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Fatehabad News: दिन में नौकरी, शाम को ज्ञान बांटते युवा गढ़ रहे सपनों की उड़ान
Fri, 04 Sep 2026 10:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 04 Sep 2026 10:08 PM IST
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गांव भिरड़ाना में बच्चों को पढ़ाते हुए बैंक मैनेजर सुनील रायका
फतेहाबाद। नौकरी की जिम्मेदारियों के बाद समय निकालकर दूसरों के सपनों को उड़ान देना आसान नहीं होता। गांव भिरड़ाना में कुछ युवा इसी सोच को साकार कर रहे हैं। सुबह वे कर्मचारी हैं और शाम ढलते ही शिक्षक बनकर युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाते हैं।
गांव के चौक स्थित आदर्श स्कूल परिसर में रोजाना शाम को कक्षाएं लगती हैं। इनमें 100 से अधिक युवा पढ़ाई करते हैं। खास बात यह है कि विद्यार्थियों से कोई फीस नहीं ली जाती। पढ़ाने वाले युवा भी किसी तरह का शुल्क नहीं लेते। प्रत्येक रविवार को सप्ताहभर पढ़ाए गए पाठ्यक्रम का टेस्ट लिया जाता है।
बैंक मैनेजर सुनील रायका एडवांस मैथ और इतिहास की तैयारी करवाते हैं। सचिव अमित बिश्नोई राजनीतिक विज्ञान पढ़ाते हैं। क्लर्क प्रीति भूगोल की कक्षा लेती हैं। सचिव मनोज गणित और क्लर्क मोहित रीजनिंग पढ़ाते हैं। सचिव संदीप सामान्य ज्ञान तथा सर्वजीत अर्थशास्त्र की तैयारी करवाते हैं।
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दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल प्रियंका ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को गणित पढ़ाती हैं। जो विद्यार्थी नियमित कक्षाओं में नहीं पहुंच पाते उनके लिए मिशन एजुकेशन व्हाट्स एप ग्रुप बनाया गया है। इसमें क्विज और प्रश्न साझा किए जाते हैं। विद्यार्थी इन्हें हल कर अपनी तैयारी जारी रखते हैं।
इन युवाओं की पहल सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है। यह उन विद्यार्थियों के लिए उम्मीद बन रही है जो संसाधनों की कमी के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से पीछे रह जाते हैं। नौकरी के बाद अपना समय समाज को देना बताता है कि बदलाव के लिए बड़े साधनों से ज्यादा बड़ी सोच की जरूरत होती है।
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बैंक मैनेजर की राह पर युवा
पंजाब नेशनल बैंक में मैनेजर सुनील रायका पिछले 10 सालों से बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे हैं। उनके साथ 100 से ज्यादा युवा लग चुके हैं। अब जो युवा नौकरी लग चुके हैं वह भी नए युवाओं को पढ़ा रहे हैं। सुनील रायका बताते है कि उन्होंने अलग-अलग चार चरण बनाए हुए हैं। पहले चरण में जो युवा नौकरी लग चुके है, दूसरे में जो पिछले दो से तीन साल से तैयारी कर रहे हैं, तीसरे और चौथे में नए युवा शामिल है जो कि तैयारी के लिए आते हैं।
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गांव के चौक स्थित आदर्श स्कूल परिसर में रोजाना शाम को कक्षाएं लगती हैं। इनमें 100 से अधिक युवा पढ़ाई करते हैं। खास बात यह है कि विद्यार्थियों से कोई फीस नहीं ली जाती। पढ़ाने वाले युवा भी किसी तरह का शुल्क नहीं लेते। प्रत्येक रविवार को सप्ताहभर पढ़ाए गए पाठ्यक्रम का टेस्ट लिया जाता है।
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बैंक मैनेजर सुनील रायका एडवांस मैथ और इतिहास की तैयारी करवाते हैं। सचिव अमित बिश्नोई राजनीतिक विज्ञान पढ़ाते हैं। क्लर्क प्रीति भूगोल की कक्षा लेती हैं। सचिव मनोज गणित और क्लर्क मोहित रीजनिंग पढ़ाते हैं। सचिव संदीप सामान्य ज्ञान तथा सर्वजीत अर्थशास्त्र की तैयारी करवाते हैं।
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दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल प्रियंका ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को गणित पढ़ाती हैं। जो विद्यार्थी नियमित कक्षाओं में नहीं पहुंच पाते उनके लिए मिशन एजुकेशन व्हाट्स एप ग्रुप बनाया गया है। इसमें क्विज और प्रश्न साझा किए जाते हैं। विद्यार्थी इन्हें हल कर अपनी तैयारी जारी रखते हैं।
इन युवाओं की पहल सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है। यह उन विद्यार्थियों के लिए उम्मीद बन रही है जो संसाधनों की कमी के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से पीछे रह जाते हैं। नौकरी के बाद अपना समय समाज को देना बताता है कि बदलाव के लिए बड़े साधनों से ज्यादा बड़ी सोच की जरूरत होती है।
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बैंक मैनेजर की राह पर युवा
पंजाब नेशनल बैंक में मैनेजर सुनील रायका पिछले 10 सालों से बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे हैं। उनके साथ 100 से ज्यादा युवा लग चुके हैं। अब जो युवा नौकरी लग चुके हैं वह भी नए युवाओं को पढ़ा रहे हैं। सुनील रायका बताते है कि उन्होंने अलग-अलग चार चरण बनाए हुए हैं। पहले चरण में जो युवा नौकरी लग चुके है, दूसरे में जो पिछले दो से तीन साल से तैयारी कर रहे हैं, तीसरे और चौथे में नए युवा शामिल है जो कि तैयारी के लिए आते हैं।