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एक सिगरेट बेचने पर हो सकती है एक साल की जेल
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Sun, 01 Nov 2015 11:02 PM IST
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पकड़े गए तो कम से कम एक साल की सजा भी हो सकती है। जनरल हेल्थ सर्विस के डायरेक्टर ने सभी सिविल सर्जन को पत्र जारी कर डिस्ट्रीब्यूटर, सेलर, चाय की दुकान, पनवाड़ी आदि जगहों पर चेकिंग करने के आदेश दिए हैं।
चेकिंग के दौरान अगर कोई दुकानदार लूज सिगरेट बेचते मिलता है तो उस पर सेक्शन 7 कोटपा एक्ट 2003 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सिगरेट की डिब्बी के ऊपर वार्निंग यानि स्वास्थ्य के लिए खतरनाक डिस्पले दिया होता है। दुकानदार अपने स्वार्थ के लिए डिब्बी में से लूज सिगरेट बेचना शुरू कर देते हैं जिससे डिस्पले पर दी गई वार्निंग का मतलब खत्म हो जाता है।
जिसके चलते डिब्बी में से निकालकर सिगरेट व बीड़ी बेचने पर प्रतिबंध है। लेकिन दुकानों पर इसकी बिक्री जोरों पर हो रही है। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जाहिर करते हुए इस पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
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डिब्बी पर वार्निंग डिस्पले नहीं तो भी होगी कार्रवाई
नियम के अनुसार सिगरेट की डिब्बी के ऊपर हिस्से में से 40 प्रतिशत भाग पर वार्निंग डिस्पले होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं है तो भी एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है।
ये है सजा का प्रावधान
अगर कोई भी डिस्ट्रीब्यूटर, सेलर बिना वार्निंग डिस्पले तथा लूज सिगरेट बेचते मिलता है उस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
पहली बार पकड़े जाने पर 1 साल सजा व जुर्माना तथा दूसरी बार पकड़े जाने पर 2 साल की सजा व तीन हजार रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फतेहाबाद जिले में 30 से 69 वर्ष के 1 लाख 54 हजार पुरुषों में से 73 हजार धूम्रपान करते हैं। साथ ही ये भी कहा गया है कि इनमें से 37 हजार धूम्रपान से मर जाएंगे अगर ये नहीं छोड़ते हैं।
विभाग के अनुसार तंबाकू से जिले की अर्थव्यवस्था को प्रति वर्ष 37 करोड़ रुपये की हानि हो रही है।
धूम्रपान से घट जाएगी उम्र, बढ़ जाएंगी बीमारियां
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जो लोग बीड़ी पीते हैं वे जीवन के 6 वर्ष खो देते हैं। सिगरेट पीने वाले लोग भी जीवन के 10 वर्ष खो देते हैं।
38 प्रतिशत मृत्यु टीबी की वजह से होती है।
32 प्रतिशत मृत्यु कैंसर की वजह से होती है।
31 प्रतिशत मृत्यु फेफड़ों की बीमारी से होती है।
20 प्रतिशत मृत्यु हार्टअटैक व लकवे की वजह से होती है।
25 प्रतिशत मृत्यु अन्य बीमारियों की वजह से होती है।
लूज सिगरेट बेचते पकड़ा गया तो होगी कार्रवाई
लूज सिगरेट बेचने पर प्रतिबंध है। अगर कोई सेलर या डिस्ट्रीब्यूटर बेचते हुए मिलता है तो उस पर सेक्शन 7 कोटपा एक्ट 2003 के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग की तरफ से टीमें गठित कर दी गई हैं जो जांच करेंगी।
डा. गिरीश
डिप्टी सिविल सर्जन
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चेकिंग के दौरान अगर कोई दुकानदार लूज सिगरेट बेचते मिलता है तो उस पर सेक्शन 7 कोटपा एक्ट 2003 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सिगरेट की डिब्बी के ऊपर वार्निंग यानि स्वास्थ्य के लिए खतरनाक डिस्पले दिया होता है। दुकानदार अपने स्वार्थ के लिए डिब्बी में से लूज सिगरेट बेचना शुरू कर देते हैं जिससे डिस्पले पर दी गई वार्निंग का मतलब खत्म हो जाता है।
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जिसके चलते डिब्बी में से निकालकर सिगरेट व बीड़ी बेचने पर प्रतिबंध है। लेकिन दुकानों पर इसकी बिक्री जोरों पर हो रही है। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जाहिर करते हुए इस पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
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डिब्बी पर वार्निंग डिस्पले नहीं तो भी होगी कार्रवाई
नियम के अनुसार सिगरेट की डिब्बी के ऊपर हिस्से में से 40 प्रतिशत भाग पर वार्निंग डिस्पले होना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं है तो भी एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है।
ये है सजा का प्रावधान
अगर कोई भी डिस्ट्रीब्यूटर, सेलर बिना वार्निंग डिस्पले तथा लूज सिगरेट बेचते मिलता है उस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
पहली बार पकड़े जाने पर 1 साल सजा व जुर्माना तथा दूसरी बार पकड़े जाने पर 2 साल की सजा व तीन हजार रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फतेहाबाद जिले में 30 से 69 वर्ष के 1 लाख 54 हजार पुरुषों में से 73 हजार धूम्रपान करते हैं। साथ ही ये भी कहा गया है कि इनमें से 37 हजार धूम्रपान से मर जाएंगे अगर ये नहीं छोड़ते हैं।
विभाग के अनुसार तंबाकू से जिले की अर्थव्यवस्था को प्रति वर्ष 37 करोड़ रुपये की हानि हो रही है।
धूम्रपान से घट जाएगी उम्र, बढ़ जाएंगी बीमारियां
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जो लोग बीड़ी पीते हैं वे जीवन के 6 वर्ष खो देते हैं। सिगरेट पीने वाले लोग भी जीवन के 10 वर्ष खो देते हैं।
38 प्रतिशत मृत्यु टीबी की वजह से होती है।
32 प्रतिशत मृत्यु कैंसर की वजह से होती है।
31 प्रतिशत मृत्यु फेफड़ों की बीमारी से होती है।
20 प्रतिशत मृत्यु हार्टअटैक व लकवे की वजह से होती है।
25 प्रतिशत मृत्यु अन्य बीमारियों की वजह से होती है।
लूज सिगरेट बेचते पकड़ा गया तो होगी कार्रवाई
लूज सिगरेट बेचने पर प्रतिबंध है। अगर कोई सेलर या डिस्ट्रीब्यूटर बेचते हुए मिलता है तो उस पर सेक्शन 7 कोटपा एक्ट 2003 के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग की तरफ से टीमें गठित कर दी गई हैं जो जांच करेंगी।
डा. गिरीश
डिप्टी सिविल सर्जन