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Fatehabad News: मिलों में सीधा धान भेजने पर भड़के मजदूर
Thu, 16 Oct 2025 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 16 Oct 2025 11:18 PM IST
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रतिया अनाज मंडी में हड़ताल पर बैठे मजदूर गेट बंद करते हुए। संवाद
रतिया। स्थानीय अनाज मंडी में वीरवार को कच्ची मजदूर यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने राइस शैलरों में सीधे धान भेजे जाने और मजदूरी न मिलने के विरोध में हड़ताल कर दी। हड़ताल के चलते मंडी का सारा कामकाज बंद रहा। मजदूरों ने मंडी गेट पास काटने वाले केबिन का दरवाजा भी जबरन बंद कर दिया और मार्केट कमेटी के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यूनियन के प्रधान जिले सिंह के नेतृत्व में मजदूरों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचकर वहां भी गेट बंद कर विरोध दर्ज करवाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत से धान सीधे राइस शैलरों में भेजा जा रहा है, जिससे मंडी मजदूरों को रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
जिले सिंह ने बताया कि 3 अक्तूबर को व्यापार मंडल, मजदूर यूनियन और मार्केट कमेटी अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यह तय हुआ था कि जो धान सीधे शैलर में जाएगा, उसकी मजदूरी 9 रुपये प्रति क्विंटल दी जाएगी, लेकिन अब व्यापार मंडल अपने फैसले से पीछे हट गया है और मजदूरी देने से इन्कार कर रहा है।
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मजदूरों ने आरोप लगाया कि मंडी में धान नहीं आ रहा, जबकि शैलरों में धान के ढेर लगे हैं। मजदूरों के अनुसार, अधिकारियों द्वारा राइस मिल मालिकों से मोटी रिश्वत लेकर फर्जी गेट पास काटे जा रहे हैं। बुधवार को इस पूरे मामले की शिकायत उपायुक्त से भी की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन में राजाराम, सतपाल, जॉनी, बूटा, रोही राम आदि मजदूर शामिल रहे।
मार्केट कमेटी के सचिव राजकुमार ने बताया कि मजदूरी के लिए विवाद चल रहा है। उन्होंने कहा कि मामले के समाधान के लिए व्यापार मंडल को बुलाया गया है और बातचीत के माध्यम से जल्द ही समस्या का हल निकाला जाएगा।
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यूनियन के प्रधान जिले सिंह के नेतृत्व में मजदूरों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचकर वहां भी गेट बंद कर विरोध दर्ज करवाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्केट कमेटी के अधिकारियों की मिलीभगत से धान सीधे राइस शैलरों में भेजा जा रहा है, जिससे मंडी मजदूरों को रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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जिले सिंह ने बताया कि 3 अक्तूबर को व्यापार मंडल, मजदूर यूनियन और मार्केट कमेटी अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यह तय हुआ था कि जो धान सीधे शैलर में जाएगा, उसकी मजदूरी 9 रुपये प्रति क्विंटल दी जाएगी, लेकिन अब व्यापार मंडल अपने फैसले से पीछे हट गया है और मजदूरी देने से इन्कार कर रहा है।
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मजदूरों ने आरोप लगाया कि मंडी में धान नहीं आ रहा, जबकि शैलरों में धान के ढेर लगे हैं। मजदूरों के अनुसार, अधिकारियों द्वारा राइस मिल मालिकों से मोटी रिश्वत लेकर फर्जी गेट पास काटे जा रहे हैं। बुधवार को इस पूरे मामले की शिकायत उपायुक्त से भी की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन में राजाराम, सतपाल, जॉनी, बूटा, रोही राम आदि मजदूर शामिल रहे।
मार्केट कमेटी के सचिव राजकुमार ने बताया कि मजदूरी के लिए विवाद चल रहा है। उन्होंने कहा कि मामले के समाधान के लिए व्यापार मंडल को बुलाया गया है और बातचीत के माध्यम से जल्द ही समस्या का हल निकाला जाएगा।