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सरकारी नौकरियों की भर्ती में फर्जीवाड़े के विरोध में धरना
जींद/ब्यूरो
Updated Tue, 29 Oct 2013 08:08 PM IST
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हरियाणा के जिला जींद में जनवादी नौजवान सभा, एसएफआई और अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने मंगलवार को डीसी कार्यालय पर धरना दिया।
प्रदर्शनकारियों ने धरने के बाद डीसी को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि शिक्षक भर्ती बोर्ड के चेयरमैन के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए।
धरने की अध्यक्षता करते एसएफआई के जिला सचिव विक्रम सिंह ने कहा कि हरियाणा में पिछले साढ़े आठ साल में सरकारी महकमों में जितनी भी भर्ती की गई हैं, उनमें फर्जीवाड़ा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने चहेतों को नौकरियां बांटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस गड़बड़झाला को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में उजागर किया है।
विक्रम सिंह ने बताया कि न्यायालय ने पीटीआई भर्ती में कई प्रशभन चिन्ह लगाए और भर्ती को रद्द कर दिया है।
जनवादी महिला समिति की जिला सचिव डिंपल ने कहा कि सरकार ने भर्ती करते समय पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए ताकि योग्य उम्मीदवारों को नौकरियां मिल सकें।
उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़े के खिलाफ जिन लोगों ने न्यायालयों की शरण ली थी। उनका काफी पैसा बर्बाद हुआ है इसलिए प्रदेश सरकार ने उनको मुआवजा देना चाहिए।
धरने के बाद संगठनों ने अपनी बारह सूत्रीय मांगों को लेकर जींद के डीसी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में शिक्षक भर्ती बोर्ड के चैयरमैन के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार करने, भर्ती के फर्जीवाड़े पर रोक, खाली पड़े पदों को भरने, भर्ती में आरक्षण की पूरी तरह से पालना करने समेत अन्य मांग की गई है।
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प्रदर्शनकारियों ने धरने के बाद डीसी को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि शिक्षक भर्ती बोर्ड के चेयरमैन के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए।
धरने की अध्यक्षता करते एसएफआई के जिला सचिव विक्रम सिंह ने कहा कि हरियाणा में पिछले साढ़े आठ साल में सरकारी महकमों में जितनी भी भर्ती की गई हैं, उनमें फर्जीवाड़ा किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने चहेतों को नौकरियां बांटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस गड़बड़झाला को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में उजागर किया है।
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विक्रम सिंह ने बताया कि न्यायालय ने पीटीआई भर्ती में कई प्रशभन चिन्ह लगाए और भर्ती को रद्द कर दिया है।
जनवादी महिला समिति की जिला सचिव डिंपल ने कहा कि सरकार ने भर्ती करते समय पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए ताकि योग्य उम्मीदवारों को नौकरियां मिल सकें।
उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़े के खिलाफ जिन लोगों ने न्यायालयों की शरण ली थी। उनका काफी पैसा बर्बाद हुआ है इसलिए प्रदेश सरकार ने उनको मुआवजा देना चाहिए।
धरने के बाद संगठनों ने अपनी बारह सूत्रीय मांगों को लेकर जींद के डीसी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में शिक्षक भर्ती बोर्ड के चैयरमैन के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार करने, भर्ती के फर्जीवाड़े पर रोक, खाली पड़े पदों को भरने, भर्ती में आरक्षण की पूरी तरह से पालना करने समेत अन्य मांग की गई है।
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