग्रामीण रूटों के साथ-साथ करीबी शहरों तक कुछ अतिरिक्त बसें भी चलाई गई हैं। रोडवेज के जीएम यशेंद्र सिंह ने कहा कि त्योहार और वीकेंड के कारण भीड़भाड़ की संभावना को देखते हुए शुक्रवार से ही सिटी बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं। सभी रूटों पर सात से आठ मिनट की कनेक्टिविटी कर दी गई है। इससे पूर्व कनेक्टिविटी 10 से 15 मिनट की थी। भीड़भाड़ वाले रूटों पर अतिरिक्त बसें भी चलाई गई हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास चालक-परिचालकों की कमी है, ऐसे में अतिरिक्त बसें चलाने में दिक्कत हुई। चालक-परिचालकों से सहयोग मांगा गया तो सभी ने अपनी सहमति जताई। उसके बाद ही यात्रियों को यह सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि आईएमटी मानेसर से करोलबाग, रेलवे स्टेशन से वाया बस स्टेंड, एमजी रोड मैट्रो स्टेशन तक और बादशाहपुर से हुडा सिटी सेंटर तक एक-एक अतिरिक्त बस चलाई गई है। इसके अलावा बहादुरगढ़, फर्रूखनगर, झज्जर, पटौदी, सोहना के लिए कुछ अतिरिक्त बसें चलाई गई हैं।
यहां भी बेहतर सुविधा का दावा
गुड़गांव रेलवे स्टेशन के अधीक्षक आरके मीणा ने कहा कि यात्रियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सही है कि इस समय ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। दिल्ली तक यात्रियों को भेजने की पूरी व्यवस्था है। इसके अलावा राजस्थान, जम्मू, गुजरात के कुछ शहरों में जाने के लिए भी पर्याप्त संख्या में ट्रेनें हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली की बजाय छठ पर यहां से दबाव अधिक बढ़ता है।
विज्ञापन
यहां भी बेहतर सुविधा का दावा
गुड़गांव रेलवे स्टेशन के अधीक्षक आरके मीणा ने कहा कि यात्रियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सही है कि इस समय ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। दिल्ली तक यात्रियों को भेजने की पूरी व्यवस्था है। इसके अलावा राजस्थान, जम्मू, गुजरात के कुछ शहरों में जाने के लिए भी पर्याप्त संख्या में ट्रेनें हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली की बजाय छठ पर यहां से दबाव अधिक बढ़ता है।
विज्ञापन